यह जंतर-मंतर का वीडियो है। आज दिल्ली की उमस भरी गर्मी जान ले रही है। उस हाल में वहाँ लोग ठसा-ठस भरे हैं। हाथ का पंखा लेकर नौजवान एक दूसरे को हवा का मरहम लगा रहे हैं। घर में पंखे के नीचे राहत नहीं है, वहाँ तो क्या ही हालत होगी। इस गर्मी में वहां मौजूद लोगों की हालत भी ख़राब हो रही होगी। सोनम वांगचुक को जबरन हटाने के बाद भी धरना कमज़ोर नही हुआ है। लोगों ने आगे आकर इस धरने को थाम लिया है। कौन नेता है, कैसा नेता है, यह सब सवाल पीछे चला गया है। आज पूरे दिन जंतर-मंतर पर भारी भीड़ रही। धरना स्थल तक जाने के लिए लोग कतार में बिना शिकायत खड़े हैं। वहाँ से लौटने वाले लोगों की लाइन राजीव चौक मेट्रो में भी बढ़ती जा रही है। सोमवार को सरकार का इम्तहान है। कल वह मार्च में बाधा डालेगी या मार्च होने देगी।
आप नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, ग़ाज़ियाबाद इन महानगरों, महाज़िलों में रहने वाले जेन ज़ी, जेन बी जेन एक्स, जेन जो भी, किसी से पूछ लीजिए। क्या यहाँ एक भी सरकारी शै��्षणिक संस्थान है, जिसकी दुनिया छोड़िए, भारत में पहचान हो। जिसकी गुणवत्ता की तारीफ होती हो। जिसमें पढ़ने का सपना देखा जाता हो। एक भी नहीं है। सोचिए लाखों करोड़ों की आबादी के बीच एक ढंग का कॉलेज नहीं है। जहाँ भारत का एस्पिरेशनल क्लास रहता है। वह 12 साल से व्हाट्स एप यूनिवर्सिटी में डूबा रह गया। बच्चों के लिए अमेरिका का वीज़ा बनवाता रहा लेकिन मुड़ कर नहीं देखा कि उसके शहर में एक भी कॉलेज काम का क्यों नहीं है। इसके कारण मिडिल क्लास के साथ साथ नियो मिडिल क्लास के बच्चे भी घिस रहे हैं, पिस रहे हैं, मिट रहे हैं। जो मेहनत मज़दूरी करने वाला तबका है, जिसे लग रहा है कि पढ़ाई से उसके परिवार का भविष्य बदल सकता है, वह कड़ी मेहनत कर अपने बच्चों को किसी तरह स्कूल और कालेज भेज रहा है। उसे पता ही नहीं है कि ��ह अपने बच्चों को जिन सपनों के लिए तैयार कर रहा है, वह कब का रौंदा जा चुका है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग़ाज़ियाबाद और गुरुग्राम के घरों में काम करने वाली महिलाओं से पूछ लीजिए। हाड़ तोड़ मेहनत कर रही हैं और अपने बेटी की पढ़ाई के लिए फीस भर रही हैं। उनके बच्चे भी ख़ूब मेहनत करते हैं लेकिन सामाजिक पूंजी नहीं होने के कारण उन्हें गाइड नहीं मिल पाता। हर दिन लाखों सपनों की हत्या हो रही है। समाज के इस तबके को अभी शिक्षा से जुड़े मुद्दे की समझ नहीं है, कभी तो उन्हें भी पता चलेगा कि सारा सिस्टम इसी तरह डिज़ाइन किया गया है कि उनके बाद उनकी बेटियाँ भी घरों में काम करती रहेंगी । शिक्षा को बर्बाद किया गया ताकि लाखों लोगों का भविष्य बर्बाद हो सके और वे कम से कम पैसे में काम करने के लिए हमेशा मजबूर रहें।
भारत के भविष्य के साथ लंबे समय तक यह धोखा हुआ है। हो सकता है भारत का युवा धर्म की राजनीति में फिर से सनक जाएगा, वह गौरव और पहचान राजनीति में धर्म से पाने लगेगा, ��ह सब हो सकता है, हो ही रहा है, लेकिन अगले तीस साल में भी वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बड़े स्तर के शैक्षणिक संस्थानों को नहीं पा सकता है। यह लड़ाई आज की नहीं है, अगले पचास साल की है।
लोकतंत्र एक बार फिर शर्मसार!
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले 21 दिनों से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक ��ी को सादा कपड़ों में पहुँचे पुलिसकर्मियों द्वारा जबरन अस्पताल ले जाना तथा उनके साथियों के साथ मारपीट कर उन्हें हिरासत में लेना अत्यंत निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है।
इससे पहले वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर महीनों तक धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों के साथ भी यही हुआ। देश का गौरव बढ़ाने वाली महिला पहलवानों के शांतिपूर्ण आंदोलन को भी इसी तरह बलपूर्वक हटाया गया। अब सोनम वां��चुक जी के सत्याग्रह के साथ भी वही व्यवहार किया जा रहा है।क्या शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार केवल सत्ता की सुविधा तक ही सीमित रह गया?
हम प्रकृति से प्रार्थना करते हैं कि सोनम वांगचुक जी को उत्तम स्वास्थ्य, शक्ति और दीर्घायु प्रदान करे।
#SonamWangchuk
पीछे एक सप्तहा से निशु आज़ाद मुश्किल मै घिरी हुई है जिसके बाद वे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद से मदद की गुहार लगाती है लेकिन चंद्रशेखर आज़ाद भी हाथ खडे कर देते ��ांसद चंद्रशेखर आज़ाद के लिए दिन रात प्रचार करने वाली निशु आज़ाद आज अकेली ख़डी है निशु आज़ाद ने कहा है हमारे मरने के बाद सांसद चंद्रशेखर आज़ाद राजनीती करने मत आना अब देखना होगा इन आरोप के बाद भी सांसद चंद्रशेखर आज़ाद निशु के लिए आवाज उठाते है या नहीं
@BhimArmyChief @Nishuazad11 @AzadSamajParty @VinayRatanSingh
લાઈવ ઓપરેશન રિપ્લાયમાં:-
ઈથેનોલ મિશ્રિત પેટ્રોલ દેશને અને ગુજરાતને બરબાદ કરી રહ્યું છે. દેશમાં 3 કરોડ ને ગુજરાતમાં 35 લાખ કાર પેટ્રોલથી ���ાલે છે.
ઈથેનોલથી દેશના નાગ���િકોને અબજો રૂપિયાનું નુકસાન સંઘના અને દેશના નેતા મોદી અને ગડકારીએ કર્યું છે.
ને વાતો સેમિકન્ડક્ટરની કરવામાં આવે છે.
गुजरात में चल रहे आदिवासी आंदोलन के दौरान 18 दिन क��� मासूम बच्चे सहित चैतर भाई वसावा एवं उनके साथ 9 साथियों को जेल भेजा जाना अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील विषय है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, न्याय और सम्मान की लड़ाई में मजबूती से उनके साथ खड़ा है। हमारा मानना है कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को निष्पक्ष न्याय और कानून के अनुसार सुनवाई का अधिकार प्राप्त है।
��म आदिवासी समाज के इस संघर्ष के प्रति अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हैं तथा संबंधित प्रशासन और सरकार से निष्पक्ष एवं शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने की मांग करते हैं।
इसी गंभीर विषय को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय विनय रत्न सिंह जी गुजरात के दौरे पर हैं। वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं, आंदोलन से जुड़े साथियों का हौसला बढ़ा रहे हैं और निर्दोष लोगों को न्याय दिलाने तथा उनकी रिहाई की मांग को मजबूती से उठा रहे हैं।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन न्याय, समानता और संविधान की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है।
जय भीम
जय भारत
जय संविधान
गुजरात में चल रहे आदिवासी आंदोलन के दौरान 18 दिन के मासू��� बच्चे सहित चैतर भाई वसावा और उनके साथ 9 लोगो को जेल भेजा जाना अत्यंत चिंताजनक और संवेदनशील विषय है।
भीम आर्मी भारत एकता मिशन आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों, न्याय और सम्मान की लड़ाई के साथ मजबूती से खड़ा है। हमारा मानना है कि लोकतंत्र में हर नागरिक को न्यायपूर्ण और निष्पक्ष प्रक्रिया का अधिकार है।
हम आदिवासी समाज के संघर्ष के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हैं और संबंधित पक्षों से नि��्पक्ष न्याय सुनिश्चित करने की अपेक्षा करते हैं।
जय भीम! जय संविधान!
आदिवासी समाज, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले नेता चेतर भाई वसावा के साथ न्याय होना चाहिए।
भारत आदिवासी पार्टी हर परिस्थिति में चेतर भाई वसावा के साथ मजबूती से खड़ी है और न्याय की इस ��ड़ाई में अपना समर्थन जारी रखेगी।
#IStandWithChaitarVasava
उत्तर प्रद��श में हमारी सरकार आने पर पुलिसकर्मियों के लिए 8 घंटे की ड्यूटी, साप्ताहिक अवकाश, नये व बेहतर आवास ,अत्याधुनिक पुलिस स्कूल तथा CHC स्तर के समान पुलिस अस्पतालों की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
#ASP_K_Mission2027 #सत्तापरिवर्तनयात्रा
#UPMaangeChandraShekharAzad #ASPK
#AzadSamajParty #bhimarmy #SattaParivartanYatra #ChandrashekharAzad
नॉर्वे की पत्रकार @HelleLyngSvends ने वह साहस दिखाया, जो भारत का बड़ा मीडिया पिछले 13 वर्षों में नहीं कर पाया। सत्ता से सवाल पूछना पत्रकारिता का धर्म है, लेकिन भारत में अधिकांश मीडिया ने सवालों की जगह चुप्पी और भक्ति को चुन लिया।