अंबेडकर पर छोटी सी टिप्पणी को लेकर अनामिका उपाध्याय गिरफ्तार हों गईं वहीं हिंदू देवी देवताओं को गालियां देना फैशन है, मनुस्मृति जलाना तो बिल्कुल आम बात हो गई है
@AmitShah
SC ST एक्ट में पहले जांच फिर कार्यवाही :सुप्रीम कोर्ट
नहीं पहले गिरफ्तारी फिर
जांचः- @narendramodi
नीट(MBBS) में आरक्षण नहीं :-
पूर्व सरकारें
नहीं नीट(MBBS) में आरक्षण ः- @narendramodi
नीट (PG) में scSt कट ऑफ
235:- पूर्व सरकारें
नहीं नीट(PG) में ScSt कट
ऑफ़ -40 :- @narendramodi
भक्तो को यही नतीजा मिला
भाजपा को वोट देने के बाद
@narendramodi पैदा होने से लेकर मरने तक इस देश में आरक्षण ही तो बट रहा है और क्या है। राजनीति का केंद्र बिंदु बना दिया है, लोगों को स्वयं पर नहीं आरक्षण पर विश्वास ज्यादा है।
महिला को आरक्षण चाहिये।
दलित को आरक्षण चाहिए ।
आदिवासी को आरक्षण चाहिए
पिछड़ा को आरक्षण चाहिए।
मुसलमान को आरक्षण चाहिए ।
पासमंदा को आरक्षण चाहिए ।
ट्रांसजेंडर को आरक्षण चाहिए ।
मतलब इस देश में किसी को मेरिट पर भरोसा नहीं है, हर कोई अपने लिए सुरक्षित सीट चाहता है, और ओपन की सीट में भी हिस्सा चाहता है।
विश्वगुरु भारत बन रहा है, या आरक्षण गुरु भारत। 😂🤷🏻♂️
रात्रि के पौने दो बज रहे हैं। मेरे घर पर नोएडा पुलिस के चार अधिकारी हैं। मैं एक बजे तक, साढ़े तीन घंटे लाइव था। वो तीन बार आए पूछने कि मैं कहाँ हूँ। अभी मिल कर आया और बताया कि उनकी उपस्थिति ने मेरी छवि अपनी सोसायटी में एक अपराधी की बना दी है।
उन्होंने कहा: पर सर हम तो गुड फेथ में आए हैं।
मैंने कहा कि यह बात मैं जानता हूँ, मेरे पड़ोसी नहीं जानते, न ही पूछने आएँगे।
मैं एक पत्रकार हूँ जो टीवी पर नहीं आता कि अपने सम्मान पर हो रहे इस चोट को अधिक लोगों तक पहुँचा सकूँ। मैं किसी पार्टी से नहीं, मेरी कोई संस्था नहीं, मेरा कोई आपराधिक इतिहास नहीं परंतु @narendramodi जी ने मुझे दिल्ली बम धमाकों के आतंकियों और उत्तम नगर में तरुण के हत्यारों से बड़ा अपराधी बनवा दिया है।
मुझे कल को मकान मालिक इस बात पर निकाल सकता है कि मेरे कारण उसकी प्रॉपर्टी पर पुलिस वाले आ रहे हैं, समाज में उसका नाम खराब होगा। हर छः महीने अब मैं घर ढूँढता रहूँ या इस सतत मानसिक यातना में रहूँ कि कहीं यहाँ से भी न जाना पड़े! पर मैं जानता हूँ कि यह लड़ाई मेरी है और इसमें ऐसे पड़ाव आएँगे।
मैं आज सोने जा रहा हूँ तो इस पीड़ा के साथ कि कई आंदोलनकारी दिल्ली पहुँच तो गए हैं, पर उन्हें पता नहीं है कि वो कहाँ जाएँगे, क्या करेंगे। मैं उनसे कहूँगा कि आप रामलीला मैदान या जंतर मंतर जाएँ, पुलिस आपको जैसा कहे, उनकी बात मानें।
आप नारेबाजी करें, आप भीड़ में संवैधानिक अधिकार के साथ प्रदर्शन करें। पर हाँ ध्यान रहे कि पतित @BJP4India अब किसी भी स्तर तक गिर सकती है। आपके बीच वो किसी उद्दंड व्यक्ति को भेज कर भड़काऊ नारे लगवा सकती है, बस में आग लगवा सकती है। ऐसे लोगों से बचें।
साथ के जितने लोग भी हाउस अरेस्ट में हैं, चाहे वो शेखावत जी हों, आनंद स्वरूप जी हों, यति जी हों, उदिता जी हों, सर्वेश जी हों या अन्य जिनका नाम मैं नहीं जानता, मैं इस विषय पर आपके साथ हूँ।
अंत में, एक विचित्र बात। भाजपा के एक मित्र हैं, उन्होंने आठ बजे कहा कि उन्होंने फोन कर दिया है कि दो पुलिसकर्मियों को हटा दिया जाए ताकि मैं ठीक से सो सकूँ। मेरा लाइव आरंभ हुआ और जाते-जाते पुलिसकर्मियों की शिफ्ट बदली। अभी वो दो की जगह चार हो गए हैं, बाहर गाड़ी खड़ी है।
शुभरात्रि मोदी जी! जीवन के इस नए अनुभव के लिए आभार।
सुबह से ही पुलिस ने मुझे हाउस अरेस्ट कर रखा है मेरा अपराध सिर्फ इतना है कि मैं सामान्य वर्ग के हित की आवाज उठाता हूं।
भाजपा सरकार यह जो सवर्णों पर अत्याचार कर रही है उसे भी इसका फल जरूर मिलेगा।
अजीत भारती @ajeetbharti को हाउस अरेस्ट क्यों किया गया?
वह सवर्ण समाज की आवाज़ उठाने वाले एक योद्धा हैं।
उन्हें घर में ही रोक देना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सवाल खड़ा करता है।
क्या अपनी बात रखना अब अपराध हो गया है?
यह सरकार की ओर से एक चिंताजनक कदम है।
हम पूछते हैं —
अजीत भारती का अपराध क्या है?
#8March_Ramleela_Maidan
#IndiaFirst
“ये बो आंदोलन होने जा रहा जो एक नए भारत का निर्माण करेगा ..”
तुम जैसे नेताओं द्वारा लगाई गई आग 🔥 को हमेशा के लिए शांत करने बाला आंदोलन होगा !
ये प्रखरता का
ये दृंढ संकल्प का
ये जय का आंदोलन
#UGC_Roll_Back
संविधान संशोधन बिल 2026 के माध्यम से अनुच्छेद 16 में OBC शब्द जोड़कर प्रोन्नति में आरक्षण का विस्तार करना “समान अवसर” की मूल भावना पर प्रहार है। सरकार बार-बार साबित कर रही है कि वह क्षमता और योग्यता से ज़्यादा राजनीति को प्राथमिकता दे रही है। जनरल हो या अन्य श्रेणी — नौकरी में दोनों समान दायित्व निभाते हैं, समान मेहनत करते हैं, फिर प्रोन्नति का पैमाना अलग क्यों?
उच्च न्यायपालिका में भी रिजर्वेशन पहुंचाया जा रहा है, जिससे न्याय व्यवस्था की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े होंगे। न्यायालय में सर्वोच्च मानक केवल और केवल योग्यता होना चाहिए, क्योंकि "बंदर के हाथ में उस्तरा" देने से वह आपकी पीढ़ियों को बर्बाद कर सकता है।
Source: https://t.co/xmduEX4svH
#संविधान_निर्माता_bn_राव #Article16 #MeritMatters