नव नियुक्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की इस पीड़ा को कौन सुनेगा? कौन समझेगा?
1. कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा जारी चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 विज्ञापन दिनांक 12.12.2024 एवं 03.03.2025 में कहीं पर यह उल्लेख नहीं था कि विभाग आवंटन कंप्यूटराइज रेंडम सिस्टम के आधार पर होगा जबकि 03.03.2025 को जारी विज्ञापन में ��ह स्पष्ट लिखा हुआ था कि प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से विभाग का आवंटन मेरिट आधारित प्राथमिकताओं के आधार पर होगा। इसमें सीधा अभ्यर्थियों को भ्रमित किया एवं उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन किया गया है।
2. प्रशासनिक सुधार विभाग ने बताया विभाग का आवंटन कंप्यूटराइज्ड रेंडम होगा लेकिन लिस्ट को देखकर तो लगता है कि इसमें पक्का मानवीय हस्तक्षेप हुआ है क्योंकि शुरुआत के कुछ पेज देखें तो इसमें नि���ेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग न के बराबर अभ्यर्थियों को अलॉट हुआ, लेकिन रेंक 8713 से लेकर रेंक 10850 तक सभी बच्चों को निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग एलोट हुआ। क्या कंप्यूटर ऐसा करेगा? ऐसा मानवीय हस्तक्षेप के बिना संभव ही नहीं है, जिसमें अपने चहेतों को अच्छे प्रमोशन वाले विभाग दे दिये गये। इसमें अभ्यर्थियों के समानता के अधिकार का घोर उल्लंघन हुआ।
3. बहुत सारे याचिकाकर्ता है जिनकी रैंक अच्छी होने के बावजूद उनको शिक्षा विभाग या चिकित्सा विभाग दिया गया। यहां कर्मचारियों की भरमार होने के कारण कोई प्रमोशन नहीं होगा जबकि उनसे घटिया रैंक वालों को राजस्व मंडल, कलेक्टर ऑफिस, आयुक्तालय जैसे विभाग मिले जहां कर्मचारी बहुत कम होने से प्रमोशन के मौके बहुत अच्छे हैं। एक कर्मचारी अच्छी रैंक लाने के बावजूद भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ही रह जाएगा जबक��� दूसरे वाला घटिया रैंक होने के बावजूद एलडीसी एवं यूडीसी प्रमोट हो जाएगा। फिर रैंक का और मेहनत करने का क्या मतलब?
इसमें अभ्यर्थियों के मूल अधिकार- समानता के अधिकार का घोर उल्लंघन है। उन अभ्यर्थियों को अपनी चॉइस का विभाग मिलना चाहिए।
4. बहुत सारे मध्यमवर्गीय महिला और पुरुष याचिकाकर्ता जिन्होंने बहुत मुश्किल फाइनेंशियल क्राइसिस में रहकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती की तैयारी की और उसमें ��च्छी रैंक से चयन भी हुआ लेकिन आज उनको ऐसा विभाग दे दिया गया जिसका ऑफिस उनके जिले में नहीं है तो वह जयपुर जैसी सिटी में रहकर कैसे गुजरा करेंगे जबकि इस जॉब की सैलरी ₹10000 प्रति महीना है। उन अभ्यर्थियों को अपनी चॉइस का विभाग मिलना चाहिए।
5. जब राज्य सरकार एलडीसी से लेकर RAS भर्ती में अभ्यर्थियों से अपनी अपनी चॉइस भरवा कर प्राथमिकता के आधार पर श्रेणीवार वरीयता के अनुसार विभाग आवंटन करती है तो इस भर्ती में ऐसा क्यों नहीं? यह अभ्यर्थियों की समानता का उल्लंघन है।
3 मार्च 2025
4th ग्रेड Recruitment Notification में स्पष्ट लिखा है मेरिट आधारित ज्वाइनिंग मिलेगी
फिर रेंडमली किस आधार पर किया है
अपने चहेतो या पार्टी विचारधारा वालों को फायदा देने के लिए।
@alokrajRSSB@BhajanlalBjp@RajCMO@ashokgehlot51@hanumanbeniwal
सभी स्वतंत्र है, अपने हक के लिए लड़ने के लिए।
कोई प्रसाद बांट रहे हैं क्या जो ऐसे ही बाँट दिया।
अच्छे नंबर होने के बावजूद भी किस्मत के भरोसे रहो @Radhemahwa@NFUofficial1@RajCMO@ashokgehlot51
#Jaipur: चतुर्थ श्रेणी भर्ती में विभाग आवंटन पर उठे सवाल
उच्च मेरिट के बावजूद पसंदीदा विभाग नहीं मिलने पर अभ्यर्थी पहुंची हाईकोर्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भर्ती-2024 में विभाग आवंटन को ...
#RajasthanWithFirstIndia@vyaskamalkant
माननीय @alokrajRSSB जी,
विज्ञप्ति में स्पष्ट उल्लेख है कि विभिन्न विभागों/ अधीनस्थ विभागो के लिए विभाग आवंटन
☀️मेरिट के आधार पर ☀️ किया जाएगा,
तो फिर अन्याय क्यों हुआ @AdvRPsaini@Radhemahwa@NFUofficial1
चतुर्थ श्रेणी भर्ती
मुझे आवंटित विभागों का रैंडम आवंटन उचित नहीं है। विभागों का आवंटन अभ्यर्थियों की मेरिट एवं विभागीय वरीयता के आधार पर होना चाहिए।
जो अभ्यर्थी विभाग आवंटन से असंतुष्ट हैं तथा कोर्ट जाने वाले हैं, वे सभी इस समूह से जुड़ें।
https://t.co/6GqWEzUxxg
चतुर्थ श्रेणी भर्ती:
ARD का रैंडम विभाग आवंटन समझ से परे है। 10हजार रेंक से लेकर 13हजार रैंक तक लगातार सभी को शिक्षा विभाग अलॉट किया गया है।
यदि रेंडिमिली विभाग का आवंटन करना था तो पदों की संख्या के अनुपात में रैंडम मैथड यूज़ करना चाहिए था
@educationnagari
भाई आपकी मॉंग बिल्कुल जायज है कि हमारे #चतुर्थ_श्रेणी में नंबर ज्यादा होने के बावजूद अच्छा विभाग क्यों नहीं मिला ✅
लेकिन कार्मिक विभाग का पहले से नोटिफिकेशन जारी था कि विभाग Randomly allot होगा ✅✅
चतुर्थ श्रेणी भर्ती:-
विभाग आवंटन होने से पहले ही बोला था कि random allotment सिस्टम से वो लोग सहमत नहीं होंगे जिन्हें अच्छी रैंक होने के बावजूद मनपसंद विभाग नहीं मिलेगा।
यह बदलना चाहिए और आज नहीं तो कल बदलेगा।
ये मामला कोर्ट में तो जाना ही था क्योंकि रैंडमली विभाग आवंटन की प्रक्रिया पूर��णतः आधारहीन और अन्यायपूर्ण है।
अभ्यर्थियों की choice और मेरिट क्रमांक के आधार पर विभाग आवंटन किया जाना चाहिए जिससे अधिक प्राप्तांक (अच्छी मेरिट) वाले अभ्यर्थियों को लाभ मिले।
@kambesh78 @dharmraj9511
#चतुर्थ_श्रेणी_भर्ती में फिलहाल सब कुछ नियमानुसार ही चल रहा है लेकिन भविष्य में होने वाली भर्तियों में विभाग आवंटन randomly करने की बजाय अभ्यर्थियों से choice लेकर उनके मेरिट क्रमांक के आधार पर करना चाहिए।
रैंडम प्रक्रिया संतोषजनक नहीं है, इसमें बदलाव होना जरूरी है।
@kambesh78
चतुर्थ श्रेणी भर्ती 2024 में अच्छी मेरिट के बावजूद कई चयनित अभ्यर्थियों को मनपसंद विभाग नहीं मिला। विभाग आवंटन मे���िट व नियमों के आधार पर किया जाए, यही हमारी मांग है।
यदि आप भी प्रभावित हैं, तो एकजुट होकर टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ें।
https://t.co/THkJpzlBVK
क्या सच में 2018 की ldc भर्ती में ARD डिपार्टमेंट allot Rendomly हुए फिर केस हुवा और वापस अलॉटमेंट रिवाइज करना रैंक के according???
और होना भी चाहिए नहीं तो फिर अच्छी रैंक का क्या फायदा मिला।
विभाग आवंटन की इस रैंडम प्रणाली के खिलाफ कोर्ट में केस करने जा रहे हैं
कितने भाई साथ देने को तैयार हैं जिस से deserving कैंडिडेट को अच्छा विभाग मिल सके
सभी साथी अपनी राय अवश्य दे
@Ravikumar151315
🙏🙏