9 एवं 11 सितंबर को प्रदेश में नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है।
आपके शहर व वार्ड के विकास एवं प्रगति के लिए यह बहुत ही महत्त्वपूर्ण तथा निर्णायक दिन है।
मैं सभी मतदाताओं से अपील करता हूँ कि कांग्रेस उम्मीदवारों को विजयी बनाएं। अपने मत की शक्ति का उपयोग करते हुए बढ़चढ़ कर हिस्सा लें और अपने शहर एवं वार्ड के विकास में भागीदार बनें।
Grateful to respected Shri @RahulGandhi Ji for raising his voice for the truth on this painful and serious issue facing Punjab. The 'AAP' government must stop its cheap politics of intimidation, justice must be delivered to Gulzar Singh's family without bias, and an immediate FIR should be registered against the minister named in the video with swift action taken.
नशे के खिलाफ आवाज़ उठाना और एक मृतक के लिए न्याय मंगाना इसमें गलत नहीं है। AAP की सरकार ने पंजाब के युवाओं से नशे के खिलाफ कार्रवाई के कई वादे किए थे। आज सवाल यह है कि उन वादों का ज़मीनी हकीकत पर कितना प्रभाव पड़ा।
स्व. गुलजार सिंह जी ने आपके मंत्री से सवाल पूछा था। इसके बाद उनके ऊपर जो दबाव और प्रताड़ना हुई उससे मजबूर होकर ज़हर खा लिया। उन्हें इलाज के लिए भटकना पड़ा और समय पर सही इलाज नहीं मिलने के कारण उनकी मृत्यु हो गई। सरकार AAP की है, इसलिए इस मामले में जवाबदेही तय करने की ज़िम्मेदारी भी आपकी सरकार की है।
माँग स्पष्ट है — मृतक और उनके परिवार को न्याय मिले, जाँच स्वतंत्र हो, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए। मंत्री का इस्तीफा लेना चाहिए और FIR में उनका नाम शामिल किया जाना चाहिए।
राहुल गांधी दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली पहुंचे. इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया. लखनऊ से रायबरेली जाते समय उनके काफिले का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया.
#rahulgandhi#congress#Bareilly#abpnews
पंजाब के लोगों, और खासकर दलितों को, AAP सरकार द्वारा सत्ता के दुरुपयोग को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए।
गुलज़ार सिंह जी जो वाल्मीकि समुदाय से थे, उनपर उनके आखिरी दिनों में जो बीती है वो खुद उनके परिवार की, उनकी मां की, उनकी पत्नी की और उनके भाई की ज़ुबानी सुनिए।
जिंदगी में तो प्रताड़ना दी ही, मृत्यु में भी गुलज़ार सिंह जी का अपमान कर रहे हैं। शोकाकुल परिजन ही कह रहे हैं कि उनसे उनके पारंपरिक अंतिम संस्कार का हक तक छीन लिया गया।
मैं फिर कह रहा हूं - मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें, FIR में उनका नाम दर्ज हो और पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच हो। इससे कम कुछ भी न्याय नहीं, खानापूर्ति है।
रायबरेली में दिशा बैठक के दौरान सांसद राहुल गांधी ने जिले की खराब सड़कों का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिला प्रशासन को गड्ढों वाली सड़कों की तस्वीरें दिखाईं और जिलाधिकारी से सड़कों की हालत को लेकर सवाल किया। डीएम ने बताया कि बारिश के कारण कुछ सड़कें खराब हुई थीं, जिनमें से कई की मरम्मत करा दी गई है। उन्होंने कहा कि सड़कों की देखरेख पीडब्ल्यूडी कर रहा है।
#RahulGandhi #Raebareli #DISHAmeeting #Roads #UttarPradesh #ATPhotoBlog #AajTakSocial
#WATCH | Raebareli, Uttar Pradesh | Huge rush of party workers at Congress office, where party leader Rahul Gandhi is meeting people from the area today, during his two-day visit to the parliamentary constituency
पंजाब की AAP सरकार में एक खतरनाक पैटर्न दिख रहा है - सरकारी नाकामी पर सवाल करोगे, तो जवाब धमकी और torture से मिलेगा।
अपने बेटे को नशे का शिकार बनते देखने वाले, दलित समुदाय से आने वाले गुलज़ार सिंह जी ने वित्त मंत्री से सिर्फ़ इतना पूछा कि सरकार ड्रग्स का कारोबार रोकने में इतनी बुरी तरह नाकाम क्यों है?
बस इस बात पर उन्हें इतना प्रताड़ित और अपमानित किया गया, माफ़ी मांगने के लिए इतना दबाव बनाया गया कि उन्होंने ज़हर खा लिया। एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते हुए, इलाज के अभाव में, आखिरकार वो ज़िंदगी की जंग हार गए।
पिछले हफ्ते मैंने एक युवा मोहनजीत सिंह से भी बात की, जिन्हें मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ़ प्रदर्शन करने पर प्रताड़ित किया गया।
सरकार का काम जनता को जवाब देना है, सवाल पूछने वालों को कुचलना नहीं। गुलज़ार सिंह जी के परिवार को जल्द से जल्द न्याय मिले। मुख्यमंत्री तत्काल वित्त मंत्री का इस्तीफा लें और सुनिश्चित करें कि एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो जिसकी FIR में उनका नाम दर्ज किया जाए।
3 सितंबर को दिल्ली में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से सवाल पूछने की कोशिश करने पर महिला पत्रकारों शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर साकेत थाने ले जाने, मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप बेहद गंभीर हैं।
वहीं, पूर्व @BBCHindi पत्रकार हुदा जरीवाला को सहारनपुर मस्जिद विध्वंस पर सवाल उठाने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की कार्यशैली की आलोचना करने पर यूपी पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर जेल भेजे जाने की खबर भी बेहद चिंताजनक है।
महिला पत्रकारों ने मारपीट के संबंध में FIR दर्ज करने के लिए शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई न होना पुलिस की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, हुदा जरीवाला की गिरफ्तारी भी प्रेस की स्वतंत्रता और सत्ता से सवाल पूछने के अधिकार पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
संबंधित राज्य सरकारों से हमारी मांग है कि हुदा जरीवाला को तत्काल रिहा किया जाए और अगर अगले 72 घण्टो में में शाहीन ख़ान और नफ़ीसा ख़ान की शिकायत पर कार्रवाई नहीं हुई, तो मैं स्वयं साकेत पुलिस थाने के बाहर आकर शांतिपूर्ण धरना दूंगा।
मेरे पत्रकार भाइयों और बहनों से अपील है कि एकजुट होकर अपनी साथी पत्रकारों का साथ दें। आज वे हैं, कल आपकी बारी भी हो सकती है।
यह प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतंत्र से जुड़ा गंभीर सवाल है।
@UPGovt@DelhiGovDigital
हमें आपका सम्मान नहीं चाहिए, हमें FIR चाहिए। 🔥
कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ और कई सांसद हल्द्वानी की ‘शुद्धिकरण’ घटना को लेकर FIR दर्ज कराने की मांग करने संसद मार्ग थाने पहुंचे।
कांग्रेस सांसदों ने पुलिस से लिखित में पूछा कि इस घटना में अब तक FIR क्यों दर्ज नहीं की गई?