जो जो इस्तीफ़े की माँग करता है वो रीट्वीट करे और पोस्ट शेयर करे , हिला दो आज X
मेरे 5 lakh से अधिक फॉलोवर है देखता हूँ कितने लोग जाग रहे है और धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा चाहते है
@LabourMinistry, THE EPFO SITE IS NOT WORKING FOR THE LAST 7 DAYS. 15 FEBRUARY IS THE LAST DATE FOR UPLOADING THE JANUARY 2025 ECR, THE CONTACT NO 1800118005 IS CONTINUING UNASURED.
वोटिंग मशीन पर कमल के निशान को ऐसा दबाओ कि लगे
कि "उनको" फांसी दे रहे हो..
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माननीय प्रधानमंत्री ने स्वीकार कर लिया है कि दस सालों में उन्होंने कमल के निशान को फांसी का तख्ता, जिबह का मकतल, खूंरेजी का सिंबल बना दिया है।
कभी ये बाते फुसफुसाकर लोगो को समझाते थे। यह अच्छा हुआ कि प्रधानसेवक ने आगे बढ़कर, बुलंद आवाज में खुद ही मंच से ही घोषणा कर दी।
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हमे भी अब साफ कहने में झिझक नही होगी।
कि आपके पास चॉइस साफ है।
कहीं करंट लगाना हो, कमल का बटन दबायें। फांसी लगानी हो, कमल का बटन दबायें।
टकराव चाहिए, टाइट करना है, मिटा देना है, बर्बाद करना है, घर मे घुसकर मारना है। कमल का बटन दबाइये।
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पीएम का वादा है, एक बटन दबाने से किसी की लिंचिंग, हत्या, अशांति, सुनिश्चित हो जायेगी। आप तो आराम से घर बैठें, आगे की जिम्मेदारी कमल निशान से जीतने वालो की होगी।
स्वयं प्रधानमंत्री ने कहा है तो उनकी भी होगी। शायद इस उद्यम के "जल्लाद इन चीफ" वे खुद ही होंगे।
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सरकारें घोषणा पत्रों से फिर जाती है, भूल जाती हैं। पर निर्भय रहिये, कमल दल के लोग, इस घोषणा से कतई न फिरेंगे।
इतिहास कहता है कि ये उनके मन का काम है। वे इसमें प्रवीण है। वे कपड़ो से पहचानकर यह कार्य करेंगे, और बखूबी करेंगे।
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आप तो जब बूथ पर जाएं, पर्ची बनवाकर, मशीन की ओर बढ़ें, तो यह सोचकर आल्हादित हों, कि आप फांसी के तख्ते पर चल रहे हैं।
सामने कोई मजलूम, मुंह पर काला कपड़ा डाले, गले मे फंदा पहने आपका इंतजार कर रहा है। एक बटन दबाते ही लीवर दबा।
उसका बदन, हवा झूलता, छटपटाता महसूस करें। बीप की आवाज में उसकी विधवा का रूदन सुने।
उंगली पर नीली स्याही लगे, तो समझें कि मकतूल के खून से आपका तिलक हुआ है।
बूथ से घर तक लौटते हुए हुए हवाओ में जलती लाशों की बदबू, और कदमो के नीचे श्मशान की राख भी महसूस करें।
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हत्या का पाप, खंजर, पिस्तौल या किसी मशीनरी के नजर नही होता साहब। अगर ट्रिगर पर उंगली आपकी है...
खंजर की मूठ पर हाथ आपका है, तो कोई और नही, आप हैं। तो बूथ पर, उस बटन पर उंगली आपकी होगी।
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पर पीएम ऐसा नही मानते। वे हंसकर यह सब करने को, आपकी जिम्मेदारी अपने सर लेने को तैयार हैं। चुनावी रैली के मंच से उनका खुलेआम आमन्त्रण है।
तो आप परिवार लेकर अवश्य जायें। सबको वही बटन दबाने का आदेश दें।
बेटे, बहू, पोते, बाई, पुत्र को पीएम का संदेश बतायें - वोटिंग मशीन पर कमल के निशान को ऐसा दबाओ कि लगे कि तुम सब...
किसी को फांसी दे रहे हो !!
@DrDatta01 Have you known who was performing the rituals of the ratha yatra of Lord Jagannath? They are "DAITAPATI", a mixture of Savara (S.T.) & pandit. There is no discrimination of cast & sex in Lord Jagannath culture.
@Profdilipmandal@dpradhanbjp Have you known who was performing the rituals of the ratha yatra of Lord Jagannath? They are "DAITAPATI", a mixture of Savara (S.T.) & pandit. There is no discrimination of cast & sex in Lord Jagannath culture.
राजीव गांधी 1984 में वे PM बने और 1985 में उन्होंने इस देश के गरीब देहात के प्रतिभाशाली बच्चों को एक उच्च कोटि की शिक्षा मिल सके , इस इरादे से नवोदय विद्यालय की नींव रखी. जरा गौर कीजिएगा की कितनी बेहतरीन व्यवस्था की थी उन्होंने
• एक जिले में से 6th std से 80 बच्चों को
हम टैक्सपेयर हैं और हमारा पैसा
१- प्रधामन्त्री मुख्यमंत्रियों और अन्य गणमान्य जन के सात सितारा रहनसहन, जहाज़ों और महँगी गाड़ियों के लिए नहीं है।
२- हमारा पैसा अमीर बिज़नेसमेन के हज़ारों करोड़ों की ऋण माफ़ी के लिए नहीं है।
३- हमारा पैसा आम जनता की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए हैं।
४- ग़रीबों और वंचितों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान की योजनाओं के लिए है।
अगर सहमत हों तो आगे बढ़ाइए।
Wknd Thrd - धर्मो रक्षति रक्षितः
(Dharmo Rakshati Rakshitah)
I love this powerful Sanskrit phase and I smile when I see right wing Hindutva trolls/goons using it in their bio, because these rabble rousers neither know the actual meaning nor the origin/context of this….
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Blessing your timeline with this thread👇🏻
70 saal-70 saal waale to jarur padhein.
BIRTH OF A NATION IN 1947 .
INDIA (INDEPENDENT NATION DECLARED IN AUGUST)
It’s an important transformation especially when ruled by invaders & then taken over by imperial powers & in 1947 a nation was born with a new name & new hope & new ideas.
Let’s keep this secular land blessed with spiritual power and cherish the rich heritage of values & good deeds.