यूपी पुलिस के इस दीवान पर एक दुकानदार का आरोप
है कि ये धमकाकर जबरन 5000 रुपये माँग रहा है।
वीडियो के अंत में गालीगलौज साफ सुनाई दे रही है।
@Uppolice आपकी छवि धूमिल हो रही है।
@UPPViralCheck वीडियो को जाँचे और दोषी पर कड़ी कार्यवाही करें।
फ्री का सामान नहीं मिला तो... दुकान बंद कराने पहुंची पुलिस.?
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी में एक छोटी सी दुकान है। वहाँ दो पुलिसकर्मी आ��, फ्रूटी और बिस्कुट लिए। जब महिला दुकानदार ने पैसे मांगे तो देने से मना कर दिया।
उलटे धमकी देने लगे – दुकान बंद करवा देंगे।
महिला विधवा है। पति नहीं है, दो छोटे बच्चे हैं। इसी छोटी सी दुकान से घर का चूल्हा जलता है। रोज़ी-रोटी का एकमात्र सहारा।
जो लोग सुरक्षा देने वाले हैं, वही गरीब की मेहनत पर डाका डालें… ये कैसा सिस्टम है?
पीडित छात्रा:- एक पुलिस वाले ने मेरे पिछले हिस्से मे लाठी घुसेडी...💔
ठीक ऐसी ही घटना प्रोटेस्टर के दौरान जंतर-मंतर पर और भी छात्राओ के साथ भी हुई
हमें ₹@डी बोला गया है, हमे मारते वक्त ये बोल रहे थे कि और मारो इन बहन की लौ@डी को 💔
एक लडकी को ये तक बोला गया कि घर चली जा वर्ना थाने ले जा कर नं&गा करके मारूंगा
औरतो की छाती पर पैर रखे ग�� है और ये सब पुरूष पुलिस के द्वारा किया गया था और जो इनमे से तमाम बिना वर्दी के भी थे !!
इस पीडिता की आवाज प्रधानमंत्री के कानो तक जरूर पहुचनी चाहिए, उनको अपने ऊपर पडी गालियां तो सुनाई दे गई...
पर प्रधानमंत्री की पुलिस ने इन छात्राओ के साथ जो सुलूक किया उसके बारे मे प्रधानमंत्री के क्या विचार है ?
ये उत्तराखंड पुलिस में सिपाही शेर सिंह है।
इन्होंने जंतर मंतर के मंच पर पहुंचकर इस्तीफा दे दिया।
शेर सिंह ने मंच पर खड़े होकर अपना बैज उतारकर अभिजीत दीपके के हाथ में दे दिया।
वह ��ंतर मंतर पर छात्रों के आंदोलन को खुलकर समर्थन देना चाहते थे इसलिए उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया।
प्रोटेस्ट में एक छात्र हाथ जोड़कर खड़ा है पुलिस लाठियों स�� पीटती रही उस सिपाही ने आखिर में उसके सिर पर लाठी मारा उसके बाद वह छात्र वहीं सड़क पर गिरकर बेहोश हो गया।
कुत्ते पुलिस वाले हत्या के लिए भेजे गये हैं।
उस पुलिस वाले पर attempt to murder का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया जाय।
@HMOIndia
@AmitShah
"वर्दी सत्ता की नहीं, संविधान की होती है।"
आर्मी ऑफिसर के बीवी ने वर्दी का क्या धर्म ओर क्या फ़र्ज़ होता है ये खूबसूरत तरीके से समझाया
"आपके कंधों के सितारे ताकत नहीं, जिम्मेदारी का प्रतीक हैं। अशोक च��न्ह याद दिलाता है कि आपकी निष्ठा किसी सरकार से नहीं, संविधान और देश की जनता से है।
लाठी आवाज़ दबाने के लिए नहीं, कानून की रक्षा के लिए है। वर्दी का सम्मान उसके कपड़े से नहीं, उसे पहनने वाले के चरित्र से होता है।
वर्दी का धर्म: सेवा, संयम और संविधान।" 🇮🇳
इन तस्वी���ों को देख दुख होता है. मीडिया की इस दुर्गति के लिए जो जिम्मेदार हैं, वो अभी भी स्टूडियो से प्रोपोगेंडा फैला रहे हैं. लेकिन भुगतना फील्ड रिपोर्टर को पड़ रहा है.
Zee न्यूज के रिपोर्टर के साथ बदसलूकी करती पटना की पब्लिक.
इन वर्दी की गुंडागर्दी वकील ही निकाल सकते हैं लखनऊ में हो रहे आंदोलन में महिलाओं पर हाथ
उठाने पर अधिवक्ता साथी आए और हमारे बड़े भाई अधिवक्ता जी SHO को पकड़ कर साफ बोले यह बीजपी का गुंडा हैं बिना नाम प्लेट के यह वर्दी में भाजपाई की चाटूकारिता कर रहे हैं
यह योगी की पुलिस है औरतों और लड़कियों पर हाथ उठाने पर अधिवक्ता संघ के कुछ ही अधिवक्ता आए थे इनकी गुंडागर्दी पूरी उतार दिए ।
यह जो कल युवाओं पर गुंडई दिखा रहे थे इनको हमेशा वकीलों ने पीटा हैं और अब और पिटेंगे इनकी गर्मी और गुंडागर्दी का ईलाज वकील कर सकते हैं
अगर ऐसी तस्वीरें और वीडियो आने लगे तो दिल्ली पुलिस वालों और देश के लिए गलत होगा पुलिस वालों को भी छात्रो के साथ बरबरता करने से पहले सोचना होगा घर उन्हें अकेले ही जाना ह��?
कल जो जंतर मंतर पर पुलिस के साथ सिविल ड्रेस में छात्रों पर लाठीचार्ज कर रहा था,
वह मैं नहीं था। लोग मेरी छवि खराब कर रहे हैं।
देख रहे हो ना, जैसे ही इस लड़के की तस्वीर और वीडियो वायरल हुई तो अब यह कह रहा है कि वहां पर ��ैं था ही नहीं।
कल से दिल्ली पुलिस का ये बंदा सबसे ज्यादा वायरल है जो सिविल ड्रेस में है और हर जगह लाठी लेकर छात्रों को मरता-पीटता दिखाई दिया...
क्या ये सच में दिल्ली पुलिस का जवान ही है या फिर.....?
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"आप हैं दरोगा हरिओम पटेल.. समिट चौकी के प्रभारी हैं.. समिट बिल्डिंग वाली चौकी, जहां रोज रात को शराब पीकर रईसजादों का उत्पात होता है.. जहां से शराब पीकर निकले लोग शहर भर में लड़कियों का पीछा कर उन्हें छेड़ते हैं.."
दरोगा जी यूपी की राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड थाने की समिट चौकी में तैनात हैं.. लोग बताते हैं कि दरोगा जी रील बनाने के शौकीन हैं..
लेकिन इस रील के कहने ही क्या.. समिट बिल्डिंग में बवाल होते रहते हैं.. लोग मारपीट करके आते-जाते रहते हैं.. छेड़छाड़ करके निकल लेते हैं.. और दरोगा जी इसी गजल की तरह देखते रह जाते हैं..
"वो मेरे सामने ही गया और मैं रास्ते की तरह देखता रह गया.."
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