दिल्ली एम्स में एक मां अपनी 2 साल की बेटी की जानलेवा बीमारी का इलाज कराने पहुंची। बीमारी का नाम (SMA type 1) जिसके इलाज में 9 करोड रुपए का खर्चा था।
मां ऑटो में बैठी सिसक रही थी कि अपनी बेटी के इलाज के लिए इतना पैसा कैसे इकट्ठा करेगी तभी वहां इस मां पर कुछ मुसलमान लड़कों की नजर पड़ती है। लड़के डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन मांगते हैं
दूसरे दिन लड़के जामा मस्जिद जाते हैं ऐलान करते हैं, बच्ची की बीमारी का... नमाजी निकलते हैं और बच्ची के लिए पैसे डोनेट करते रहते हैं। 6 करोड़ 33 लाख रुपए इकट्ठा हो जाता है।
ना कोई धार्मिक नारा लगाया जाता है, ना नाम पूछा जाता है, ना आधार कार्ड मांगा जाता है... बस मुसलमान खड़े होते हैं एक हिंदू बहन की बिटिया की जिंदगी बचाने के लिए....यही मेरा हिंदुस्तान है।
उत्तर प्रदेश की पुलिस अपने सीओ को मुकम्मल इंसाफ नहीं दिला पाई। सीओ ज़िया उल हक़ हत्याकांड के पांच आरोपितों को सीबीआई ने ‘क्लीन चिट’ दे दी है। ‘क्लीन चिट’ पाने वालो में पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैय्या भी शामिल हैं। पांच अक्तूबर 2024 को राजा भैया और गुलशन यादव समेत पांच को क्लीनचिट देते हुए 10 दोषियों को सजा सुनाई थी। जियाउल हक की पत्नी परवीन आजाद ने सीबीआई अदालत के क्लोजर रिपोर्ट का विरोध करते हुए बरी किए गए आरोपियों की भूमिका की दोबारा जांच की मांग की थी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की विशेष अदालत ने फिर से जांच की और क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। हालांकि, इस बार भी विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रतिभा सिंह की अदालत ने पर्याप्त कारण न मिलने का हवाला देते हुए राजा भैया, उनके मीडिया प्रभारी हरिओम श्रीवास्तव, सपा नेता गुलशन यादव, गुड्डू सिंह और रोहित सिंह को क्लीनचिट दे दी है।
जियाउल हक के माता हाजरा खातून और पिता शमशुल हक कहते रह गए कि बेटे की हत्याकांड का चक्रव्यूह रचने वाला ही बरी हो गया। इससे बड़े दुख की बात क्या हो सकती है। NBT से बात करते हुए जिया उल हक़ के पिता ने बताया कि गरीबों के दिनों में काफी मेहनत करके बेटे को पुलिस अफसर बनाया था। बेटा भी खो दिया और अब एलआईसी के पैसे को लेकर बहू परवीन आजाद से भी मुकदमा चल रहा है। जियाउल हक की मां हाजरा खातून ने बताया कि बेटे की मौत के बाद उसके आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए थी, मगर अब वह उम्मीद भी समाप्त हो गई। बेटे की मौत के बाद बहू को पुलिस विभाग में ओएसडी की नौकरी मिल गई। वह लखनऊ में ही रहती है। हम लोगों से उसकी दूरियां बढ़ गई हैं।
मेरठ में सेंट्रल मार्केट पर बुलडोजर चल रहा है, इसी बीच अब पूरे मेरठ पर सीलिंग का खतरा मंडरा गया है। 16 हज़ार 726 पर सुप्रीम कोर्ट ने एक्शन का आदेश दे दिया है। बुलडोज़र का ‘मज़ा’ लेने वालो को इससे कोई फर्क पड़ेगा? शायद नहीं! क्योंकि अगर फर्क पड़ता तो मेरठ में भाजपा अध्यक्ष का बुलडोजर से स्वागत होता?
उत्तर प्रदेश: 2 मार्च 2013 को प्रतापगढ़ में हुए कुंडा के तत्कालीन सीओ जियाउल हक हत्याकांड में लखनऊ की विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हुई पुनर्जांच के बाद रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया, उनके मीडिया प्रभारी हरिओम श्रीवास्तव, सपा नेता गुलशन यादव, गुड्डू सिंह और रोहित सिंह को दोबारा क्लीनचिट दिए जाने पर जियाउल हक के वृद्ध माता-पिता (हाजरा खातून व शमशुल हक) ने गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने कहा कि बेटे की हत्याकांड का चक्रव्यूह रचने वाला ही बरी हो गया। इससे बड़े दुख की बात क्या हो सकती है।
अडाणी को ज़मीन देने के लिए @himantabiswa सरकार ने डेढ़ हज़ार के क़रीब परिवारों को उजाड़ दिया। सरकार की तरफ से ढोल पीटा गया कि यह ज़मीन ‘खाली’ कराई गई है, मतलब नागरिकों को उजाड़कर पूँजीपति को आबाद किया जा रहा है, क्या यह पूँजीवाद और फासिज्म का मिश्रण नहीं है?
गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए तो आरोपी को रिहा करना होगा: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि किसी आरोपी को गिरफ्तार करने के कारण लिखित रूप में और ऐसी भाषा में बताना जरूरी है जिसे वह समझ सके। ऐसा नहीं करने पर गिरफ्तारी असंवैधानिक मानी जाएगी और आरोपी को तत्काल रिहा करना होगा।
पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 22(1) के तहत मिली यह सुरक्षा सभी तरह के मामलों में लागू होती है।
महाराष्ट्र: ट्रेन में एक मुस्लिम के साथ मारपीट! जबरन “जय श्री राम” बोलने के लिए मजबूर किया!
नासिक में 18 सितंबर को हिंदूवादी समर्थकों ने मुंबई से उत्तर प्रदेश ट्रेन से जा रहे एक मुस्लिम के साथ मारपीट की! आरोप है कि उन्होंने उसकी चेन लूटने की कोशिश की और शर्ट फाड़कर उसे बांध दिया!
उस मुस्लिम ने यह भी दावा किया कि रेलवे पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की!
⚠️TW: Disturbing & Sensitive Media⚠️
SIR प्रक्रिया के दौरान हमने सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे फिर भी मेरा पति अचानक बांग्लादेशी कैसे हो गया?: अवैध हिरासत के खिलाफ कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची मुस्लिम महिला ने कहा.
#HighCourt#Muslim#Women#SIR
हम ऐसा कोई कानून स्वीकार नहीं कर सकते जो शरीयत के खिलाफ हो। मुसलमान हर चीज से समझौता कर सकता है, लेकिन अपने धर्म और दीन से हरगिज़ कोई समझौता नहीं कर सकता। : अरशद मदनी (जमीअत प्रमुख)
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ कथित आपत्तिजनक ईमेल भेजने के मामले में करीब ढाई साल से जेल में बंद मुबारक अली को जमानत दे दी है।
अली 20 मार्च 2024 से हिरासत में थे। कोर्ट ने सुनवाई की धीमी रफ्तार को भी ध्यान में रखा। 23 जुलाई 2026 तक मामले में केवल चार गवाहों के बयान दर्ज हुए थे, जबकि 26 गवाहों की गवाही बाकी थी।
अली के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया गया है। कोर्ट ने कहा कि अगर जमानत का आधार बनता है तो केवल आपराधिक इतिहास के आधार पर किसी आरोपी को लंबे समय तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
हालांकि, हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जमानत देते समय कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं की है।
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में जिस तथाकथित मीडियाकर्मी ने हंगामा किया है, वो @SureshChavhanke के चैनल में कार्यरत है। @Jour_Nadeem ने उस नफ़रती रिपोर्टर को मौके पर ही Expose कर दिया।