Dear @LtGovDelhi,
🔸Publicity should never take priority over public grievances.
A government earns public trust not through promotional posts and reels, but by listening to citizens and responding to their grievances.
On 28 December 2017, the @LtGovDelhi X (formerly Twitter) Team launched a public complaint acknowledgement and registration system, ensuring that citizens' grievances were publicly acknowledged and forwarded to the concerned departments. This initiative strengthened transparency, accountability, and responsiveness, serving as an important bridge between citizens and the administration for 8 years, 2 months, and 27 days.
Unfortunately, this citizen-friendly system appears to have stopped since 24 March 2026.
The @LtGovDelhi X Team remains highly active in sharing promotional posts and reels about official engagements, yet appears to have no time to acknowledge or register even a few genuine public complaints on a daily or weekly basis.
Kindly restore the public complaint acknowledgement and registration system on X and reaffirm your commitment to transparency, accountability, and responsiveness.
🫶 Good governance is measured not by the number of promotional posts, but by how sincerely citizens' grievances are acknowledged and addressed. 🇮🇳
#WeDelhiitesAreTogether🤝
✅#RaiseVoice #ForABetterDelhi
@rashtrapatibhvn@PMOIndia@narendramodi@gupta_rekha@lg_ladakh@HMOIndia@SandhuTaranjitS
Dear @LtGovDelhi,
Let's Learn Something New 🥹
👏 Complaint Closure का नया मॉडल —फर्जी निरीक्षण, कागज़ी कार्यवाही और झूठी रिपोर्टों के मदद से अवैध कारोबार और अतिक्रमण को बचाते हुए Complaint Resolve कर दो।
इस क्षेत्र में बड़ी संख्या में अवैध भट्टियाँ सरकारी भूमि और सड़कों पर अतिक्रमण करके संचालित हो रही हैं तथा लगातार दिल्ली की हवा को प्रदूषित कर रही हैं। लेकिन लगता है @dcrohinizone की टीम की नज़र में ये प्रदूषण फैलाने वाली भट्टियाँ नहीं, बल्कि "ऑक्सीजन प्लांट" हैं। 🌿
🔸शिकायतकर्ता (@cleen_delhi) लगातार वीडियो बना के बता रहा है कि रात में ये भट्ठियां प्रदूषण करती है। और सब जानते हैं कि ये अवैध भट्टियाँ मुख्यतः रात के समय संचालित होती हैं।
😂 फिर भी दिन में औपचारिक निरीक्षण करा लो... रात में खूब प्रदूषण करवा लों...और फिर "No Violation Found" लिखकर फाइल बंद कर दो।
📸 संलग्न फोटो में राख, कालिख, जलने के निशान और कच्चा माल और अतिक्रमण साफ़ दिख रहा है। यह इन भट्टियों नियमित संचालन और सरकारी भूमि व सड़क पर अतिक्रमण का स्पष्ट प्रमाण है। फिर भी अवैध ढांचा अभी तक जस का तस खड़ा है।
🚨 यही है तथाकथित "World Class Delhi" के भ्रष्ट और गैर-जवाबदेह सिस्टम की हकीकत। जहाँ कुछ अधिकारियों के लिए अवैध अतिक्रमण और भट्टियाँ प्रदूषण का स्रोत नहीं, बल्कि "आय का स्रोत" बन चुकी हैं।💰
@gupta_rekha@drmonikapant@praveshwahi@PMOIndia@HMOIndia@SandhuTaranjitS@p_sahibsingh@ashishsood_bjp@mssirsa@moefcc
🚨विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानी!
🎉दिल्लीवासियों को बधाई!🎉
दिल्ली के विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध फैक्ट्रियां/औद्योगिक इकाइयां/गोदाम/डेयरियां आदि संचालित रही हैं, जो लगातार प्रदूषण फैला रही हैं, लेकिन दिल्ली के भ्रष्ट और कामचोर अधिकारी और नेता अन्य राज्यों को नीचा दिखाने में व्यस्त हैं।
👇🏻क्या दिल्ली की इन समस्याओं का समाधान भी दूसरे राज्यों के अधिकारी और नेता करेंगे??🥹
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का मुख्य कारण:
🔸दिल्ली के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे अवैध इंडस्ट्रियल यूनिट/फैक्ट्री/गोदाम/डेयरियां।
🔸दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते गैर पंजीकृत/अवैध वाहन/ई-रिक्शा।
🔸दिल्ली की खराब सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और यातायात व्यवस्था।
🔸दिल्ली में ग्रामीण क्षेत्रों में फसल अवशेषों का जलना।
🔸दिल्ली में भारी संख्या में उपयोग किया जा रहा अवैध तंदूर।
🔸दिल्ली में कूड़ा/प्लास्टिक/औद्योगिक कचरा/कोयला आदि का जलना।
🔸दिल्ली की सड़कों फुटपाथ पर अतिक्रमण कर अवैध घुसपैठियों के द्वारा की जा रही ओपन बर्निंग।
🔸दिल्ली में भारी संख्या में उपयोग किया जा रहा प्रतिबंध जनरेटर।
🔸दिल्ली में नियमों की धज्जियां उड़ते हुए निर्माण/अवैध निर्माण।
🔸दिल्ली की सड़कों पर दौड़ते प्रदूषण फैलाने वाले वाहन।
🔸दिल्ली की टूटी सड़कें व सड़कों पर धूल-मिट्टी।
🔸दिल्ली में नालों/सीवरों से निकली गाद को उठाने में लापरवाही।
🔸दिल्ली का खराब कूड़ा निपटान व्यवस्था। 🔸दिल्ली के जंगल - जलाशयों - पार्कों और ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में अतिक्रमण।
🔸दिल्ली के प्रदूषण संबंधी विभागों में रिक्तियों की अधिकता और खराब निरीक्षण।
🏆दिल्ली के भ्रष्ट और कामचोर अधिकारी और नेता दिल्लीवासियों के पैसे से अपने एयरकंडीशन घरों और कार्यालयों में एयर-फिल्टर लगाकर मौज-मस्ती कर रहे हैं, जबकि आम गरीब जनता प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर होता है और अंत में छोटे स्तर पर काम करने वाले रोज कमाने खाने वाले दिहाड़ी मजदूर का काम बंद करवाकर सरकार अपनी उपलब्धि दिखाती है।
📍Dheeraj Vihar Main Road & Adjoining Streets, Karala, North West Delhi - 110081
📢 आइए मिलकर देश की राजधानी [#Delhi] को सुधारे !!💯
@LtGovDelhi@SandhuTaranjitS@mssirsa@praveshwahi@Secretary_MoHUA@DM_NorthWest@HMOIndia@gupta_rekha@DPCC_Pollution@CAQM_Official@CPCB_OFFICIAL
📷 : @MyTeamDelhi
दिल्ली के रिहायशी इलाकों की गलियों में भारी संख्या में अवैध फैक्ट्रियां, अवैध गोदाम और अवैध उद्योग चल रहे हैं, जिससे लोग लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं।
लेकिन न तो निगम अधिकारियों को और न ही पुलिस विभाग के बीट अधिकारियों को अपने क्षेत्र की जानकारी है..!!!
आज अवैध उद्योग चलवाने वाले भ्रष्ट भविष्य में आतंकी को भी अपना आका बना सकते है।
दिल्ली और देश का सतत विकास तभी संभव है जब ऐसे भ्रष्टाचारियों को समय पर उचित इलाज मिले।
@LtGovDelhi@ArvindKejriwal@OberoiShelly@GyaneshBharti1@AshwaniKumar_92@iasnkumar
देश की राजधानी [#Delhi] को भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों और नेताओं ने "हादसों का शहर" बना दिया है।
🔸दिल्ली के GTB Hospital के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान एक मरीज के ऊपर सीलिंग फैन गिर गया, जिससे मरीज और एक नर्सिंग स्टाफ घायल हो गए। और कुछ देर बाद उस मरीज की मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन के अनुसार मृत्यु का कारण फैन गिरने से हुई चोट नहीं है।
हालांकि, यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में रखरखाव, निगरानी और जवाबदेही की गंभीर विफलता का संकेत है।
इस हादसों का जिम्मेदार कौन?
इस तरह की लापरवाही पर कब होगी सख्त कार्यवाही?
#Delhi #GTBHospital #HospitalSafety #PatientSafety #Accountability #PublicHealth
@LtGovDelhi@SandhuTaranjitS@gupta_rekha@CMODelhi@drpankajbjp@PMOIndia@India_NHRC
देश की राजधानी [#Delhi] को भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों और नेताओं ने "हादसों का शहर" बना दिया है।
🔸दिल्ली के GTB Hospital के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के दौरान एक मरीज के ऊपर सीलिंग फैन गिर गया, जिससे मरीज और एक नर्सिंग स्टाफ घायल हो गए। और कुछ देर बाद उस मरीज की मृत्यु हो गई। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि प्रारंभिक चिकित्सकीय आकलन के अनुसार मृत्यु का कारण फैन गिरने से हुई चोट नहीं है।
हालांकि, यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में रखरखाव, निगरानी और जवाबदेही की गंभीर विफलता का संकेत है।
इस हादसों का जिम्मेदार कौन?
इस तरह की लापरवाही पर कब होगी सख्त कार्यवाही?
#Delhi #GTBHospital #HospitalSafety #PatientSafety #Accountability #PublicHealth
@LtGovDelhi@SandhuTaranjitS@gupta_rekha@CMODelhi@drpankajbjp@PMOIndia@India_NHRC
देश की राजधानी [#Delhi] को भ्रष्ट और लापरवाह अधिकारियों और नेताओं ने "हादसों का शहर" बना दिया है।
मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी अस्पताल में रविवार रात छत के लेंटर का एक हिस्सा अस्पताल में भर्ती एक बुजुर्ग महिला पर गिर गया। महिला नीचे दबकर घायल हो गई।
इस हादसों का जिम्मेदार कौन?
इस तरह की लापरवाही पर कब होगी सख्त कार्यवाही?
@LtGovDelhi@ArvindKejriwal@Saurabh_MLAgk@CMODelhi@SwatiJaiHind@sharmarekha
Patient dies hours after ceiling fan falls on him in GTB hospital's emergency ward
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Courtesy - Special arrangement/ HT
🫶देश की विश्वस्तरीय राजधानी दिल्ली के
👏विश्वस्तरीय नालियों की विश्वस्तरीय सफ़ाई!
🗑️ऊपर से कचरा हटाओ...
📸 फोटो खिंचवाओ...
📄 रिपोर्ट बनाओ...
✅ और सफाई पूरी घोषित कर दो!
📍Shri Ram Colony, Block C, Rajiv Nagar, Khazoori Khas, Delhi, 110090
🤔 लेकिन जब नालियाँ पूरी गहराई तक गाद (सिल्ट), कचरे और मलबे से भरी हों, तो क्या सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाने से पानी की निकासी संभव है? बिल्कुल नहीं।
✅ नालियों की वास्तविक सफाई का अर्थ है:
🔹पूरी गहराई तक जमी गाद (सिल्ट) और मलबा निकालना।
🔹पानी के बहाव का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त करना।
🔹निकाली गई गाद को तुरंत उठाकर निर्धारित स्थान पर ले जाना, न कि नाली के किनारे छोड़ देना।
🔹आउटलेट, क्रॉस-ड्रेनेज और जुड़े हुए सभी हिस्सों की सफाई करना, ताकि पानी बिना किसी रुकावट के बह सके।
🔹सफाई के बाद स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना कि जल निकासी वास्तव में सुचारु हो गई है।
👎सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाकर, फोटो खिंचवाकर और सफाई का दावा कर देना नालियों की सफाई नहीं, बल्कि महज़ दिखावा है।
💯 जब तक हर नाली की पूरी गहराई तक जमी गाद नहीं निकलेगी और जल निकासी का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त नहीं होगा, तब तक जलभराव की समस्या खत्म नहीं होगी।
📢 दिल्ली को फोटो-ऑप नहीं, वास्तविक और परिणाम देने वाली सफाई चाहिए।
🤝आइए मिलकर देश की राजधानी #Delhi को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाएं। 💯
#RealityCheck #GroundReality #MCD #Accountability
@gupta_rekha@LtGovDelhi@CPDelhi@praveshwahi@drmonikapant@MCD_Delhi@mlkhattar@mssirsa@SandhuTaranjitS@p_sahibsingh
🫶देश की विश्वस्तरीय राजधानी दिल्ली के
👏विश्वस्तरीय नालियों की विश्वस्तरीय सफ़ाई!
🗑️ऊपर से कचरा हटाओ...
📸 फोटो खिंचवाओ...
📄 रिपोर्ट बनाओ...
✅ और सफाई पूरी घोषित कर दो!
📍Shri Ram Colony, Block C, Rajiv Nagar, Khazoori Khas, Delhi, 110090
🤔 लेकिन जब नालियाँ पूरी गहराई तक गाद (सिल्ट), कचरे और मलबे से भरी हों, तो क्या सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाने से पानी की निकासी संभव है? बिल्कुल नहीं।
✅ नालियों की वास्तविक सफाई का अर्थ है:
🔹पूरी गहराई तक जमी गाद (सिल्ट) और मलबा निकालना।
🔹पानी के बहाव का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त करना।
🔹निकाली गई गाद को तुरंत उठाकर निर्धारित स्थान पर ले जाना, न कि नाली के किनारे छोड़ देना।
🔹आउटलेट, क्रॉस-ड्रेनेज और जुड़े हुए सभी हिस्सों की सफाई करना, ताकि पानी बिना किसी रुकावट के बह सके।
🔹सफाई के बाद स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना कि जल निकासी वास्तव में सुचारु हो गई है।
👎सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाकर, फोटो खिंचवाकर और सफाई का दावा कर देना नालियों की सफाई नहीं, बल्कि महज़ दिखावा है।
💯 जब तक हर नाली की पूरी गहराई तक जमी गाद नहीं निकलेगी और जल निकासी का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त नहीं होगा, तब तक जलभराव की समस्या खत्म नहीं होगी।
📢 दिल्ली को फोटो-ऑप नहीं, वास्तविक और परिणाम देने वाली सफाई चाहिए।
🤝आइए मिलकर देश की राजधानी #Delhi को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाएं। 💯
#RealityCheck #GroundReality #MCD #Accountability
@gupta_rekha@LtGovDelhi@CPDelhi@praveshwahi@drmonikapant@MCD_Delhi@mlkhattar@mssirsa@SandhuTaranjitS@p_sahibsingh
🫶देश की विश्वस्तरीय राजधानी दिल्ली के
👏विश्वस्तरीय नालियों की विश्वस्तरीय सफ़ाई!
🗑️ऊपर से कचरा हटाओ...
📸 फोटो खिंचवाओ...
📄 रिपोर्ट बनाओ...
✅ और सफाई पूरी घोषित कर दो!
📍Near Green Valley Convent School, Bhatta Rd, Block D, Swaroop Nagar, Bhalswa, Delhi, 110042
🤔 लेकिन जब नालियाँ पूरी गहराई तक गाद (सिल्ट), कचरे और मलबे से भरी हों, तो क्या सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाने से पानी की निकासी संभव है? बिल्कुल नहीं।
✅ नालियों की वास्तविक सफाई का अर्थ है:
🔹पूरी गहराई तक जमी गाद (सिल्ट) और मलबा निकालना।
🔹पानी के बहाव का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त करना।
🔹निकाली गई गाद को तुरंत उठाकर निर्धारित स्थान पर ले जाना, न कि नाली के किनारे छोड़ देना।
🔹आउटलेट, क्रॉस-ड्रेनेज और जुड़े हुए सभी हिस्सों की सफाई करना, ताकि पानी बिना किसी रुकावट के बह सके।
🔹सफाई के बाद स्थल का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करना कि जल निकासी वास्तव में सुचारु हो गई है।
👎सिर्फ ऊपर-ऊपर से कचरा हटाकर, फोटो खिंचवाकर और सफाई का दावा कर देना नालियों की सफाई नहीं, बल्कि महज़ दिखावा है।
💯 जब तक हर नाली की पूरी गहराई तक जमी गाद नहीं निकलेगी और जल निकासी का पूरा मार्ग अवरोध-मुक्त नहीं होगा, तब तक जलभराव की समस्या खत्म नहीं होगी।
📢 दिल्ली को फोटो-ऑप नहीं, वास्तविक और परिणाम देने वाली सफाई चाहिए।
🤝आइए मिलकर देश की राजधानी #Delhi को सुरक्षित, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाएं। 💯
#RealityCheck #GroundReality #MCD #Accountability
@gupta_rekha@LtGovDelhi@CPDelhi@praveshwahi@drmonikapant@MCD_Delhi@mlkhattar@mssirsa@SandhuTaranjitS@p_sahibsingh
Kindly act @mssirsa@LtGovDelhi@CMODelhi@p_sahibsingh , more than 500 illegal water polluting #Dyeing units operational in Delhi but @DPCC_Pollution officers are silent on this issue even after providing them the locations .
It is to be noted that an SEE of North Delhi is behind all these polluting units whereas CBI has already arrested an previous SEE of this department for allowing these polluting units to operate along with Directorate of Vigilance in it’s report dated : 13/02/2025 sent to chairman dpcc and ACB to act against the corrupt officer .
🚨AC कमरों में बैठकर “विकास” नहीं होता!
Dear @LtGovDelhi, @gupta_rekha,
बिना जमीनी हकीकत जाने, AC कमरों में बैठकर कामचोर और भ्रष्ट अधिकारियों द्वारा तैयार झूठी रिपोर्टों और फाइलों के आधार पर योजनाओं, परियोजनाओं और शिकायतों की समीक्षा करना केवल टाइम पास और दिखावा है।
📃 कागज़ी विकास बंद करो!
🔸 योजनाएं तभी सफल होंगी, जब अधिकारी नियमित जमीनी दौरे करें और लोगों से सीधे संवाद करें।
🧑🧑🧒🧒 जन समस्याओं और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए—
✅औचक निरीक्षण — वरिष्ठ अधिकारी/मंत्री
✅नियमित फील्ड विजिट — जिला स्तर तक के अधिकारी
✅हर कार्रवाई की ATR और प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं
⚠️ कागज़ी विकास नहीं — ज़मीन पर नतीजे चाहिए!
@CPDelhi@CMODelhi@SandhuTaranjitS@DrJitendraSingh@LokNiwasDelhi@p_sahibsingh@praveshwahi@hdmalhotra@MORTHIndia@ashishsood_bjp@mssirsa@PMOIndia@narendramodi
📷 : @lg_ladakh