सवालों के अंबार लगे हैं आम जन का जीवन अंधेरे मे कर दिया है ग़रीब के घर सब्ज़ी बनाने का तेल नही है और आप आशीर्वाद का दिया जलाने की बात करते हो….दिया जनता तब जलाती जब आप उसके जीवन को सुखद बनाते…जिन्होंने कुछ किया है इस धरा से जाने के बाद भी उनके नाम के दिए जलाए जाते हैं…
जब भी कोई राष्ट्रीय स्तर पर संकट हो तो सरकार सर्वदलीय बैठक बुलाती हैं मौजूदा हालात से विपक्ष को अवगत कराती है…सभी राजनीतिक दलों को अपने पक्ष से संतुष्ट किया जाता और तब जाकर समूचे राष्ट्र को संदेश दिया जाता ..भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री सारी लोकतांत्रिक मर्यादाओं को भुल गए हैं..
मौत सबकी होती है पर ये मायने ये रखता है कि आपकी मौत कैसे होती …..जब मौत शहादत बन जाती है तो योद्धा किसी भी देश का हो उसकी विदाई पर आँखें नम होती है…खम्नई आप की शाहदत भी विश्व इतिहास में दर्ज हो गई….विनम्र श्रद्धांजलि 🪦
फ्लाइट रद्द करने के आनंद इंडीगो को केवल यात्रियों को किराया वापिस करने के आदेश देना केन्द्र सरकार की निहायत कमजोरी को दर्शाता है…यात्रियों को हुई असुविधा, परेशानी व मानसिक प्रताड़ना का विशेष हर्जाना भी मिलना चाहिए…56 ईंच का सिना है दुम दबाके जीना है…
जिस आदमी ने अपने हुनर, स्वभाव व शालीनता से ख्याति का तहलका मचा रखा हो उसका जाना इतनी खामोशी से हुआ कि हल्की सी आहट तक नहीं हुई…इतने बड़ी शख़्सियत की अंतिम यात्रा की इस प्रकार रवानगी के लिए कंही ना कंही भारत का मिडिया भी ज़िम्मेदार है..सबके मनो में बसे बस चुप हो गए हैं..
खोदा पहाड़ निकली चुहिया..पोल खोल के नाम पे बस बड़े बोल…म्हारे हरियाणा में कहते है थोथे पिछोड़ उड़ उड़ जा …ना नो मण तेल होगा ना राधा नाचेगी…मुहावरे हो जाएँगे ख़त्म पर तुम्हारा खोखलापन बंया नही हो पाएगा …कितना ही बहका लो हरियाणा तुम्हारे झांसे मे नही आएगा…@DeependerSHooda
जिनका देश की आज़ादी ,देश की तरक़्क़ी में कोई योगदान नहीं जिन्होंने देश से लिया ही लिया है….वे लोग उन पर सवाल उठा रहे हैं जिन्होंने देश की आज़ादी में अपना सर्वस्व लगा दिया और देश आज़ादी के बाद विभिन्न समस्याओं से जुझती व्यवस्था को सँभालकर देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर किया…..
आज आपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस के नेता लोकसभा सांसद श्री दीपेन्द्र हुड्डा का भाषण ऐतिहासिक था बहुत ही वाजिब सवाल बेहद सलीके से उठाये जिनका सता पक्ष के पास कोई जवाब नहीं था..
#deependerhooda#inc
गुरु पूर्णिमा के पावन दिन पर कई विद्यार्थियों के स्नेह संदेश आये , गुरु और शिष्य का रिश्ता बहुत ही गरिमामय होता है…मेरे जिन गुरुजनों ने मुझे इस सम्मान के लायक़ बनाया उन सबके चरणों में वंदन…