सभी लोगों से प्रार्थना है कि दिए गए गूगल मैप फोटो से ग्राम मकड़ी में यहां गांव प्रधान ने ना तो सड़क बनवाए हैं ना गंदे पानी के निकास के लिए कोई प्रबंध किया है यहां पर नाली भी नहीं बनी हुई है @CMOfficeUP@myogiadityanath@UPGovt@dmbulandshahr plz 🙏
आरक्षण के साथ साथ नकल का अधिकार भी मिलना चाहिए बच्चों को.. तभी देश तरक्की करेगा... यही देश तो चाहते हैं हम... 4 नंबर लाकर कोई डॉक्टर बने.. नकल कर के इंजीनियर बने... तभी होगा भारत का भविष्य उज्जवल 🙏
साहिल वकोड़े IIT बॉम्बे के छात्र थे। परीक्षा चल रही थी। पूरा प्रश्नपत्र AI एप्प को अपलोड कर के उत्तर कॉपी में लिख रहे थे। प्रोफेसर ने पकड़ लिया। बाहर ले गए, डाँटा और कहा कि संस्थान के नियम स्पष्ट हैं आप चोरी करते पकड़े गए तो सस्पेंड किए जा सकते हो।
साहिल ने बाद में आत्महत्या कर ली। माँ-बाप ने पोस्टमार्टम के बाद भी शव नहीं लिया क्योंकि उन्हें न्याय चाहिए। न्याय पाने के लिए उन्होंने मोदी एक्ट की धाराएँ लगवा दीं प्रोफेसर पर।
एक लड़का आरक्षण से IIT पहुँचा। कम नंबर न आए, इसलिए चोरी कर रहा था। वह टॉपर बनना चाह रहा था। पर एक मनुवादी शिक्षक ने उसे कॉलेज के कानून बताए, सस्पेंड किया भी नहीं। उसने आत्महत्या कर ली।
क्या एक दलित को फोन ले जाने अनुमति नहीं होनी चाहिए? क्या ऐतिहासिक प्रताड़ना के कारण उसको ओपन मोबाइल परीक्षा देने की अनुमति नहीं होनी चाहिए?
आज एक ब्राइट स्टूडेंट, जो जेट इंजन बना सकता था AI से पूछ कर, हमारे बीच इसलिए नहीं रहा क्योंकि उससे पहले ही चरण में रोक लिया गया। मोदी एक्ट इसीलिए बना ही है।
प्रोफेसर को फाँसी होनी चाहिए।
समान शिक्षा❌
समान चिकित्सा❌
समान कर संहिता❌
समान दंड संहिता❌
समान न्याय संहिता❌
समान चुनाव संहिता❌
समान पुलिस संहिता❌
समान संपत्ति संहिता❌
समान व्यापार संहिता❌
समान नागरिक संहिता❌
समान धर्मस्थल संहिता❌
समान नामकरण संहिता❌
समान जनसंख्या संहिता❌
@narendramodi@PMOIndia
आज सुबह अखबार में पीएम मोदी के जन्मदिन की ये खबर छपी देखी… कल दिल्ली में उनका 65 वा जन्मदिन बाल दिवस के रूप में मनाया गया… दिल्ली के एक स्टेडियम में 6 हज़ार स्कूली बच्चों से नाच गाना करवाया गया… कई कलाकारो के जत्थे भी पहुचे… परेड भी निकाली गई… सरकार और दिल्ली प्रशासन ने मोदी जी के जन्मदिन को भव्य बनाने में अपनी पूरी ताकत झोंक दी… आप चाहो तो ग्रोकवा से कन्फर्म कर सकते हो
2026 में वित्त संबंधी स्थायी समिति ने UPI के लिए स्तरीय MDR/राजस्व व्यवस्था बनाने पर जोर दिया था और कहा था कि इसे बिना किसी देरी के अधिसूचित कर लागू किया जाना चाहिए।
समिति की बैठक में कांग्रेस के पांच सांसद—पी. चिदंबरम, मनीष तिवारी, गौरव गोगोई, किशोरी लाल और के. गोपीनाथ—मौजूद थे।
जब संसद में बिल पास हो रहा था तो किसी ने आपत्ति नहीं की। और तो और वित्त मंत्रालय की स्टैंडिग कमेटी ने जब UPI पर निर्णय लिया तो विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति नहीं जताई।
@manakgupta@news24tvchannel