आज़ तमाम समस्याओं की जड़ संवाद शून्यता में निहित है। इस संवाद शून्यता की स्थिति को समाप्त करने हेतु प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति को जगाना ही हमारा लक्ष्य है।
1-सपनों में जीतेजीते ना जाने कब जीवन साँझ हो गई,
क्या हर किसी को सपने देखने का अधिकार नहीं?
2-वो मुगालते में थे कि कभी ना कभी कोई ना कोई उनकी काबलियत पहचानेंगा!
काबलियत की पहचान के लिए क़ाबिल होना ज़रूरी तो नहीं!!
@deepaks83020156
रक्त रंजित के पास
विलाप कर रही
महिला के इर्द-गिर्द
मुर्दों का हुजूम!
क्या ?
एक भी
जिन्दा नहीं
जो;
रक्तरंजित को
अस्पताल की चौखट तक
पहुंचा सकें!!
@सर्वाधिकार सुरक्षित
सिसकती चार दीवारी पर
जनाज़े की तरह अटकी एक छत
अलविदा से पूर्व
कनखियों से
दरिचों से झाँक
ख़ुद बा ख़ुद
नई दुल्हन की तरह शर्मा कर
नजरे झुका लेती है!
शायद उसे अब भी
मुग़ालता है कि
कोई ना कोई
रहनुमा
उसे अपने
सशक्त कंधों का सहारा देकर
रुखसत करेगा!
@सर्वाधिकार सुरक्षित
वह मृगनयनी है
उसकी आँखें
हर किसी को
मंत्रमुग्ध कर
अपने दस्तखत
छोड़ देती हैं!
किन्तु
जब भी मैं
उसमें झांकता हूं
मुझे दिखाई देता है
अथाह दर्द!
शायद
कुछ टूटन
कुछ ज़ज्बात
और;
कुछ सुलगते सवालात
उसकी चौखट पर
दस्तक देकर
उसे चौराहे पर
ला खड़ा कर देते हैं!!
@सर्वाधिकार
उन्हें
फूलों की
कदर कहाँ,
खुद बोते फिरते हैं
दूसरों की राह में कांटे
कांटे उनके
इस्तकबाल के लिए
वक़्त के इंतजार में हैं!!
@AparnaSriv12545@deepaks83020156
दीपक की लौ को टिमटिमाते देख कर ईर्ष्या करने वालों,
गर दीपक बुझ गया तो तुम्हारे घरों में दिया जलाने वाले भी ना बचेंगे!!
@AparnaSriv12545@deepaks83020156
अपने पापा की गोद में बैठ कर
गुब्बारे बेचती
नन्ही फूल सी परी को
जब मैं देखता हूं;
सच कहता हूं
उस समय
विश्व की सबसे खूबसूरत पेंटिंग भी
फीकी सी नज़र आती है!
घुंघराले बालों वाली स्याह रंग की वो छोकरी
अद्वितीय सुन्दरी ही तो है
जिसके सम्मुख
सारी पेंटिंग बेरंग हैं!!
@सर्वाधिकार