यहां तो अलग लेवल की ड्रामेबाजी चल रही है.
मथुरा से बीजेपी सांसद हेमा मालिनी और विधायक बल्देव ऑटो से निकले है
ऑटो में हूटर, विधायक जी का नेम प्लेट, भाजपा का झंडा लगा हुआ है.
धार: कमाल मौला मस्जिद का फैसला सुनाने से एक दिन पहले 'जस्टिस विजय कुमार शुक्ला के पुत्र सुजय शुक्ला' को मध्य प्रदेश सरकार ने सरकारी पैनल का अधिवक्ता नियुक्त किया.
#KamalMaulaMasjid#Judge#BJP#Dhar
शायद नॉर्वे की पत्रकार ये वीडियो को नहीं देखा..
पूरा भाजपा आईटी सेल नॉर्वे की पत्रकार हेली लिंग के पीछे पड़ गया है क्योंकि उसने मोदी से सही सवाल पूछ लिया..
अगर वो पूछती कि जेब में बटुआ रखते हैं, तो ये उसे सर पर बिठा लेते..
इसीलिए तो अपना गोदी मीडिया 157 नंबर पर है...!
#GodiMedia #ModiInNorway #PressFreedom #PressFreedomIndex
बस इसी तमाशेबाज़ी को साहेब अपनी उपलब्धि समझते हैं। इसीलिए विदेशों में यही सब करते नज़र आते हैं।
उनके लिए इमेज बिल्डिंग का यही जरिया है। इसी से वे अपने अंधभक्त मतदाताओं को साधना चाहते हैं।
बाक़ी देश जाए भाड़ में उनकी बला से।
ये वीडियो गाजियाबाद से सामने आया है. जहां रेप केस में जेल से रिहा हुए आरोपी का जोरदार स्वागत किया गया. आरोपी को कंधों पर बैठाया गया, फूल-मालाओं से लाद दिया गया और गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ जेल से ले जाया गया. 7 अगस्त 2025 को सुशील प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था. जिसमें एक युवती ने आरोप लगाया था कि सुशील उसको गाड़ी में बिठाकर ले गया था. कोल्डड्रिंक पिलाई जिससे उसे नशा हो गया और उसके बाद उसका रेप किया.
#ghaziabad #uttarpradesh #crime #uppolice #abpnews
न्याय एक मज़ाक बनकर रह गया है। 2023 में कमाल मौला मस्जिद के अंदर सरस्वती की मूर्ति रखने की कोशिश करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। तीन साल बाद, उसी मस्जिद को मंदिर घोषित कर दिया गया। : ज़िया उस सलाम (वरिष्ठ पत्रकार)
MP कोर्ट ने फिर हिंदुत्व की गुंडागर्दी को वैधता दे दी है!
720 साल पुरानी कमाल मौला मस्जिद को रातोंरात मंदिर घोषित कर दिया गया, MP हाईकोर्ट ने मुसलमानों की इबादत की जगह छीनकर हिंदू एजेंडे को मजबूत किया!
जहां सदियों से नमाज पढ़ी जा रही थी लास्ट जुम्मे की नमाज भी उस मस्जिद में अदा की गई थी और अब रातो रात सिस्टम का फैसला बदल गया, उस जगह पर अब हिंदू पूजा करेंगे.....
ASI को तोड़-मरोड़कर रिपोर्ट तैयार करवाकर मुसलमानों पर जुल्म ढाया जा रहा है। 70 साल की आजादी में भी मुसलमानों की मस्जिदें सुरक्षित नहीं, ये सिस्टम मुसलमानों का दुश्मन बन चुका है!!
पीएम मोदी के नार्वे दौरे से पहले वहां के अखबार "आफ्तेनपोस्तेन" ने यह लेख प्रकाशित किया जिसका शीर्षक था *एक चालाक और थोड़ा परेशान करने वाला आदमी*
मेरे समझ में नहीं आता वहां का भारतीय दूतावास क्या कर रहा था? विज्ञापन देकर मुंह क्यों नहीं बंद किया? ऐसा कार्टून और ऐसा लेख छापने की हिम्मत कैसे हुई। अडानी जी को इसे खरीद लेना चाहिए।
पश्चिम बंगाल के मुसलमान जो कर रहे हैं वह देश के मुसलमानों को बहुत पहले कर लेना चाहिए। ख़बर है कि बकरा ईद के मद्देनजर जगह जगह गाय भैंस बेचने आने वाले लोगों को वहां के मुसलमान उन्हें वापस भेज रहे हैं।
बकराईद में चौराहे चौराहे 4 का माल चौदह में बेचने वाले यह लोग मौका मिलते ही मस्जिद के सामने डीजे पर नागिन डांस करने लगते हैं, उनका बहिष्कार करके सबसे पहले इनकी आर्थिक कमर तोड़नी चाहिए।
बेहतर है कि मुसलमान "हज में कुर्बानी" की तरह "ईद उल अदहा" में कुर्बानी का विकल्प ढूंढे और इनसे बकरा इत्यादि ना खरीदें।
बेहतर है कि मुसलमान कुर्बानी का बहुत मंहगा दिखावा ना करें और बचे उस पैसे से ज़रुरतमंद क़रीबी लोगों की मदद करें।
एक और काम जो हो जाना चाहिए वह नहीं हुआ, मुसलमानों की जमियत ओलेमा ए हिन्द जैसी बड़ी तंज़ीमें गाय को राष्ट्रीय पशु और उसकी हत्या पर देशव्यापी पुर्ण प्रतिबंध की मांग के लिए आंदोलन करे.....
जिस दिन 5 लाख मुसलमान गोहत्या पर देशव्यापी पुर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए दिल्ली में इकट्ठा हो गए इनकी राजनीति खत्म हो जाएगी।
पश्चिम बंगाल वालों ने रास्ता दिखा दिया है......
RSS ने अपने निर्माण से लेकर आज तक एक रुपये भी टैक्स नहीं दिया है. क्योंकि वह अपने आपको एक नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइज़ेशन बताता है, लोगों का एक समूह, जो कहीं रजिस्टर्ड नहीं है.
लेकिन सवाल ये हैं कि :
❓फिर इतना बड़ा दफ़्तर कैसे चल रहा है?
❓इतनी बड़ी वर्कफोर्स कैसे चल रही है?
❓मोहन भागवत को गृह मंत्री के स्तर की सिक्योरिटी क्यों मिली हुई है ?
इस पर 20 करोड़ रुपये सालाना खर्च होते हैं..और वो पैसा इस देश के आम नागरिक के टैक्स का पैसा है.
यानि एक ऐसे संगठन पर जनता का पैसा खर्च हो रहा है, जिस पर आरोप हैं कि वह समाज में हिंदू-मुस्लिम डिवाइड को बढ़ावा देता है !!!
लोकतंत्र में मुसलमानों के अधिकार।
साल में दो बार ईद और बकराईद पर 20 मिनट सड़क पर शांति से नमाज़ पढ़ने पर जब ईद गाह में जगह की कमी हो, एक संविधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की धमकी।
कांवड़ यात्रा अब असली नहीं रही। यह दंगे भड़काने के लिए गुंडों को ट्रेनिंग देने की यात्रा बन गई है। हज़ारों तलवारें कौन बनाता है और बांटता है?
विश्वगुरु के घोड़े को मुस्लिमो ने रोका • नमाज़ से पूरा देश बर्बाद | Mu... https://t.co/Cl7NSYmibf via @YouTube
पत्रकार: आप कौन है आप यहां क्यों आई हो..
महिला होमगार्ड: मेरा नाम उमरा खान है मै अकेली महिला हूं इस विभाग में मेरा अल्पसंख्यक होने के कारण कमांडेन्ट महोदय मेरा तरह तरह से शोषण कर रहे है।
मेरी ड्यूटी हर महीने कभी इस थाने कभी उस थाने हर जगह नचा रहे है मेरा बेटा बीमार है उसके चलते हम चाहते है कि मेरी ड्यूटी कही ऐसे जगह लगाई जाए जिससे कि आने जाने में ज्यादा परेशानी न हो..
हमे उम्मीद है नारी वंदन की बात करने वाले मुख्यमंत्री बिष्ट जी इस महिला की बाते जरूर सुनेंगे..
"उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणाइत, दीक्षित और पाठक अच्छे ब्राम्हण नहीं माने जाते, ऊँचे कुल के लोग उनके यहाँ बेटी नहीं देते"
रामभद्राचार्य के इस बयान पर किसी ब्राम्हण ने तो छोड़िये... किसी उपाध्याय, चौबे, त्रिगुणाइत, दीक्षित और पाठक तक ने विरोध नहीं किया!