ये है प्रधान नगरी वाराणसी में भाजपा के विश्वस्तरीय विकास के दावे का शर्म से पानी-पानी हो जाने का नज़ारा।
क्योटो नहीं बना पाए तो ‘क्योटो की फोटो’ ही लगा देते।
भाजपा ही अराजकता है!
भाजपा राज में कोई अपराधी नहीं पकड़ा जाएगा, क्योंकि जो अपराधी होगा वो भाजपा में कहीं कोई पदाधिकारी होगा।
नारी के आँसू भाजपा की सत्ता को बहा ले जाएंगे!
नेता वही जो अपने कार्यकर्ता और नेताओं को दूर से पहचान ले नाम से पुकार ले ।
इस वीडियो को ध्यान से सुनिए
तेजस्वी जी ने पूछा कौन हैं ये लोग ?
अखिलेश जी ने तुरंत कहा
मुरादाबाद के हैं ये लोग ।
लाखों की भीड़ में अपनों को पहचाने वाली कला जो नेताजी में थी वही भैया जी में भी हैं ।
इसलिए तो कहते हैं
सबसे अलग हैं अखिलेश
सबके हैं अखिलेश
और सबसे विशेष हैं अखिलेश ।।
रामपुर जेल से बाहर आने के बाद अब्दुल्लाह आज़म ने कहा -
पिछले आठ सालों में हमारे साथ जो हुआ है , शायद वो किसी के साथ नहीं हुआ होगा !
आज़म ख़ान साहब को ये सब दिन इसलिये देखना पड़ रहा है क्योंकि,
उन्होंने बच्चों को पढ़ने के लिए यूनिवर्सिटी बनाई !
पिछले 1 घंटे से पड़ाव से लेकर मालवीय बृज का रस्ता पूरी तरह जाम है आगे पता नहीं क्या हाल होगा,सूजाबाद पुलिस चौकी के सामने आधा घंटा हों गया है
यही तैयारी है त्यौहार की @varanasipolice@Addldcp_traffic
@DFS_India
बारह साल, बारह सवाल
1. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बेचे क्यों जा रहे हैं?
2. बैंक मजबूत हुए हैं तो ग़रीब जनता के खाते से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं?
3. बैंक मजबूत हुए हैं तो बार-बार केवाईसी के नाम पर जनता के पैसे देने से इंकार क्यों किया जा रहा है?
4. बैंक मजबूत हुए हैं तो उन लोगों को पकड़कर देश में लाकर सज़ा क्यों नहीं दी जा रही है, जो बैंको से खरबों का लोन लेकर भाग गये हैं?
5. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर ग्रामीण इलाकों में ब्रांच और ATM बंद करके जनता को कैश के लिए क्यों भटकाया जा रहा है?
6. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और बिना गारंटर के लोन क्यों नहीं मिल रहा है?
7. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर साइबर ठगी का शिकार हुए गरीब आदमी का पैसा तुरंत वापस क्यों नहीं होता, उसे थाने और बैंक के चक्कर क्यों कटवाए जाते हैं?
8. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर होम लोन और शिक्षा लोन पर ब्याज इतना ज़्यादा क्यों है कि आम आदमी की कमर टूट रही है?
9. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर डिजिटल ट्रांजेक्शन फेल होने पर जनता का पैसा कई-कई दिन तक होल्ड पर क्यों रखा जा रहा है?
10. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर CIBIL स्कोर में छोटी सी चूक पर नौजवानों को डिफॉल्टर बताकर उनका भविष्य क्यों खराब किया जा रहा है?
11. बैंक मजबूत हुए हैं तो फिर बुजुर्गों और अनपढ़ लोगों को UPI और ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए हर ब्रांच में सहायता काउंटर क्यों नहीं है?
12. बैंक मजबूत हुए हैं तो बैंक कर्मियों की जायज़ माँगे क्यों नहीं मानी जा रही हैं और बैंकों में नई भर्ती क्यों नहीं हो रही और मौजूदा कर्मचारियों पर इतना दबाव क्यों है कि ग्राहक सेवा ही चौपट हो रही है?
स्पष्टीकरण एवं खेद : ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोक गायिका नेहा सिंह राठौर से संबंधित एक ख़बर प्रसारित की गई, जो तथ्यों के आधार पर ग़लत पाई गई. इस त्रुटिपूर्ण प्रसारण के लिए हमें खेद है, हम इसके लिए क्षमा प्रार्थी हैं.
खिलते हैं गुल यहाँ…
जब हमारे काम से किसी के चेहरे पर मुस्कान आती है तो लगता है हमारी कोशिशों को मंजिल मिल गई।
लोग कह रहे हैं ये लंदन या लखनऊ?
समाजवादियों का काम, रंग-ओ-ख़ुशबू के नाम!
अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए पूरा देश वर्षों से व्यग्र है। सरकार से अपेक्षा थी कि इस केस में सवालों के घेरे में घिरे “वीआईपी” दुष्यंत गौतम की भूमिका की जांच करे।
सरकार ने किया क्या ? दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बना दिया ।
अंकिता भंडारी के परिवार के साथ-साथ पूरा देश, देश की हर बेटी, हर माँ-हर पिता, हर महिला इस बात से स्तब्ध है, आक्रोशित है, व्यथित है, क्रोधित है।
बेटियों को न्याय देना तो दूर, सरकार अपराधियों को उच्च पदों से विभूषित कर रही है। ये शर्मनाक है। ये सरकार महिला सुरक्षा के लिए खतरा बन चुकी है।
इस सरकार में बैठे लोगो द्वारा महिलाओं के ख़िलाफ़ अपराध की सूची, महिलाओं को अपमानित करने की घटनाएं और महिलाओं के अधिकारों के दमन की मानसिकता दिन पर दिन दानवी रूप लेती जा रही है।
नवरात्र के पावन पर्व में जब पूरा देश देवी पूजन कर रहा है, इस बात को सोच कर दुख होता है कि एक देवीस्वरूप माने जाने वाली बेटी को हम न्याय नहीं दिला पा रहे।
इस महिला विरोधी सरकार को ये समझ लेना चाहिए कि भारत की महिलाएँ अगर अपनी ज़िद पर आ जाएँ तो हर महिषासुर, हर बुराई का नाश निश्चित हो जाता है, चाहे वो बुरी सोच हो या बुरी सोच वाली ग़लत सरकार।