हर व्यक्ति हर बिन्दु पर सहमत हो,जरूरी नहीं-
भाई,भाई से सहमत नहीं होता।
बाप,बेटा से सहमत नहीं होता।
पति,पत्नी से सहमत नहीं होता।
हर असहमत व्यक्ति दुश्मन नहीं होता।
जरूरी नहीं है कि हर व्यक्ति की राजनीतिक प्रतिबद्धता हो।
#जयभीम
@Dharmendra_5000 @drmaddy2@kedarnath11 @JyotiM_Dr
'ईस्ट इण्डिया कम्पनी' भारत में व्यापार करने आयी थी। हमारे यहाँ के बुद्धिबल, बाहुबल और धनबल के पेटेंटशुदा ठेकेदारों ने 'योग्यता और प्रतिभा' का शानदार प्रदर्शन किया, 'ईस्ट इण्डिया कम्पनी' को राज-पाट सौंप दिया।इस तरह 'योग्यता और प्रतिभा' के बलबूते अँग्रेजों का शताब्दियों तक राज चला।
जो लोग आज भारत के "विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस" मना रहे हैं.....!
करोड़ों लोगों को समाज से बहिष्कृत एवं अछूत घोषित कर मानवीय अधिकारों से वंचित किया था....
क्या वह उसका "सामाजिक विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस" मनाएंगे???
#विभाजन_विभीषिका_स्मृति_दिवस
@Uppolice@dgpup@upgrphq@spgrpagra
महोदय,
अ.सं. 383/2023 राज्य बनाम श्रीमती चंचल आदि धारा-306 आईपीसी, थाना-जीआरपी मथुरा जंक्शन, मथुरा मामले में ढाई साल बाद भी विवेचना रिपोर्ट (चार्जशीट/एफआर) रेलवे कोर्ट, मथुरा में नहीं पहुँची है।
महोदय, कृपया मदद करें।
देश के किसी भी देशभक्त राष्ट्रीय कवि या लेखक ने कभी शहीद ऊधम सिंह की शहादत पर कलम चलाई हो, तो बताएं।
हाँ, वही ऊधम सिंह जिसने जलियाँवाला काण्ड के गुनहगार जनरल डायर को लन्दन में गोली मारी थी।
शहीद ऊधमसिंह अमर रहे।
बहुजन नायक कांशीराम ने लाखों लोगों को कैडर दिया और हजारों नेता बनाये।
उन्होंने व्यवस्था परिवर्तन का नारा दिया था।
वह कहते थे कि....
हम व्यवस्था के शिकार लोग हैं।
(We are victim of the system).
लेकिन अब व्यवस्था परिवर्तन वाले लोग कहाँ हैं? अब तो सत्ता परिवर्तन की लड़ाई में....
@Uppolice@dgpup@adgzoneagra
महोदय,
मु.अ.सं. 383/2023 राज्य बनाम श्रीमती चंचल आदि, धारा-306 आईपीसी, थाना-जीआरपी मथुरा जंक्शन, जिला मथुरा मामले में ढाई साल बाद भी विवेचना रिपोर्ट (चार्जशीट/एफआर) अभी तक रेलवे कोर्ट मथुरा में नहीं पहुँची है।
पुलिस विभाग में यह क्या चल रहा है?
जब पेशवाई राज नहीं रहा। जब मुगल और फिरंगियों का राज नहीं रहा। जब इन्दिरा गांधी का आपातकाल वाला काला दौर भी नहीं रहा, तब निश्चित रूप से यह काला दौर भी एक दिन बीत जायेगा।
रात चाहे कितनी ही घनघोर काली हो। जब सूरज उगेगा, तो सुबह होगी।
बस संघर्ष जारी रहेगा।
दुनिया में पाकिस्तान एकमात्र अमीर देश है,
जो भारत में भाजपा विरोधियों की अरबों-खरबों रुपए फण्डिंग करता है।
----लिल्लड़दास
नोट:-जिसके खुद के रोटी के लाले पड़े हुए हैं।
क्या कभी किसी ने हौवा (हउआ) देखा है? कितना बड़ा? कैसी कद-काठी? कैसा रंगरुप? कोई नहीं जानता। फिर भी बच्चों को 'हउआ आया' कहकर डराया जाता है। जबकि कोई हउआ नहीं होता। यह मनोवैज्ञानिक भय बचपन में बैठा दिया जाता है।
यही स्थिति भगवान की है। कभी किसी ने देखा नहीं, फिर भी अनावश्यक...
रंगत
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जब
उसने मुझसे पूछा-
किस जाति के हो?
तब
मेरे चेहरे की रंगत
उड़ गयी।
फिर
जब मैंने
अपनी जाति बतायी,
तो
उसके चेहरे की रंगत
उड़ गयी।
और तुम कहते हो कि
अब कहाँ है जातिवाद?
----भास्कर----
जहाँ उत्तर प्रदेश में पिछले नौ साल में पुलिस ने सत्रह हजार से अधिक हाफ और फुल एनकाउंटर किये, वहाँ कुछ लोग एक कांस्टेबल #अविनाश पाण्डे द्वारा थप्पड़ मारने पर फूँ-फाँय कर रहे हैं।
ये गनीमत रही कि एनकाउंटर नहीं किया, वरना वह गोली भी मार सकते थे।
यहाँ पुलिस राज है, कानून का नहीं।
जब कोई पुलिस अधिकारी किसी दलित को मारेगा, तो पुलिस अधिकारी को सही बताया जाएगा...
जांबाज अफसर कहा जाएगा।
जब वही पुलिस अधिकारी किसी ब्राह्मण-तिवारी को मारेगा, तो उसे गलत बताया जाएगा।
जबकि दोनों ही कृत्य गलत हैं।
ऐसे लोगों का कोई एक बाप नहीं होता।