तुमने बताया था कि
नहीं हो सकता कुछ भी
अब
जब सब हो चुका खत्म।
वक़्त निकल चुका है-
पर
कविता?
कविता!
हो सकती है
वक़्त के बिना भी
सब खत्म होने के बाद भी।।
(फ़ोटो: अज्ञात)
तुम्हें पता हो न हो,
पर
अरबों सालों तक
ब्रह्मांड में सारे ग्रहों-आकाशगंगाओं के
निर्माण के बाद,
धरती पर भी जीवन के
करोड़ों सालों के बाद।
ईश्वर को ब्रह्मांड में कुछ कमी लगी-
और इसलिए
कुछ पच्चीस साल पहले
उसने तुम्हें बनाया।।
(फ़ोटो : The Namesake, 2006)
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