@IndiaObserver23 Turkey is not only the good relationship with Pakistan,but ur country enemical action against Bharat is the main problem. Bharat never tolerate such type of nonsense and always ready to teach good lessons of any country who are Anti Bharat.
Gujarat: Missionaries told tribals. “Your dharma has no song, no celebration, nothing for you. Leave it and come to Jesus”.
Tribal women danced as Ganpati was taken for visarjan. Men walked with them. Clapping and singing filled the road as the whole village moved with the murti.
They were told their faith was empty. The procession showed it was full of life. Agniveer’s Dharma Jagran helped them remember their ancestors’ dharma.
अग्नि-6 भारत की सबसे एडवांस्ड ICBM यानी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल बनने जा रही है ICBM एक गाइडेड मिसाइल होती है जो न्यूक्लियर वेपन डिलीवरी के लिए डिजाइन करी जाती है और जिसकी मिनिमम रेंज 5500 किलोमीटर होती है.
लेकिन अग्नि-6 ने यह मिनिमम रेंज को मेनी टाइम्स क्रॉस कर दिया, उससे कहीं आगे निकल गई.
अग्नि-6 अभी डेवलपमेंटल फेज में तो है, लेकिन इसकी जो स्पेसिफिकेशंस आ रही हैं, वो इसे हैरतअंगेज रूप से गेम चेंजर बनाती हैं.
इसकी एक्सपेक्टेड रेंज हो सकती है 12,000 किलोमीटर तक और कुछ एस्टीमेट्स कह रहे हैं कि अगर सब कुछ अच्छा चला तो शायद 16,000 किलोमीटर तक की इसकी रेंज हो सकती है.
यानी ICBM की मिनिमम थ्रेशोल्ड से तीन गुना ज्यादा.
यह मिसाइल प्रैक्टिकली पूरी दुनिया को कवर कर सकती है, यानी ईस्ट या वेस्ट से अगर हमने इसको चलाया तो दुनिया में कोई ऐसी जगह नहीं बचेगी जहां हम हिट नहीं कर सकते.
अब इसकी डिजाइन समझिए। यह एक थ्री-स्टेज सॉलिड फ्यूल मिसाइल होगी जिसे डेवलप कर रहा है DRDO.
सॉलिड फ्यूल का मतलब है फास्टर लॉन्च रेडिनेस, कम प्रिपर्डनेस टाइम और ज्यादा सर्वाइवेबिलिटी यानी मिसाइल को तुरंत लॉन्च किया जा सकता है.
और इसकी सबसे बड़ी ताकत है MIRV.
MIRV का मतलब मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल।
यानी एक ही मिसाइल में आप मल्टीपल वॉरहेड्स लगा सकते हैं और हर वॉरहेड अलग-अलग जगह जाकर के हिट कर सकता है.
इमेजिन कीजिए, एक ही लॉन्च 24 मैक की स्पीड पे, 16,000 किलोमीटर की रेंज, मल्टीपल सिटीज या मल्टीपल मिलिट्री बेसेस को साइमटेनियसली सक्सेसफुली टारगेट कर सके, जरूरत पड़े तो न्यूक्लियर भी कर सके.
सबसे बड़ी बात है इसकी स्पीड की।
अग्नि-6 की स्पीड है मैक 24 यानी 29,400 किलोमीटर प्रति घंटा. यानी अगर अभी मैं इस मिसाइल को लॉन्च करूं तो 70 सेकंड में इस्लामाबाद पहुंच जाएगी.
यह वीडियो खत्म होने से पहले अगर आप बीच से भी यह वीडियो देख रहे हैं, खत्म होने से पहले इस्लामाबाद स्वाहा हो जाएगा.
दिल्ली से लंदन जाना है तो इसको 12 मिनट लगेंगे.
अगर दिल्ली से न्यूयॉर्क जाना है तो इसको महज 15 से 20 मिनट लगेंगे.
इतनी स्पीड पर रिएक्शन टाइम लगभग खत्म हो जाता है। रडार चाहे डिटेक्ट भी कर लें, लेकिन इंटरसेप्टर जब तक तैयार होंगे, तब तक अग्नि तो सब कुछ धुआं-धुआं कर देगी. और सबसे इंटरेस्टिंग बात, DRDO इस मिसाइल की डिजाइन के साथ लगभग तैयार है, सिर्फ सरकार का ठप्पा (मंजूरी) का इंतजार है.
और जैसे ही यह मंजूरी मिलती है, भारत लाएगा अपनी इंडिजिनस अग्नि-6 जो दुनिया में किसी भी कोने पर जा सकती है महज कुछ मिनटों में.
🚨BREAKING: Marine Le Pen's PM pick, Jordan Bardella, demands Emmanuel Macron apologises to the French people and then immediately RESIGNS
Enough is enough! 🇫🇷
My life under Islam was pure hell. They said women could wear anything, then handed me five burqas that were basically clones. Choosing one of five identical options is peak Islamic freedom at its finest. I’m glad I escaped that cult. I’m the first in my bloodline to leave.
यदि सवर्णों को पता होता कि आने वाले समय में जनसंख्या को ही महत्व दिया जाएगा तो ब्राह्मण क्षत्रिय मुगलों और अंग्रेजों से युद्ध करके अपना बलिदान क्यों देते, जिन सवर्णों ने देश के लिए बलिदान दिया मोदी ने उन्हें दोयम दर्जे का नागरिक बना दिया।
𝗘𝗸 𝗦𝗮𝗺𝗼𝘀𝗮
𝗗𝗼 𝗖𝘂𝗽 𝗖𝗵𝗮𝗶
𝗙𝗔𝗞𝗘 𝗦𝗖 𝗦𝗧 𝗰𝗮𝘀𝗲𝘀 𝗛𝗮𝗶 𝗛𝗮𝗶!
Look at this absolute madness happening in our country right now.
We are sitting here watching honest professors getting suspended and shivering in fear of being locked up just for doing their actual jobs. I am talking about the IIT BOMBAY professor Dr Suryanarayana Doolla!
Is this the kind of future we are building? When educators get victimized by completely fake litigation, our entire academic system bleeds.
Meanwhile Mumbai cannot even digitize cancer records properly while the rest of the world moves into world class AI & quantum computing eras. We are lagging behind by decades because of institutional harassment and malicious vendettas & fake cases!
How long will we stay silent while honest professionals are dragged through the mud? They will leave INDIA and go!
This is not just about one individual. This is about every single citizen whose life can be destroyed overnight by weaponized fake cases. Stand up and speak out.
Because if we do not draw the line today education and common sense will both be dead tomorrow.
Big announcement soon from TEAM BHARAT & other prominent patriotic INDIANs who cares about deeply about BHARAT!
@OGTeamBharat@FactswithDinesh@Nidhzee@neha_laldas@DecodeSatya@AbhinayWithYou@nachiket1982@Shankyram2@NewsX@Priyascorner
अमेरिका भारत को ठीक उसी तरह देखता है जैसे उसने 15 साल पहले चीन को देखा था—अमेरिकी नेतृत्व वाले पश्चिमी प्रभुत्व के लिए एक दीर्घकालिक खतरा।
चीन की जो सैन्य बल द्वारा ताइवान पर आक्रमण करने और चीन-ब्रिटिश संधि के तहत हांगकांग को शांतिपूर्वक अपने में समाहित करने के बाद, भारत को 'ग्रेटर चाइना' के एकमात्र मध्य-सदी के सभ्यतागत, आर्थिक और सैन्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखता है।
एक और ताकत जिसके निशाने पर भारत है, भारत के भीतर से ही निकलता है लेकिन उसे विदेशी प्रोत्साहन और पर्याप्त फंडिंग हासिल है। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद, जिसने भाजपा को 240 सीटों के अल्पमत पर समेट दिया था, भारत के विपक्षी दलों को भरोसा था कि उनका समय आ गया है। लेकिन हरियाणा (अक्टूबर 2024), महाराष्ट्र (नवंबर 2024), दिल्ली (फरवरी 2025) और पश्चिम बंगाल (मई 2026) के विधानसभा चुनावों में लगातार हुई हार ने उन्हें स्तब्ध कर दिया।
वाशिंगटन ने फरवरी 2026 में ही नई दिल्ली में रायसीना डायलॉग के दौरान स्पष्ट कर दिया था कि वह भारत को दूसरा चीन बनना बर्दाश्त नहीं करेगा।
एक दुर्लभ सार्वजनिक स्वीकारोक्ति में, उप विदेश मंत्री क्रिस लैंडौ (विदेश विभाग में मार्को रुबियो के डिप्टी) ने भारतीय और वैश्विक राजनीतिक, व्यापारिक व सैन्य नेताओं के समक्ष जानबूझकर जोर देते हुए कहा: "भारत उन देशों में से एक है जो इस सदी का भविष्य तय करने जा रहे हैं। लेकिन भारत को यह समझ लेना चाहिए कि हम भारत के साथ वह गलती नहीं दोहराने जा रहे हैं जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थी... (जहां) आप कई वाणिज्यिक मामलों में हमें पीछे छोड़ रहे हैं।"
वाशिंगटन ने SIR के खिलाफ दिल्ली और मुंबई की सड़कों पर हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर आधिकारिक रूप से चुप्पी साध रखी है। उसने यह काम अपने नियंत्रित मीडिया (embedded media) पर छोड़ दिया है। पश्चिमी मीडिया—जिसमें बीबीसी, गार्जियन और द न्यूयॉर्क टाइम्स शामिल हैं—द्वारा विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी की प्रशंसा की गई, जबकि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करने के लिए निंदा की गई—जबकि वास्तव में केवल अवैध मतदाताओं के नाम ही मतदाता सूची से काटे गए थे।
मोदी वाशिंगटन के पसंदीदा नेता नहीं हैं। उन्होंने टैरिफ और रूसी तेल के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सामने दृढ़ रुख अपनाया है। दो वैश्विक युद्धों और 100 डॉलर प्रति बैरल के तेल के बावजूद, भारत लगभग 8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ रहा है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर भारत की जीडीपी पहले ही 19.1 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंच चुकी है, जबकि अमेरिकी जीडीपी (PPP) 32 ट्रिलियन डॉलर है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के केवल 2 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ने के साथ, यह अंतर तेजी से कम हो रहा है।
क्रिस लैंडौ के शब्द वाशिंगटन के गलियारों में गूंज रहे थे जब वह दिल्ली की सड़कों पर मचे हंगामे को देख रहा था। इन विरोध प्रदर्शनों को भारतीय पुलिस द्वारा बिना उस घातक हिंसा के नियंत्रित कर लिया गया, जो मिनियापोलिस में ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) की कार्रवाई के दौरान देखी गई थी जिसमें कई कानूनी अमेरिकी नागरिकों की जान चली गई थी।
दूसरी महाशक्ति, बीजिंग ने इस अशांति का इस्तेमाल लद्दाख—जिसे उसने कभी भारतीय क्षेत्र नहीं माना है—और अरुणाचल प्रदेश—जिस पर वह दक्षिणी तिब्बत के रूप में दावा करता है और जिसे 'झांगनान' नाम देता है—को लेकर नया राजनयिक दबाव बनाने के लिए किया।
भारत के विपक्षी नेता, पत्रकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), तथा वैश्विक गैर-सरकारी संगठनों द्वारा वित्तपोषित उनके विरोध प्रदर्शन, वाशिंगटन और बीजिंग के लिए परदे के पीछे से काम करने वाले सैनिकों की तरह व्यवहार करते हैं। हालांकि, उनके लिए एक गंभीर सच्चाई है: यदि भारत युद्ध, तेल, सूखे और टैरिफ के बीच लगभग 8 प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ सकता है, तो जब ये संकट के बादल छंट जाएंगे तब इसकी विकास दर क्या हो सकती है? यही वह अनुत्तरित सवाल था जो वाशिंगटन, बीजिंग और दिल्ली में उनके व्यथित प्रतिनिधियों के मन में गूंज रहा था।
महाविद्याएं और न्यूरो-सर्किट्री: 10 बुनियादी भय का संहार
आधुनिक मनोविज्ञान कहता है कि मानव मन दस बुनियादी वृत्तियों और भयों में जकड़ा हुआ है—मृत्यु का भय, भूख का भय, शून्यता का भय, वाणी का असंतुलन, कामुकता की गुलामी आदि।
दस महाविद्याएं कोई डरावनी देवियां नहीं हैं; वे मानव मस्तिष्क के एमाइग्डाला (Amygdala - मस्तिष्क का भय और भावना केंद्र) को पूरी तरह वश में करने के 10 न्यूरो-बायोलॉजिकल प्रतीक हैं:
महाविद्या
प्रतीक स्वरूप
न्यूरोलॉजिकल और मनोवैज्ञानिक आयाम
काली
काल और शून्यता
मृत्यु के भय (Thanatophobia) का विनाश: काल के संकुचन को समाप्त करना।
तारा
शब्द और तारक शक्ति
ब्रोका क्षेत्र (Broca's Area): वाणी और अंतःप्रेरणा का जागरण।
त्रिपुरसुंदरी
समष्टिगत सौंदर्य
डोपामाइन का ऊर्ध्वगमन: वासना को दिव्य आनंद (Bliss) में बदलना।
छिन्नमस्ता
कटा हुआ मस्तक और रक्तधारा
अहंकार (Ego) का शिरोच्छेद: 'मैं' की ग्रंथि (Default Mode Network) को बंद करना।
धूमावती
विधवा, अभाव और भूख
अभाव और दरिद्रता के भय का भस्म होना: अवसाद (Depression) की अग्नि परीक्षा।
बगलामुखी
जिह्वा को पकड़ना व स्तंभन
विचारों का स्तंभन (Thought Inhibition): अनियंत्रित न्यूरॉन फायरिंग को फ्रीज करना।
जय माता रानी
A woman in Junagadh was known to people in her locality as Mithila Roy. She had been living there for about a year.
Now, it has been revealed that her real name is Khalida Begum and she is an illegal Bangladeshi.
Gujarat police recovered at least 4 forged Aadhaar cards bearing different names and identities.
Every time she moved to a new city, she adopted a new name and identity.
लोग कहते हैं मेले से क्या होता है, लेकिन इसी मेले से गरीब परिवारों की रोजी-रोटी चलती है। कोई पैसे खर्च करता है, तो कोई सामान बेचकर दो पैसे कमाता है। ❤️🙏
सनातनी विरासत के रक्षक,
हमें गर्व है कि आप हमारे यूपी के मुख्यमंत्री हैं..🙏
पहले वालों ने तो इफ्तार पार्टी, सडकों पर नमाज, मजारों पर चादर, चढ़ाने को यूपी की पहचान बना दिया।
चढ़ाने आँखे तरस गयी थी, यह देखने को-
🚨 India’s economic growth deserves greater recognition, says Korean economist Kyunghoon Kim.
🇮🇳 India’s GDP has grown from just over $1 trillion in 2007 to nearly $4 trillion today.
> The economy recorded an average annual growth of 7.83% during 2021–2025, its second-highest five-year average since 1960.
> Poverty has also declined significantly over the past two decades.
Kim said India’s economic catch-up, particularly over the past decade, deserves to be celebrated, even as the country continues to face challenges.
IIT,IIM, जैसे संस्थानों में सरकारें सामान्य वर्ग को कुछ सीटे इसलिए दे रही हैं ताकि सामान्य वर्ग के बच्चों से फीस ले कर संस्थान का खर्चा निकाल सके।
क्योंकि फीस तो सामान्य वर्ग ही भर रहा है।
अन्यथा सामान्य वर्ग को एक भी सीट सरकार न दे।
Shukavana – The Bird Park of Mysuru!
This beautiful place is right here in our own state of Karnataka, in our beloved country, Bharat!
A wonderful place to experience the beauty of the nature. These are the rescued birds from all over the world.