इशारों में क्या कहना चाह रहे हैं स्वामी प्रसाद मौर्य
👉 आज 7:30 बजे #PressConfetence@ABPNews
कई चुभते सवाल और आक्रामक जवाब
कहाँ हैं निगाहें और कहाँ का है निशाना ‘चोर, लंपट, व्यभिचारी, दुराचारी, देशद्रोही’ और ‘गुणी और विद्वान’
@SwamiPMaurya
तेरा मेरा मनवाँ एक कैसे होइ रे।
तू कहता कागद की लेखी मैं कहता आँखिन की देखी।
मैं कहता सुलझावनहारी तू राखे उलझाइ रे।
तेरा मेरा मनवाँ एक कैसे होइ रे।
- आखिर कबीर दास को ये क्यों कहना पड़ा था।
आज कबीर के कहे हुए शब्द चरितार्थ हो रहे है
@UPTakOfficial फायदेमंद होगी, जब तक मुखिया नही बोलता तब तक मुखिया की सहमति माना जाय। जहां तक मेरा विचार है ये सब समय की मांग है। कृपया न्यूज वाले सपा के नफा नुकसान की बात मत करे वो केवल भाजपा के नफे की सोचें