दिल्ली अ*ग्निकां-ड: शेफ केशव नेगी की जमानत अर्जी क्यों हुई खारिज?
मालवीय नगर होटल अ*ग्निकां-ड में शेफ केशव नेगी की जमानत खारिज हो गई, उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। बचाव पक्ष ने तमाम दलीलें दी कि केशव बेगुनाह है, और भरोसा जताया है कि 7 दिनों के भीतर केशव को जमानत मिल जाएगी। क्या हुआ कोर्ट में, बता रहे हैं केशव के वकील एडवोकेट दीपक प्रकाश।
#delhifeire
#malviyanagarfire
#keshavnegi
#justiceforkeshavnegi
#bailapplication
#bailrejected
दिल्ली अ*ग्निकां-ड: शेफ केशव नेगी की जमानत अर्जी क्यों हुई खारिज?
मालवीय नगर होटल अ*ग्निकां-ड में शेफ केशव नेगी की जमानत खारिज हो गई, उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा गया है। बचाव पक्ष ने तमाम दलीलें दी कि केशव बेगुनाह है, और भरोसा जताया है कि 7 दिनों के भीतर केशव को जमानत मिल जाएगी। क्या हुआ कोर्ट में, बता रहे हैं केशव के वकील एडवोकेट दीपक प्रकाश।
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I condemn the decision to cut 700 trees from Garhi Cantt in Dehradun via Kimadi to facilitate traffic movement to Mussoorie. It’s also vital to discuss that these 700 trees will provide eco services to the tune of more than 50 Crores during the next 10 years. I urge the state govt to commit that they will look for alternate solutions to manage the rush of both tourism and traffic in Dehradun and Mussoorie. Further details in the video!
#Uttarakhand
Absolute lawlessness at Tungnath Dham. Tourist from Haryana broke open a local horse handler's head with a metal kada, leaving him bleeding badly. Wt happened at TUNGNATH is nothing short of an attempted murder. This is what happens when goons roam free. Horrific!
प्रधानमंत्री जी साल में एक बार छात्रों से 'परीक्षा पर चर्चा' तो बड़े चाव से करते हैं, उन्हें तनावमुक्त रहने के टिप्स देते हैं। लेकिन जब देश के लाखों युवाओं का भविष्य 'पेपर लीक' की भेंट चढ़ जाता है, तब सरकार में सन्नाटा क्यों छा जाता है?
नमस्कार साथियों
केशव नेगी जी ठीक हैं। उत्तराखंड समाज के कुछ साथियों ने उनसे मुलाकात की और उन्हें हिम्मत व ढाढ़स बंधाया। मैं उन सभी पुलिसकर्मियों और साथियों का हृदय से धन्यवाद करता हूँ जिन्होंने उनसे मिलकर यह संदेश पहुँचाया कि पूरा उत्तराखंड उनके साथ खड़ा है और उनके साथ किसी भी प्रकार की नाइंसाफी नहीं होने दी जाएगी।
मुझे बताया गया कि यह विश्वास और समर्थन देखकर उनकी आँखों में उम्मीद और आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा था। ऐसे कठिन समय में ने जिस तरह हम सबने एकजुटता का परिचय दिया है, वह पूरे उत्तराखंड समाज की ताकत को दर्शाता है।
एक बार पुनः आप सभी का धन्यवाद। हमें विश्वास है कि केशव नेगी जी को हर हाल में न्याय मिलेगा।
#KeshavNegi #JusticeForKeshavNegi #Uttarakhand
बेंगलुरु में राज्यपाल के काफिले के लिए 30 मिनट तक ट्रैफिक रोका गया। इसी दौरान पत्नी को अस्पताल ले जा रहा एक व्यक्ति सड़क पर ही धरने पर बैठ गया।
लेकिन VIP कल्चर तो खत्म हो गया था ?
धार्मिक स्थानों पर बेतहाशा बढ़ती भीड़, लंबा ट्रैफिक जाम, टूरिज्म के नाम पर हुड़दंग, ये सब न सिर्फ उत्तराखंड की छवि को खराब कर रहे हैं बल्कि हिमालय के लिए भी बड़ा खतरा बन सकते हैं।
#uttarakhand#tourism#trafficjam#pilgrimage@SapnaPandey28
मूल निवासियों के लिए न पानी है, न सड़क है और न ही बिजली की व्यवस्था। वहीं दूसरी ओर बाहरी लोगों को बसाकर उन्हें सभी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। साफ दिखाई देता है कि प्रशासन इसमें मिला हुआ है, जिस तरह से सारी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
पहाड़ियों जाग जाओ! अभी भी वक्त है।"
जो हिमालय पूरे भारत की प्यास बुझाता है, आज उसी हिमालय के मूलनिवासी बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं 😔
नेता - अधिकारी सब नकारा है😡
"हमारे पुरखों के जल-जंगल,
हमें वापस लौटा दो!"🙏
जल - जंगल पर हो ग्राम सभा का अधिकार!, 5th Schedule लागू हो✊
उत्तराखंड की स्थाई राजधानी के रूप में गैरसैंण को स्थापित करने की मांग को लेकर स्थाई राजधानी गैरसैंण समिति के तत्वावधान में आज 'जन जागरूकता पदयात्रा' का शुभारंभ किया गया। हमने इस यात्रा में शामिल होकरआंदोलन को समर्थन दिया।
चमोली के देवाल क्षेत्र में संचालित मेलखेत हाइड्रो प्रोजेक्ट को लेकर स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष है। आरोप है कि पिंडर नदी में भारी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर खनन किया जा रहा है, जबकि पर्यावरण संरक्षण के लिए बनाए गए नियमों और NGT के दिशा-निर्देशों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
हिमालय विश्व के सबसे संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में गिना जाता है। उत्तराखंड लगातार भूस्खलन, बादल फटने और भू-धंसाव जैसी आपदाओं का सामना कर रहा है। इसके बावजूद यदि नदियों और पहाड़ों का अंधाधुंध दोहन जारी रहता है, तो इसके दूरगामी परिणाम पूरे क्षेत्र को भुगतने पड़ सकते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि परियोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और प्रभावित लोगों को विश्वास में लेने के बजाय कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। ऐसे में पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
चिंता की बात यह भी है कि इतने बड़े स्तर पर गतिविधियां चलने के बावजूद प्रशासन, खनन विभाग और स्थानीय तंत्र की ओर से कोई स्पष्ट कार्रवाई या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राज्य सरकार को चाहिए कि वह यह सुनिश्चित करे कि विकास के नाम पर हिमालय की नाजुक पारिस्थितिकी और स्थानीय समुदायों के हितों से समझौता न हो।
तुंगनाथ धाम में लोग भगवान शिव के दर्शन और आत्मिक शांति की तलाश में पहुंचते हैं, लेकिन हालिया घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पवित्र धाम में श्रद्धा और अनुशासन की जगह विवाद, गाली-गलौज और मारपीट के दृश्य सामने आए।
#TungnathTemple#Uttarakhand#Mahadev#CharDhamYatra#Devbhoomi
हरिद्वार जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर भैंसवाल गांव में कुर्बानी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के मामले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी शोएब द्वारा बकरा ईद के त्यौहार पर घर पर पालतू भैंस की कुर्बानी की गई और कुर्बानी की वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी गई थी, जबकि वारिस पर वीडियो को आगे प्रसारित करने का आरोप है।
पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि मामले की जांच जारी है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।