@arvindchotia कभी यह क्यु नहीं कहते कि जातिवाद खतम करो, नीचे तबके के लोगों को जातिवादी शब्द बोलना बंद करो जातिवाद खतम हो गया तो बाकी अपने आप खतम हो जाएगा
@alokrajRSSB आप तो ट्वीट करके निकल लिए बाकी जिनकी जिंदगी की लंका लगनी है वो लग जाये 11 question से कितना फर्क़ पड़ता है वो पता है कि नहीं केवल घर भरने पर ही ध्या�� ना दो कुछ तो दूसरों के बच्चो का भी सोच लिया करो कभी तो
इतना संघर्षशील नेता प्रदेश तो क्या पूरे देश में नहीं है 👏👏
50 साल की उम्र में भी एक 35 साल के नेता जैसी ऊर्जा, फुर्ती, सड़कों पर संघर्ष करने का ज़ज्बा, ना दिन देखना ना रात ये सारी बातें हनुमान जी के व्यक्तित्व को विशाल बनाती हैं 👏👏
चिकित्सा मंत्री मुर्दाबाद मुर्दाबाद
दीपक भाई अमर रहे..🙏🏻
#Jaipur :एस.एम.एस मेडिकल कॉलेज जयपुर के मुख्य गेट पर आज नर्सिंगकर्मी धरना प्रदर्शन करते हुए ,महिला हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मी दीपक का सुसाइड केस पुलिस की कथित मारपीट के विरोध में नर्सेज में रोष,
एस.एम.एस मेडिकल कॉलेज जयपुर के मुख्य गेट पर जमा हुए ��ैकड़ों नर्सेज सभी नर्सेज एसोसिएशन
#SMS_अस्पताल @GajendraKhimsar @BhajanlalBjp
बाड़मेर में नर्सिंग कर्मचारियों का धरना पांचवें दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने दिवंगत दीपक खारवाल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी स्मृति में दो मिनट का मौन रखा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग करते हुए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। धरना स्थल पर कर्मचारियों में गम और आक्रोश दोनों देखने को मिले।
मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी सरकार द्वारा वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को हटाकर नई संविदा भर्ती करना युवाओं के साथ अन्याय है। वहीं आरक्षण को खत्म करने का षड्यंत्र है , जब भर्ती संविदा पर ही करनी है, तो पहले से कार्यरत कर्मियों को हटाने का औचित्य क्या है?
NSUI संगठन नर्सिंगकर्मियों के साथ खड़ा है और सरकार से म���ंग करता है कि संविदा भर्ती बंद कर स्थायी रोजगार के लिए नियमित भर्ती निकाली जाए।न कि स्वास्थ्य वीर भर्ती करें !
@GajendraKhimsar @1K_Nazar @VinodJakharIN @nsui
जयपुर में संविदा सेवा से हटाए गए नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की आत्महत्या के बाद प्रदेशभर के नर्सिंगकर्मियों में ���क्रोश है। घटना के बाद आक्रोशित नर्सिंगकर्मियों ने SMS अस्पताल की इमरजेंसी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल परिसर में नारेबाजी करते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं ।
सरकार द्वारा वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मियों को हटाकर नई संविदा भर्ती करना युवाओं के साथ अन्याय है। जब भर्ती संविदा पर ही करनी है, तो पहले से कार्यरत कर्मियों को हटाने का औचित्य क्या है?
NSUI संगठन नर्सिंगकर्मियों के साथ खड़ा है और सरकार से मांग करता है कि संविदा भर्ती बंद कर स्थायी रोजगार के लिए नियमित भर्ती निकाली जाए।
जयपुर स्थित SMS अस्पताल की मोर्चरी के बाहर दिवंगत नर्सिंग कार्मिक दीपक के परिजनों व आंदोलित मेडिकल स्टाफ के साथ रालोपा प्रमुख श्री हनुमानजी बेनीवाल धरनास्थल पर बैठे है ।।
राज्य सरकार संवेदनशीलता के साथ आंदोलित परिजनों की मांगो पर सकारात्मक सहमति व्यक्त करे।।🙏🙏
@hanumanbeniwal@RajCMO
@ashokgehlot51 मुख्यमंत्री जी, भरतपुर में 171 नर्सिंग कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू होने पर चिंता जताना उचित है, लेकिन आपके गृह जिले जोधपुर में भी लगभग 500 नर्सिंग एवं पैरामेडिकल कार्मिकों को सेवाओं से बाहर कर दिया गया है।
#SaveNursingStaff#SaveParamedicalStaff#RajasthanYouth
“हम तो तबाह हो गए हैं - और सुनने वाला कोई नहीं।”
कल दोपहर के खाने पर एक ऑटो चालक भाई ने यह कहा। एक वाक्य में देश के लाखों ग़���ीबों की पूरी कहानी आ गई।
आमदनी का मीटर बंद। महंगाई का ब्रेक फेल। और सुनने वाली सरकार बहरी।
CNG से LPG तक। बच्चों की पढ़ाई से इलाज तक। दूध से लेकर खाने के तेल तक। हर बढ़ता रुपया इनके बजट पर, इनकी रसोई पर, सीधा वार है।
महंगाई मानव मोदी जी सलाह देते हैं - “public transport इस्तेमाल कीजिए।” और जो लोग public transport की रीढ़ हैं वो आज महंगाई के बोझ तले टूट रहे हैं।
आज इनकी थाली में रोटी-दाल के साथ एक सवाल भी है - कल की रोटी क���ाँ से आएगी?
@zeerajasthan_ पिछले 60 दिनों से निविदा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ ��पती धूप में धरने पर बैठा है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। समय पर टेंडर प्रक्रिया नहीं होने से सैकड़ों परिवार बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं,वहीं अस्पतालों में स्टाफ की भारी कमी से मरीजों की सेवाएं प्रभावित होरही है
@zeerajasthan_ प्रशासन को जल्द से जल्द तकनीकी अड़चनें दूर कर टेंडर प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए और पुराने अनुभवी स्टाफ को प्राथमिकता देकर पुनः नियुक्त करना चाहिए, ताकि स्वास्थ्य सेवाएं सुचारू रूप से चल सकें।
@zeerajasthan_ निविदा नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की मांग पूरी तरह जायज़ है। समय पर टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं होने का खामियाजा सैकड़ों युवाओं को बेरोजगारी के रूप में भुगतना पड़ रहा है, वहीं अस्पतालों में स्टाफ की कमी से मरीजों की सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।