﷽
Zulm Ke Khatme Ke Liye Jidd O Jahad Karne Wale ALLAH Ke Mahboob
"Beshak ALLAH Un Logon Ko Pasand Farmata Hai Jo Zulm Ke Khatme Aur Haq Ki Madad Ke Liye Uski Raah Me Yun Saff Basta Hokar Ladte Hain Goya Woh Seesa Pilayi Hui Deewar Ho"
#ShameBhilwaraPolice#ReleaselmranRangrej
ऐसे लोग गंगा जमुना तहजीब के दुश्मन है और मथुरा शाही मस्जिद मामले को लेकर असामाजिक तत्व 06 दिसम्बर जैसे हालात बनाना चाहते है, महोदय निवेदन है की इस पर कठोर से कठोर कार्यवाही कर दे संज्ञास ले, ताकि देश में माहौल खराब ना हो!
@PoliceRajasthan@RajCMO@Bhilwara_Police@RajPoliceHelp
@RajPoliceHelp@Bhilwara_Police
यशवन्त शर्मा (भीलवाड़ा) द्वारा अपने व्हाट्सएप पर भडकाऊ स्टेटस लगाकर धार्मिक भावनाओं को आहत किया जा रहा है महोदय इस पर तत्काल कारवाई करें!
नेट मुजरा करने, ड्रामों में काम करने,राजनीतिक फायदे के लिए झूठ बोलने,हराम बटोरने,लोगों को मरवाने वाले नेता हमारे हीरो नही है
हमारे हीरो शरजील इमाम,शाहरुख पठान जैसे कौम के शेरदिल नौजवान जो कौम के लिए हंसते ज़िंदगी दाओ पे लगा देते है
#ReleaseShahrukhPathan#ReleaseSharjeelImam
राम मंदिर की जमीन के नीचे 200fit तक बालू और सरयू का पानी,चार IIT सुझाएंगे उपाय NDTV
बात रेत बालू पानी की नही बल्कि बेईमानी की है बेईमानी की बुनियादें हमेशा कमज़ोर होती है।
इसी रेत बालू पानी की ज़मीन पर 450 साल तक #बाबरी_मस्जिद खड़ी रही थी।
@atanoor78692@Anis785@RozinaSidra
ठीक उसी तरह सरकार का कहना है, #CAA जैसे कानून से किसी की नागरिकता नहीं जायेगी पर अफ़सोस #CAA कानून के खिलाफ बोलते वक़्त @ArvindKejriwal के मुँह में दही जम गया था खैर किसानों के हक़ के लिए हम भी किसानो के साथ है पर हम मौकापरस्त नहीं है ।
मुझे आज के इस पुरफितन दौर में मुजाहिदों की जमात का इंतखाब अगर करना हो? तो बिला सुबा @PFI के केडर्स का नाम ही मेरी जुबाँ पर आयेगा, ये ही एक वाहिद तंजीम है जो बातिल की आँख से आँख मिला कर हक़ और इन्कलाब बुलंद करने का जज़्बा रखती है!
@Anis785@atanoor78692@oma_salam#IndiaWithPFI
आज हमारी कौम को ऐसे बहादुर नोजवानो की जरूरत है जो अपनी जान की परवाह किये बगैर कौम के लिए जेल जाना पसंद करे, "अफजल जिहाद जालिम हुक्मरान के आगे हक आवाज़ बुलंद करना" यही काम भीलवाड़ा शहर के PFI के शेरो ने किया, बिना डरे, बिना रुख, कौम के लिये बातिल के खिलाफ हक़ बयान करना ही मकसद है।
सहाबा-ए-कराम, तार्बाइन, तबे-तर्बाइन, खुसूसी ख़ालिद बिन वलीद, सुल्तान सलाउद्दीन अयूबी, एर्तुगल गाज़ी इन सभी अल्लाह वालो की अगर ज़िन्दगी का मुताबला अगर आप करे तो ये और इनके हम राह लोग अल्लाह और अल्लाह के रसूल के दीन के लिये शहीद होने के लिये जीते थे ना की अपने नफ़्स के लिए जीते थे
السَّـــــــلاَمُ عَلَيــْــكُم
हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया :-
जिस शख़्स ने दो बेटियों की परवरिश की तो वो
और में इस तरह जन्नत में दाख़िल होंगे जिस
तरह ये दोनो उँगलियाँ आपस में मिली हुईं है
फिर आप ﷺ ने दोनों उँगलियों को मिलाकर भी
दिखाया
(सुनन तिर्मजी 1914)