16.फार्मासिस्ट का विरोध कर आप हर नागरिक की दवा सुरक्षा से खिलवाड़ कर रहे हैं।
17.राजनीति में चमक शब्दों से आती है, लेकिन प्रतिष्ठा कर्मों से।
18.जो लोग फार्मासिस्ट की अनिवार्यता हटाने की बात करते हैं, वे खुद “अनिवार्य समझ” से खाली हैं।
13.राजस्थान की मिट्टी ने डॉक्टर, वैज्ञानिक, फार्मासिस्ट दिए हैं—अब कोई उन्हें मिटाने की कोशिश न करे।
14.जिस सांसद का ध्येय जनता की सुरक्षा हो, वो फार्मासिस्ट के विरोध में नहीं बोलेगा।
15.सांसद जी, दवा को खेल मत बनाइए—यह मानव जीवन से जुड़ी है।
10.सांसद जी, आपका प्रस्ताव दवा नहीं, “खतरा” बनकर सामने आया है।
11.जनता उम्मीद करती है—संवेदनशील संसद, संवेदनहीन बयान नहीं।
12.फार्मासिस्ट कोई राजनीतिक मोहरा नहीं, वह जनता की सुरक्षा का प्रहरी है।
7.सांसद महोदय, दवा व्यापार के दबाव में मत आइए—आपका वादा तो जनता से था, न कि असोसिएशन से।
8.जो व्यक्ति “फार्मासिस्ट की भूमिका” नहीं समझता, वह “जन स्वास्थ्य” की बात कैसे करेगा?
9.राजनीति अगर फार्मासिस्ट की जगह व्यापारी को दे रही है, तो नुकसान जनता का तय है।
4.जब सांसद स्वास्थ्य की जगह व्यापार का प्रतिनिधित्व करने लगें, तब जनता को सतर्क हो जाना चाहिए।
5.लगता है किसी “एसोसिएशन” के शोर ने जनता की आवाज़ को दबा दिया है।
6.कोटा, जयपुर या दिल्ली से चाहे आवाज़ उठे—फार्मासिस्ट की अनिवार्यता पूरे भारत की जरूरत है।
1.लगता है माननीय सांसद महोदय को फार्मासिस्ट नहीं, “फार्मेसी की नींव” पर भरोसा नहीं रहा!
2.सांसद महोदय शायद भूल गए कि दवा दुकान नहीं, जिम्मेदारी की जगह है।
3.राजनीति चमकाने के चक्कर में “दवा सुरक्षा” का बलिदान मत दीजिए।
यशस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में संपूर्ण प्रदेश सहित देश के सबसे स्वच्छ शहर को विभिन्न सौगातें प्रदान की जा रही है।
इंदौर के सुनियोजित विकास क्रम में यातायात दबाव को कम करने के निमित्त आज मेट्रो के ट्रायल रन में कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय जी के साथ सहभागिता की।
इस अवसर पर माननीय मंत्री जी द्वारा इंदौर मेट्रो के प्रारंभिक रूट सहित निर्धारित स्टेशनों का निरीक्षण कर, संबंधित अधिकारियों से विस्तृत चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस अवसर पर श्री शंकर लालवानी जी सहित जनप्रतिनिधियों, निगम आयुक्त श्री शिवम वर्मा जी एवं मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारी उपस्थित रहे।
@srao7711 This is not cwg
एक रोमांचक विश्व एथलेटिक्स महिलाओं की 400 मीटर फ़ाइनल में, भारत की छोटी सी हिमा दास ने स्वर्ण पदक हथियाने के लिए मैदान हिला के रख दिया!
एक गरीब असमिया परिवार की हिमा चावल खाने वाली ने बड़े और मजबूत श्वेत और अश्वेत एथलीटों को हरा दिया। आत्मा मायने रखती है...
आभार इंदौर!!
मुझ अकिंचित को अपना अपार आशीर्वाद और असीमित स्नेह प्रदान करने के लिए कृतज्ञ हूँ.. आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि आपके हर स्वप्न को पूरा करने और आपकी प्रत्येक आकांक्षा को पूर्ण करने हेतु संकल्पबद्ध होकर कार्य करता रहूँगा।
आने वाले समय में इस देश का प्रतिनिधित्व इंदौर करेगा। जिसके लिए ऐसे विचारधारा के लोगों की जरूरत है जो सबको साथ लेकर आगे बढ़ते हुए इंदौर को ग्रीन, स्मार्ट और हाईटेक बनाएं..
@ChouhanShivraj@vdsharmabjp@KailashOnline