अपनी मां की रक्षा करना गुनाह नहीं कर्तव्य है और इसमें यदि कोई रोक टोक हो तो ये सहन नही किया जायगा।
रायपुर में रामदूत भाई अपने अधिकारों के लिए उतर चुके हैं।
सभी हिंदू सर्व समाज एवं समस्त हिंदू संगठनों
का एक साथ आकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का समय आ गया है।
#justiceforgaurakshak
Please ask your force to not persecute innocent civilian peculiarly to those doing selfless gauseva and welfare of the state. We stand for the justice of Harsh Mishra and protest against his illegal police custody. #Wesupportharshmishra#Releaseharshmishra
CMO, DGP Ashok Juneja
Regarding illegal custody of Harsh Mishra,
Those illegal traffickers afraid of being caught evades public and jumps to dried river occuring their death by accident. misevaluation of events made his arrest by your PS Incharge. @vishnudsai#Releaseharshmishra
Harsh Mishra, VP of JSRS was chasing those men along with your police with a vigilance intent has no actus reus & mens rea so he's unliable to the causation of deaths and cannot be charged to homicide. @RaipurPoliceCG @brijmohan_ag#Wesupportharshmishra#Releaseharshmishra
"हिंदू कभी निराशावादी नहीं हो सकता"
"परमेश्वर को जितना काम आपसे करवाना होगा वह करवा कर ही रहेंगे ,अपने आप लोग जुड़ते जाएंगे , इसीलिए असफलता नाम की चीज हमारे जीवन में नहीं है" - गुरुदेव
ऐसे तपोनिष्ठ गुरु के शिष्य कभी भी हार नहीं मान सकते, कभी भी निराशा से व्याप्त नहीं हो सकते |
यह देख लीजिए, वह देख लीजिए। ऐसे सौ सफाई से कुछ नही होना है। उक्त घटना के पहले गुरुदेव ने जो कहा वह घटना वैसी ही घटी है ऐसा कोई आधिकारिक पुष्टि नही है। इसके अभाव मे तुम्हे स्वयं से जो कहना है अपनी क्षमता पे कहो, माई के लाल हो तो गरज कर सत्य कहो। गुरुदेव का नाम लगाकर मूर्खता ना करो
जी आप यह मेरे द्वारा लगाया गया video देख लीजिए स्पष्ट कहाँ है BJP RSS या कोई भी secular राजनैतिक दल भगवान् श्री राम कि प्रतिष्ठा कर ही नहीं सकता वह भगवान् श्री राम का मन्दिर होगा ही नहीं रही बात उन्हें अलग से कहने की आवश्यकता भी नहीं उनके द्वारा
https://t.co/oZLnddJZcB
..को पिशाच ही मानेंगे भगवान नही। फिर चाहे प्रधानमंत्री से लेकर इंटरनेशनल पुलिस को क्यों ना टैग करदो। हमारी भावना शास्त्रोक्त मन्दिर के शास्त्र विधि से प्रतिष्ठित मूर्ति में श्रीभगवान के तेज पे ही है, यदि वह तेज नही तो शिला में किसी भूतिया तत्व का ही प्रवेश माना जा सकता है। (2/2)
सुनो, शास्त्र की मार्यदा के बाहर यदि एक इन्च भी कार्य हुआ है तो मूर्ति चाहे किसीको कितनी ही प्रिय क्यो ना लगे उसमे भूत, पिशाच का प्रवेश ही माना जायेगा। अतः हम धैर्य धारण करके अपने धर्माचार्यो के वक्तव्य कि प्रतीक्षा में है, यदि उन्हे किसी विधि मे चूक दिखी तो हम पिशाच.. (1/2)
मूर्ति में भगवान है या पिशाच है यह विद्वानो के विधि पे चिन्तन का विषय है। अगर दोष पाया जाए तो उसका पण्डितो द्वारा शमन किया जा सकता है। अतः पुलिस प्रशासन से अनुरोध है कि @TheSquind जैसे कुछेक मूर्खो कि उपेक्षा करके शास्त्रविदों को परेशान करने और प्रजा के समय का नाश करने से बचे
@Uppolice@igrangeayodhya@ayodhya_police
जिन प्रमाणों से यह जाना जाता है कि मूर्ति मे भगवान है, उन्ही प्रमाणो से यह भी जाना जाता है कि मूर्ति में पिशाच है। विधि में थोड़े प्रमाद से भी वृत्रासुर प्रकट होता है यह भी पुराणों से विदित है।
पुरी गुरुदेव ने कहा था विधिवत प्रतिष्ठा नही होने से भूत-प्रेत-पिशाच का मूर्ति में सन्निवेश होता है और गर्भगृह मे जाने कि भी मार्यदा है। गुरुदेव ने अभी तक मूर्ति प्रतिष्ठा में अविधि कि पुष्टि नही कि है, अतः यदि आप शास्त्रज्ञ है और आपको लगता है मूर्ति मे पिशाच है तो अपने बल से कहे।
Svami Nishchalananda Sarasvati is consistent in his stand. His stand was and remains - “No mosque. Only temple.” This he had said even immediately after the Supreme Court judgement. Mosque not just not next to the temple, not even 5 KM or 25 KM or any KMs away.
His Reasoning:
1. why should Hindus, who are owners of this property, give to the squatter any compensation? This case is about eviction of the squatter to reclaim what belongs to Hindus, not a give-and-take bargain.
2. If you give Muslim Ulemas a replacement of Babri in Ayodhya, they would turn this into a renewed launchpad of Islam, and worse - from within your teertha kshetra. (Like देववृंद a Hindu teertha, is today known primarily for Dar ul Uloom Deoband - the ideological mother of Taliban)
What the book you are quoting doesn’t say is two things:
1. PVNR wanted VHP out of this process (his political agenda), but it was Puri Acharya who insisted on PVNR and his emissaries that VHP was also a stake holder and therefore he wanted them included. This didn’t work because VHP insisted that their preferred Shankaracharya of Jyotirmatha, Svami Vasudevananda ji should be in the trust. This was a spanner in the wheels because no other peeth acknowledged him as a Shankaracharya (and indeed he was later declared by the Court also as invalid and unqualified since he was not a Sanyasi)
2. What was the stand of VHP and RSS to this initiative of the Shankaracharyas of Shringeri and Dwaraka? Ashok Singhal derided the Shankaracharyas as “Sarkari Sadhu”! Vinay Katiyar said he would turn entire Uttar Pradesh into a battlefield, when the Shankaracharya proposed to do a renewed Shilanyasa on the erstwhile Babri location as the next step.
@ajeetbharti कान फाड़ के सुन! श्रीगुरुदेव ने अपने दिव्य बौद्धिकबल से जगत को जितना दिया वो तुझ जैसे फैल चाटुकार व्यक्ति की लाखो पुश्ते मिलके भी नही दे सकती। वे जगत के गुरु, मार्गदर्शक है; बस बुलडोजर को पिघलाना पौरुष नही होता। तू नही समझ सकता क्योकि तू अपनी दोंगली नस्ल से लाचार है।
ये है डॉ एस वी शर्मा, डिप्टी डायरेक्टर इसरो।
अरे @MediaHarshVT @RealDeepakSay. मोदी भक्तों जरा सुनो ये क्या कह रहे है... तुमलोग तो इनके पैरों के धूल बराबर भी नहीं हो ज्ञान में
दोंगले @ajeetbhartiजिसकी उत्पत्ति ही अधर्म से होती हो उसे धर्मपरम्परा का क्या ही ज्ञान हो सकता है। तुझ जैसे दो कौड़ी के लोग अरबो जन्म भटकेंगे तो भी जान नही सकते कि पुरी महाभाग का कितना गौरव है। भगवान राम-कृष्ण भी जिनकी चरणसेवा करते है वो वशिष्ठ जी, बादरायण जी होते है शङ्कराचार्य।
शंकराचार्य द्वय राजनीति में कूदे हैं। अब तक सब लोग ससम्मान चुप थे। उनके आक्रमण प्रतिदिन बढ़ते गए। अब इन सबके पुराने वीडियो बाहर आ रहे हैं। इनके दूसरी जातियों को ले कर विचार, मोदी के विरोध में चुनावी कैम्पेन, घमंड में डूबी हुई खोखली धमकियाँ सब सार्वजनिक घूम रही हैं।
उन्हें अब सामान्य जनता की सामान्य ट्रोलिंग के लिए और प्रश्नों के लिए तैयार रहना चाहिए। जनता ने इग्नोर किया, लेकिन दो दिन से देख रहा हूँ कि उनके लिए राम भगवान और उनके मंदिर के समक्ष ये मठाधीश कोई महत्व नहीं रखते। मंदिर पर आक्षेप, सीधे राम पर आक्षेप है।
लोग पूछेंगे ही कि आपका क्या योगदान है मंदिर निर्माण में या आपने कितने हिन्दुओं को मतांतरण से रोका? तब कहने को कुछ नहीं रहेगा।
प्रजा ने कभी रावण या दुर्योधन का विरोध नही किया। चाहे शासक दुष्ट क्यो ना हो प्रजा उसका अनुगमन करती है यह इतिहास सिद्ध है। आज सबकी बुद्धि का नाश हो गया है। हमारे आचार्य स्वयं सदाशिव से चयनित है वे किसी प्रजा के उत्तरदायी नही प्रजा उनके आदेश से चलती है। #WeSupportShankaracharya
श्रीरामजन्मभूमि BJP कि बपौती नही। ये आगे इसे पर्यटकस्थल मे कन्वर्ट करके म्लेच्छ और वेश्याओ का अड्डा बनाके रख देगे। स्मरण रखे कि हमने आचार्यो के आवाहन पे करसेवा कर खून बहाया था, इन भाँड नेताओ ने तो गोली चलवाने वाले को पद्मश्री दिया। ये खून की दलाली करने वाले नीच है। @ayusharma_bh
Dear IT Cell
आपके स्वामी ने हिमालय मे तपस्या करते हुए केवल photo खिंचवाई है, और हमारे स्वामी जी महाराज ने वास्तव मे तपस्या की है कयी सालों तक ।
उतना ही अंतर है आपकी और हमारी धर्म के प्रति निष्ठा मे है, इस सत्य को न भूलें ।
हम व अन्य गुरुभक्तों ने कयी सालों से पूज्य गुरुदेव के