।।Educator।।🌹।। जागरूक जिम्मेदार नागरिक ।।
।।जन, जल, जंगल, जमीन पर RTI कार्यकर्ता।।
इंटरनेशनल पॉलिटिक्स
M. A. (पॉलिटिक्स)
Deled(UP TET, CTET क्वालीफाई )
दानिश कनेरिया पाकिस्तान में पैदा हुआ, वहीं पला बढा और अपने देश की टीम के लिए खेला। इसके इस बयान पर भारत में तथाकथित राष्ट्रवादी एवं धार्मिक कट्टरपंथी वाह-वाह कर रहे हैं, चूंकि यह हिंदू है इसीलिए धार्मिक कट्टरपंथियों की नज़र में भारतीयों से भी बड़ा भारतीय है। वही धार्मिक कट्टरपंथी भारत में पैदा होकर भारत की ही सुपुर्द-ए-खाक होने वाले “अब्दुल” को पाकिस्तानी कहकर अपमानित करते हैं।
क्या रे भगवा धारियों अपनी माताओं बहनों और पत्नियों को 200वाला बुर्का पहना कर ऐसे खुश हो रहे हो जैसे देश फतह कर लिया हो😆
हां एक बात तो साफ हो गई कि ये भगवा धारियों को #हिजाब बहुत पसंद है तभी ये अपनी पत्नियों को बुर्का पहना कर साथ चलना फख्र समझते हैं
क्यों बे भक्तों सही कहा ना?
@kaankit@AdityaRajKaul Sir बिल्कुल इसी तरह भारत में भी मुस्लिमों को गिरफ्तार किया जा रहा है #iLoveMuhammadﷺ का झंडा या पोस्टर हाथ में लिए जाने पर... तब आपकी जुबान भी नहीं खुलती है क्यों??
@Profdilipmandal कोई मुसलमान शुद्धि के बाद अपना पुराना धर्म हिंदू धर्म स्वीकारता है 🤔🤔🤔
कोई हिंदू दबाव, डर या लालच से मुसलमान बनता है 🤔🤔🤔
दोगलेपन की हद ही पार कर दी
शामली में अपने सीने पर ‘I Love Mohammad लिखने पर जेल में ठूंसने का मुद्दा हो या बरेली में 26 सितंबर को पुलिस का बर्बर लाठीचार्ज, ये घटनाएं एक धर्म लोगों को बदनाम करके वोट बैंक हासिल करने सुनियोजित साजिश ही नहीं बल्कि सरकार की तानाशाही और घमंड की पराकाष्ठा है।
बरेली में मुस्लिम समाज के लोगों का सिर्फ़ एक शांतिपूर्ण ज्ञापन देने का कार्यक्रम था। इसमें किसी भी तरह की हिंसा का इरादा नहीं था। यदि सामान्य तरीके से ज्ञापन सौंपने दिया जाता तो हालात बिगड़ते ही नहीं। ज्ञापन तो छोड़िए नमाज़ अदा करने तक की अनुमति नहीं दी गई और इसके बाद अपने आका को खुश करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज करके बेगुनाहों को घायल कर दिया।
अब बरेली में मुसलमानों को इसकी आढ़ में सामूहिक सज़ा दी जा रही है। झूठे इल्ज़ाम लगाकर तमंचे, पेट्रोल बम और तेज़ाब की बोतलों से हमले का आरोप लगाया जा रहा है। जबकि वायरल वीडियो से साफ़ है कि छतों से पत्थरबाज़ी एक सोची-समझी साज़िश थी। मगर पुलिस साज़िशकर्ताओं पर कार्रवाई करने के बजाय बेगुनाहों को परेशान कर रही है।
बेगुनाह मुसलमानों को थानों में बेरहमी से पीटा जा रहा है, मीडिया के सामने परेड कराई जा रही है, उनके घरों पर बुलडोज़र चलाए जा रहे हैं। दबिश के दौरान महिलाओं और बच्चों तक को निशाना बनाया जा रहा है। मस्जिदों में इमामों और मुअज्ज़िनों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे नमाज़ जैसी बुनियादी इबादत भी मुश्किल हो गई है।
मुस्लिम भाईयों और बहिनों पर तानाशाह के इशारे पर किया जा यह अन्याय–अत्याचार न सिर्फ संविधान की प्रस्तावना बल्कि संविधान के अनुच्छेद 25 से 28 का स्पष्ट उल्लंघन है। जिसमें धर्म और उपासना की स्वतंत्रता को देश के प्रत्येक नागरिक का मौलिक अधिकार बताया गया है।
@UPGovt से हमारी माँगें :
1. बेगुनाह मुसलमानों की गिरफ़्तारी और उत्पीड़न पर तुरंत रोक लगाई जाए।
2. पुलिस की मनमानी दबिश और बुलडोज़र कार्रवाई बंद की जाए।
3. निर्दोषों पर दर्ज झूठे मुक़दमे वापस लेकर उन्हें फ़ौरन रिहा किया जाए।
4. दोषियों की पहचान कर उन पर सख़्त कार्रवाई की जाए।
मैं कल बरेली पहुँचकर मौजूदा हालात का जायज़ा लूँगा और पीड़ित परिवारों से मुलाक़ात करूँगा।
#iLoveMuhammad
मस्जिदों के सामने नफ़रत भरे, भड़काऊ गानों पर नाचना धर्म की अभिव्यक्ति माना जाता है। लेकिन सिर्फ़ एक बैनर, जिस पर लिखा हो “आई लव मुहम्मद”, एफआईआर दर्ज करने की वजह बन जाता है। : पार्थ एम. एन. (भारतीय पत्रकार)
@Millat_Times यही तो सियासत है वोटरों को अपने पाले में लेकर चुनाव जीतना। फिर दूसरे पार्टी में चले जाना। नेताओं का यही काम है।
इसलिए खुद मजबूत बनो। अपनी लड़ाई खुद लड़नी पडती है।
@muftiSalmanAzha @highlight किसी भी प्रकार का हेट स्पीच पर न कमेंट करें, न शेयर करें। किसी प्रकार के अफवाहों पर ध्यान न दें। हुकूमत अपने वोटरों को केवल satisfide कर रही है। अमन से ही इंसाफ मिलता है।