@HemantSorenJMM इस तरह की अवैध वसूली कर,CHC में सब राजा बने हुए हैं, जो CHOस्वास्थ्य में रीढ़ की हड्डी बने हुए है उनके बारे में हमारे मुख्यमंत्री जी कोCHO के बारे में ज्ञात तक नहीं
CHO 12 तरह की सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, 14 तरह की जांच कर रहे हैं
और वैकेंसी सिर्फANM और GNM के लिए
@DCkhunti@Shashi29121967 CHO को बिना किसी मेडिसिन प्रिस्क्रिप्शन के अधिकार बिना जबरनCHCमें ड्यूटी लगाया जा रहा है,ऐसे में यदि किसी मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है उसका जिम्मेवार कौन होगा, साथ हीCHOसे सिर्फ HWC पर ही कार्य लिया जाना है कहीं और नहीं
@DCkhunti कृपया संज्ञान लें
@Shashi29121967 Respected sir,
पिछले वर्ष झारखंड कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स एसोसिएशन के द्वारा की गया हड़ताल के समायोजन हेतु अपर मुख्य सचिव से आदेश प्राप्त होने के बावजूद अब तक पत्र अपराप्त है, महोदय से निवेदन है कि पत्र जल्द निर्गत की जाए,अन्यथा एसोसिएशन कड़े कदम के लिए बाध्य होगी।
गजब दोगलापन है हेमंत सोरेन जी
नए सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटने के लिए आप सम्मेलन करा रहे हैं लेकिन आंदोलन कर रहे 4000 पुराने सीएचओ की मांगें सुनने तक का समय नहीं है सरकार के पास।
हेमंत सरकार कुशासन के अनदेखे रंग दिखा रही है।
याद रखिए हेमंत सोरेन युवाओं से आपका ये छल नहीं होगा सफल।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, 4 हजार कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार और आंदोलन का खामियाजा झारखंड के गरीब आदिवासी भुगत रहे हैं।
हेमंत सोरेन के कुशासन से हर वर्ग नाराज है।
#भीख_नही_हक_मांग_रहे_है
जब सभी आज घर में दुर्गा अष्टमी बना रहे हैं तब झारखंड के सभी CHO रोड पर बैठने को मजबूर है मातृ शक्ति अपने छोटे छोटे बच्चो को लेकर कड़ी धूप में रोड पर बैठी हुईं हैं,हमारी माननीय मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM जी से निवेदन है की ÇHO की सभी मांगे मानी जाए।
@HemantSorenJMMजहां एक ओर मुख्यमंत्री महोदयCHOको नियुक्ति पत्र सौंप कर वाहवाही लूट रहें हैं।वहीं दूसरी ओर23 सितंबर सेCHOहड़ताल में बैठे हुए हैं और इनकी सुद लेने के लिए मंत्री को एक पल का फुरसत नहीं,तथा CHO अपनी मौलिक अधिकार की भी लड़ाई नही कर सकता?
#CHOकी मांग पूरी नही,तो वोट नही
सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी झारखंड अपनी मांगो को लेकर पिछले ग्यारह दिनों से लगातार प्रदर्शन कर रहे है जब तक मांगो को लेकर कोई लिखित नहीं मिलता है तब तक ये धरना शांतिपूर्वक चलता रहेगा ! सभी CHO दूर दराज क्षेत्रों से यहां अपने परिवार और बच्चो को छोड़कर यहाँ धरने के लिए मजबूर है
झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी फ्लैगशिप योजनाओं को धरातल पर उतारने में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी पिछले 23 सितंबर से हड़ताल पर हैं। इनके कार्य बहिष्कार और आंदोलन के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं पर खासा असर पड़ा है।