2017 सीतापुर में ट्रिपल मर्डर का आरोपी शरीफ के द्वारा कांशीराम कॉलोनी में खुलेआम गांजा बेचता है और गुंडा गर्दी करता है आज एक आदमी का सिर फोड़ दिया है और चौकी के सिपाही चिकारा,तोमर लोग पीड़ित आदमी और औरत को मारकर चौकी में बंद कर दिया है। @Uppolice@sitapurpolice@dgpup
2017 सीतापुर में ट्रिपल मर्डर का आरोपी शरीफ के द्वारा कांशीराम कॉलोनी में खुलेआम गांजा बेचता है और गुंडा गर्दी करता है आज एक आदमी का सिर फोड़ दिया है और चौकी के सिपाही चिकारा,तोमर लोग पीड़ित आदमी और औरत को मारकर चौकी में बंद कर दिया है। @Uppolice@sitapurpolice@dgpup
थाना रामकोट के अंतर्गत काशीराम कॉलोनी के ब्लॉक 89 के रोजिना नाम की महिला के द्वारा रात 11 बजे तक डोल ताशे बहुत तेज बजाएं जाते है यह महिला काशीराम कॉलोनी में अवैध रूप से रहती है।
महोदय संज्ञान ले कर कार्यवाही करने की कृपा करें।
@Uppolice@sitapurpolice@dgpup@Igrangelucknow
अब बिजली से जुड़ी हर जानकारी आपके हाथ में UPPCL के डिस्कॉमवाइज WhatsApp Chatbot के साथ बिल देखें, शिकायत दर्ज करें और भी बहुत कुछ।
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दक्षिणांचल: 8010957826
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@bstvlive आप अपनी सफाई देने आए हैं महोदय जी काम के न काज के दुश्मन कुर्सी के
2027 में ही पता चलेगा जब कुर्सी पर लात पड़ेगी तब मालूम होगा कि कुर्सी पर बैठने से नहीं काम कर ने से होता है।
⚡ स्मार्ट मीटर या स्मार्ट लूट?” यूपी में फूटा गुस्सा, प्रीपेड सिस्टम ने बढ़ाई मुसीबत
📰 UPPCL MEDIA | विशेष रिपोर्ट
लखनऊ/कानपुर/मेरठ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर अब “सुविधा” नहीं, बल्कि “संकट” का दूसरा नाम बन चुका है। जिस योजना को डिजिटल क्रांति बताकर लागू किया गया, वही अब लाखों उपभोक्ताओं के लिए आर्थिक और मानसिक बोझ बन गई है।
🔥 जनता का गुस्सा उबाल पर ...
अब सवाल सीधे और तीखे हैं—
👉 “रीचार्ज किया, फिर भी अंधेरा क्यों?”
👉 “सर्वर बैठा तो जिम्मेदार कौन?”
शहरों से लेकर गांवों तक लोग सड़कों पर उतर रहे हैं। कई जगहों पर स्मार्ट मीटर हटाने की मांग तेज हो गई है।
⚠️ प्रीपेड सिस्टम: सुविधा नहीं, मजबूरी
👉 बैलेंस खत्म = तुरंत अंधेरा
👉 रात हो या छुट्टी, कोई राहत नहीं
👉 बार-बार रिचार्ज = जेब पर सीधा वार
👉 गलत बिलिंग = उपभोक्ता बेकरार
यह सिस्टम अब “पेमेंट करो, तभी बिजली लो” की सख्त शर्त बन गया है।
🌐 “सर्वर का खेल” बना सबसे बड़ा खेल
स्मार्ट मीटर की असली पोल सर्वर ने खोल दी—
👉 रिचार्ज के बाद भी सप्लाई बंद
👉 घंटों तक सर्वर डाउन
👉 शिकायतों पर कोई सुनवाई नहीं
यानी तकनीक के नाम पर उपभोक्ताओं को अंधेरे में धकेला जा रहा है।
🎯 डिजिटल पारदर्शिता या डिजिटल वसूली?
सबसे बड़ा सवाल यही—
👉 क्या स्मार्ट मीटर के नाम पर “छुपी वसूली” हो रही है?
👉 क्या उपभोक्ता डेटा और बिलिंग पूरी तरह साफ है?
विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि बिना मजबूत सिस्टम के यह योजना लागू करना जल्दबाजी और जोखिम भरा कदम था।
🗣️ UPPCL कटघरे में
👉 तैयारी अधूरी क्यों?
👉 समस्याओं का समाधान कब?
👉 उपभोक्ताओं की सुनवाई कौन करेगा?
लगातार बढ़ते गुस्से के बीच विभाग की चुप्पी सवालों को और गहरा कर रही है।
🚨 UPPCL MEDIA का सवाल- अगर “स्मार्ट मीटर” से ही अंधेरा बढ़े, तो इसे स्मार्ट कैसे कहा जाए?
🔥 स्मार्ट मीटर योजना अब एक “डिजिटल प्रयोग” से ज्यादा “जनता पर दबाव” बनती जा रही है।
अगर जल्द सुधार नहीं हुआ, तो यह मुद्दा यूपी में बड़ा जन आंदोलन बन सकता है।
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#आमंत्रण_पत्र
आपके अपने समाचार पत्र दैनिक जागरण की ओर से एक मार्च को #शाम_7_से#भजन_संध्या का आयोजन किया जा रहा है l जिसमें आपकी उपस्थिति सपरिवार सादर प्रार्थना है l
सधन्यवाद
#स्थान चित्रा बैंक्विट हॉल
🙏🙏...