योगी आदित्यनाथ के पौधा रोपड़ घोटाले का लाइव टेस्ट एक बेरोजगार युवा कॉकरोच द्वारा देखिये।
टहनियां तोड़कर रोप दिया और वीडियो फुटेज बनकर योगी कैम्प में भेज दिया गया।
9 वर्षो में 50 करोड़ पौधा रोपड़ घोटाला हुआ है।
उसकी फुटेज सरकार कभी जारी नहीं करती।
@abhijeet_dipke “पाँच साल में एक बार वोट देकर अपने शासक चुन लेना और फिर अगली चुनाव तक इंतज़ार करते रहना लोकतंत्र नहीं है। लोकतंत्र को जीवंत, सक्रिय और निरंतर जवाबदेह होना चाहिए।”
— @VijetaDahiya, पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस
अहमदाबाद से मुंबई जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों को तब तगड़ा झटका लगा, जब उनके खाने में कीड़ा निकल जिसके बाद यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई और लगभग सभी ने खाना खाना बंद कर दिया।
वंदे भारत एक्सप्रेस😯🤔
आपके परिवार से कोई भी बीजेपी पार्टी से नेता है तो फिर आप किसी के भी ऊपर तलवार से हमला कर सकते हैं।
मामला इंदौर का है जहां नेता जी के भाई को ना प्रशासन का डर ना कानून का खौफ है
क्या यही है 'बदला हुआ' यूपी? विधायक का बेटा बना 'अधीक्षक', रामपुर में उड़ी नियमों की धज्जियां!
रामपुर से आई ये तस्वीरें भाजपा सरकार के 'सुशासन' और 'प्रोटोकॉल' के दावों का सरेआम मजाक उड़ा रही हैं। जिस CHC में मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी विशेषज्ञ डॉक्टरों की है, वहाँ सत्ता के मद में चूर एक 5वीं पास विधायक पुत्र न केवल अधीक्षक की कुर्सी पर कब्जा जमाए बैठा है, बल्कि सीनियर डॉक्टरों की क्लास भी लगा रहा है।
क्या मुख्यमंत्री जी का 'कानून का राज' सिर्फ आम जनता के लिए है? आखिर एक गैर-जिम्मेदार व्यक्ति को सरकारी संस्थान के निरीक्षण और डॉक्टरों को अपमानित करने का अधिकार किसने दिया? क्या अब विधायक के परिजन ही तय करेंगे कि अस्��ताल कैसे चलेगा?
जब तक हम ऐसे पाखंडियों को बेनकाब नहीं करेंगे और कानूनी-सामाजिक रूप से जवाबदेह नहीं ठहराएंगे, तब तक अंधविश्वास की यह महामारी देश के तर्कशील भविष्य को खोखला करती रहेगी।
मथुरा में एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ कथित तौर पर एक हिंदू पुजारी ने बलात्कार किया। वह सड़कों पर रोते हुए उस पुजारी पर आरोप लगा रही है, जबकि पुलिस खड़ी होकर देखती रही।
यूपी रोडवेज वाला कितना मनबढ़ है, ख़ुद देखिए 👇
पहले एक्सीडेंट किया और जब युवक ने रोकने की कोशिश की तो भागने लगा. युवक बस की खिड़की पकड़ लटक गया, बावजूद इसके बस वाला नहीं रुका.
घटना यूपी के एटा की है.
वंदे भारत ट्रेन में आपको गर्म रोटी तो खिलाई जा रही है लेकिन गर्म कैसे हो रही है कभी ध्यान दिया है ?
व�� प्लास्टिक के पैकेट में ही गर्म की जाती है , अब आपके शरीर में कितना जहर अन्दर जा रहा आप सोच लो
"यूपी के खनन माफिया को देखिए.."
ये दबंगई, ये दुस्साहस, ये बेअंदाजी, ये बेखौफी.. मतलब कानून-व्यवस्था और सिस्टम ठेंगे पे..
वीडियो बरेली का है.. अवैध खनन की सूचना पर तीन ने रेड मार��.. खबर मिल रही है कि खनन माफिया के गुर्गों ने पहले टीम से गली गलौच की, फिर हाथापाई.. और फिर पथराव करते हुए ट्रैक्टर ट्रॉली लेके भाग निकले..
रेड टीम ने पीछा करके रोकने की कोशिश को देखिए क्या किया!!
फिलहाल, खनन माफिया और उसके गुर्गों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है..
#bareilly #Mining #IllegalMining #Raid #RaidChase #UttarPradesh #FIR #lawlessness #PoliceRaid
‘23 में 12’ ये किसी इम्तिहान का रिज़ल्ट नहीं है बल्कि अलीगढ़ में भाजपा नेताओं के बीच हुए घमासान में गोलि���ों के स्नेह आदान-प्रदान का दुर्दांत आँकड़ा है। ये वारदात तब हुई, जब भाजपा के डबल डिब्बों के बीच आपस में 23 सेकंड में 12 रा��ंड गोलियाँ चलीं।
लोगों को लगा कि कहीं हर काम उल्टा करनेवाले भाजपाई होली मिलन में दिवाली तो नहीं मना रहे हैं।
दरअसल ये जाते-जाते लूटे माल के बँटवारे की लड़ाई है।
यूपी के महाराजगंज में भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में बड़ा हंगामा हो गया. कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने पार्टी के एक पदाधिकारी का कॉलर पकड़ लिया औ��� मारने के लिए अपनी चप्पल भी उठाई. महिला का आरोप है कि पदाधिकारी ने उससे ‘लाखों रुपये’ लिए थे, जो उसने वापस नहीं किए. इससे तंग आकर वो इवेंट में अपने बेटे के साथ पहुंची थी.
पूरी खबर: https://t.co/TeMNz7U5mk
Uttar Pradesh | BJP | Event
गुजरात के पाटन जिले में ढेढ़ दर्जन से अधिक लोग एक फॉर्म हाउस पर लाठी डंडों से उत्पात मचा रहे थे जब पुलिस वहाँ पहुंची तो उत्पातियों ने पुलिस को भी लाठी डंडों से डराया धमकाया।
उसके बाद पुलिस सख्त एक्शन में आई और उन असामाजिक तत्वों एवं उत्पातियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ़्तार कर बीच सड़क पर परेड कराई पीछे के हिस्से को अच्छे तरीके सुजाया।
पुलिस प्रशासन का कदम सिर्फ़ अपराधियों पर सख़्त कार्रवाई ही नहीं बल्कि आम जनता में विश्वास जगाया कि क़ानून के हाथ बिलकुल मजबूत है और पुलिस आपके लिए “न्याय की उम्मीद” बनकर खड़ी है।
गंगा की ���वित्रता को खुद भाजपाई नष्ट कर रहे हैं, गंगा मैया में मल मूत्र और फैक्ट्रियों का गंदा पानी प्रवाहित किया जा रहा है और भाजपा सरकार में गंगा मां को बर्बाद किया जा रहा है।
यही है गंगा के प्रति भाजपाई सम्मान? यही है गंगा के प्रति भाजपा सरकार में नमामि गंगे योजना का हाल?
दरअसल गंगा सफाई और स्वच्छ प्रवाह के नाम पर गंगा मां और गंगा भक्तों को ठगा है भाजपा ने, नमामि गंगे योजना बनाकर सिर्फ जनता का अनगिन��� रुपया लूटा खसोटा गया है भाजपा द्वारा।
गंगा मैया भ्रष्ट और बेईमान भाजपाइयों को सद्बुद्धि दें।
How many of you have heard the terms “sarpanch pati” or “panchayat pati” ?
In many places, a Panchayat seat reserved for women ends up being contested by the wife, daughter, sister or daughter in law of a male politician , while real authority continues to be exercised by him. This is why these terms have become so common.
The 73rd Constitutional Amendment mandated 33% reservation for women in Panchayati Raj institutions so that women’s voices are part of local governance. Out of roughly 31 lakh elected Panchayat representatives, about one third are women.
But when an elected woman representative is only the face while authority is exercised by a male relative, it creates a parallel unelected authority. A form of proxy governance the Constitution never intended.
This is exactly why I raised the issue through a supplementary question in Parliament last week.
Does the government acknowledge that this practice exists? And what steps are being taken to ensure that women elected to Panchayats exercise real authority, not merely hold the seat in name?