4 PM की पत्रकार शाहीन को धार्मिक आधार पर पीटे जाने के BBC लंदन की पत्रकार रही हुदा जरीवाला ने दिल्ली पुलिस को दिखाया आइना ,
हुदा जरीवाला का दिल्ली पुलिस से किये गए ये सवाल आने वाले इतिहास में स्वर्ण पन्नों में लिखें जायेंगे ,
सलाम है ऐसे पत्रकारो पर ,
#Nepal
एक महीने पहले ये आंसू किसी को नहीं दिखे..!
मस्जिद नहीं तोडना चाहिए था हमारा घर तोड़े लेकिन मस्जिद नहीं तोडना चाहिए था,
हमारे अल्लाह का कलाम है उसके अंदर, क्या बेबसी है देखकर आंख मे आंसू आ जाए
जब ऐसे बेबस लोगो का सब्र लगता है तो सब तबाह हो जाता है
#Floods
कितनी भयावह दृश्य कर दिया था सरकार ने,
फिर भी युवाओं ने संघर्ष किया,
सरकार ने शर्मसार कर दिया 🥺
ये स्वतंत्रत भारत की तस्वीर है जिसमें शिक्षा के लिए लाठियां खानी पड़ रही है।
दिल्ली में फ़िरोज़ को बेरहमी से पीटा गया, उसपर लड़की कि तस्वीर लेने का आरोप लगाया गया, जबकि फ़िरोज़ का कहना है कि उसे जानबूझ कर निशाना बनाया गया, कपिल नाम के युवक ने पहले से प्लान कर उसकी पिटाई कि, मतलब एक मुसलमान को निशाना बनाना अब कितना आसान हो गया है, सरेआम गुंडागर्दी चल रही।
बिहार के सारण जिले के माझी में सरयू नदी में एक 8 वर्षीय मासूम के डूबने की सूचना मिलते ही सब-इंस्पेक्टर शमीम खान बिना अपनी जान की परवाह किए सीधे नदी में कूद पड़े। स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ उन्होंने करीब 45 मिनट तक लगातार तलाश अभियान चलाया। उनकी बहादुरी और कर्तव्यनिष्ठा की यह कहानी आज हर किसी का दिल जीत रही है।
ऐसे लोगों को हमारा सलाम....!!
एक महिला को बालों से पकड़कर घसीटा जा रहा है, चिमटे से पीटा जा रहा है और आसपास खड़ी भीड़ सिर्फ तमाशा देख रही है।
यह सिर्फ एक महिला के साथ हुई हिंसा नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल है।
कानून हाथ में लेने वालों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, क्योंकि किसी को भी भीड़ के सामने इस तरह प्रताड़ित करना इंसानियत के खिलाफ है।