विपक्ष : "ज्ञानेश कुमार देश द्रोही है उसे जेल में डालिए"
सवाल : क्या उमर खालिद और शरजील इमाम देशद्रोही हैं ?
विपक्ष : कोर्ट तय करेगी।
#DoTook में मै तथ्य सामने रख देता हूं, लोग अपने मुखौटे खुद उतार देते हैं।
In Surat, an employee set fire to goods worth ₹24 crore after the owners delayed his ₹10,000 salary.
The accused told the Surat Crime Branch that he did it to take REVENGE over his unpaid salary 🤯
महाराष्ट्र में हज़ारों Clock Hour Basis प्रोफ़ेसर सिर्फ़ पढ़ाए गए घंटों का पैसा पाते हैं. छुट्टियों में सैलरी नहीं मिलती और सालों से स्थायी भर्ती का इंतज़ार जारी है. सरकार ने भर्ती का ऐलान किया, लेकिन इन शिक्षकों को कोई अलग प्राथमिकता नहीं मिलेगी.
रिपोर्टर: आशय येगडे
एडिट: नीलेश भोशले
शूट: प्र��्ज्वल भालेकर और नितिन नागरकर
प्रोड्यूसर: नीलेश धोत्रे
जलपाईगुड़ी जिले में गजोल्डोबा के पास तीस्ता नदी के तेज बहाव में एक हाथी का 3 दिन का नवजात बच्चा बह गया. बच्चा बह कर कई किलोमीटर दूर चला गया. उस बच्चे की मां वहीं नदी के किनारे खोजती नज़रों से ���सका इंतजार करती रही.
Baikunthapur Forest Division की टीम को जैसे ही इसकी सूचना मिली, उन्होंने तुरंत मोर्चा संभाला. स्थानीय मछुआरों की मदद से नदी की लहरों के बीच से उस नवजात बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
डॉक्टरों द्वारा मेडिकल केयर दी गई . फिरवन विभाग की टीम ने ब���्चे को उसकी मां के पास जैसे ही पहुंचाया,तो मां का रिएक्शन देखने लायक था. हथिनी मां तुरंत अपने बच्चे को दुलारते पुचकारते हुए अपना दूध पिलाने लगी.
“केरल में कांग्रेस की जीत में चुनाव आयोग द्वारा कराये गये SIR का बड़ा असर रहा, पहले वामपंथी दल मुर्दों से वोट डलवा लेते थे”
~ रमेश चेन्निथला, गृहमंत्री, केरल
और राहुल गांधी इसको मुद्दा बनाकर आंदोलन कर रहे हैं
पिता की हत्या का कोई मलाल नहीं, वे अय्याश थे: कानपुर में कारोबारी की हत्या करने वाला बेटा बोला- हर संडे लड़कियों पर हजारों रुपए उड़ाते थे, मैं पैसा मांगता तो मना कर देते
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#UPNews#HindiNews#KanpurCase#UPPolice
रिपोर्टर - आपने कहा सर आपके पास पुख्ता सबूत है तो क्या आप इसे लेकर कोर्ट जाओगे ?
राहुल गांधी - देखिए मेरा काम नॉर्मल सिचुएशन में ऑपोजिशन के लीडर का काम है ,मेरा काम सरकार पर प्रेशर बनाने का काम है
मेरा काम लोकतंत्र बचाने का नहीं है 😂
क्या कहेंगे आप इस फट्टेश्वर को ? हर चुनाव से पहले झूठा माहौल बनाने की कोशिश करता है
लगता है कि BJP की सरकारों में कुछ ज़्यादा ही अकड़ है! 🤔
पहले की सरकारें तो एकदम “बढ़िया” थीं! 😏
1965 के युद्ध के समय Nehru ने America से मदद मांगी, Indira Gandhi ने Soviet Union से मदद के लिए पत्र लिखती रहीं और Rajiv Gandhi Ji ने America से Super Computer मांगा—तो इसमें बुराई ही क्या थी❓ आखिर ये बड़ी-बड़ी महाशक्तियां हैं! 🇺🇸🇷🇺
Israel को देखिए—Trump कुछ भी कहें, Netanyahu बार-बार America जाते हैं और बदले में हथियार भी मिलते हैं। लेकिन India ने अलग रास्ता चुना है।
Atal Bihari Vajpayee Ji के समय 1998 Nuclear Tests के बाद America ने दबाव बनाया, प्रतिबंध लगाए और CTBT जैसे मुद्दों पर India से अपेक्षाएं रखीं। India ने साफ कहा—अगर आप Nuclear Tests कर सकते हैं, तो हम पर दोहरे मानदंड क्यों? 🇮🇳
Clinton आए, दबाव बनाया, लेकिन India अपने फैसले से पीछे नहीं हटा। प्रतिबंध झेले, मगर झुका नहीं। बाद में George W. Bush के कार्यकाल में रिश्तों ने नई दिशा पकड़ी।
फिर 26/11 हुआ। सेना तैयार थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई—पुरानी नीति के तहत संयम बरता गया।
लेकिन Modi Ji के आने के बाद तस्वीर बदल गई। 🇮🇳🔥
Canada से लौटते समय Trump का बुलावा हो या Pakistan के सेना प्रमुख की मौजूदगी—India ने अपने फैसले अपने हितों के आधार पर लिए।
Operation Sindoor के दौरान भी Trump के बयानों के बावजूद India ने अपनी सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक रुख पर नियंत्रण बनाए रखा। 🇮🇳
America ���े Russian Oil को लेकर दबाव बनाया, Tariff लगाए और आगे और Tariff की चेतावनियां भी दीं—लेकिन India का संदेश स्पष्ट रहा:
India अपने 140 करोड़ लोगों के हितों को प्राथमिकता देगा। 🇮🇳
कभी जिस America को देखकर दुनिया सहम जाती थी, आज India उससे भी आंख में आंख ��ालकर बात करता है।
सवाल यही है—
क्या यह “अकड़” है?
या फिर बदलते India का आत्मविश्वास? 🤔🇮🇳
समय बदल चुका है…
और शायद India भी! 🚩