प्रधानमंत्री @narendramodi ने ब्रातिस्लावा में प्रेसिडेंशियल पैलेस में विजिटर बुक में वहां गर्मजोशी से स्वागत के लिए आभार व्यक्त करते हुए एक भावपूर्ण संदेश लिखा.
प्रधानमंत्री मोदी इन दिनों स्लोवाकिया के दौरे पर हैं. 1993 में नया देश बनने के बाद ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली स्लोवाकिया यात्रा है.
स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा की सड़कों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम की धूम.
1993 में स्वतंत्रता के बाद ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला स्लोवाकिया दौरा है.
@IndiaInSlovakia#PMModiInSlovakia#Bratislava
भारत का indigenous missile capability बढ़ाने में बड़ा कदम!
लंबी दूरी का जमीनी हमला करने वाले क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण.
ओडिशा तट के पास डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया Long Range Land Attack Cruise Missile (LRLACM) का सफल परीक्षण.
क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल से अलग होती है क्योंकि यह जमीन के समानांतर, बेहद कम ऊंचाई (कुछ मीटर) पर उड़ती हैऔर रडार से बचने में सक्षम होती है.
ब्रह्मोस भी एक क्रूज मिसाइल है.
@DRDO_India
सोमवती अमावस्या... सोमवार और अमावस्या का यह दुर्लभ संयोग, माँ गंगा में स्नान और पितृ तर्पण के लिए परम पुण्यदायी माना जाता है।
हरिद्वार के घाटों पर आज श्रद्धा का सागर। हर डुबकी में आस्था, हर लहर में आशीर्वाद।
#Haridwar#सोमवती_अमावस्या#NamamiGange
भारत और फ्रांस के इस रिश्ते में Connection भी है, Conviction भी है।
इस रिश्ते में Innovation भी है, Inspiration भी है।
इस रिश्ते में Shared Values हैं, Shared Vision भी है।
@narendramodi@PMOIndia@MEAIndia
The Embassy of the Islamic Republic of Iran in India categorically rejects the reports and claims circulated by certain media outlets regarding the economic situation in Iran and alleged difficulties in the supply of essential goods and public necessities.
It is emphasized that, despite the imposition of three wars and extensive pressures against the Iranian nation, no shortage of essential commodities or basic necessities has occurred to date. Owing to the effective measures and responsible management of the Government of the Islamic Republic of Iran under the leadership of President Dr. Masoud Pezeshkian, the procurement, supply, and distribution of the goods required by the country continue in a normal, stable, and uninterrupted manner.
The Embassy of the Islamic Republic of Iran also urges respected Indian media organizations to obtain and disseminate news and reports concerning Iran from credible, official, and verifiable sources. In this regard, it should be recalled that Iran International is a media outlet affiliated with opponents and adversaries of the Iranian people and has a long record of disseminating biased narratives aligned with anti-Iranian political agendas. Consequently, it cannot be regarded as a credible source for accurately reflecting the realities of Iran.
@aajtak
न्यूयॉर्क राज्य Senate ने राज्यपाल से 15 अगस्त, 2026 को न्यूयॉर्क राज्य में भारत स्वतंत्रता दिवस घोषित करने का आग्रह करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया। Senators ने भारत की समृद्ध सभ्यतागत विरासत, लोकतांत्रिक मूल्यों, महात्मा गांधी की विरासत और भारतीय-अमेरिकी समुदाय के महत्वपूर्ण योगदानों पर प्रकाश डाला। यह प्रस्ताव भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच मजबूत जन-संबंधों और न्यूयॉर्क में भारतीय प्रवासी समुदाय के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।
@IndiainNewYork@MEAIndia@PMOIndia
वर्ष 2026 में प्रतिष्ठित पद्म श्री से सम्मानित डॉ. केवल कृष्ण ठकराल भारत के सबसे सम्मानित आयुर्वेदिक सर्जनों और विद्वानों में से एक हैं।
विभाजन के बाद जीवन के पुनर्निर्माण से लेकर आयुर्वेद और शल्य-शालाक्य के प्राचीन विज्ञान को समर्पित छह दशकों से अधिक के उनके सफर में भारत की पारंपरिक ज्ञान में निहित सेवा, दृढ़ता और उपचार की झलक मिलती है।
हमारा ये खास कार्यक्रम आयुर्वेदिक सर्जरी में उनके योगदान, प्राचीन पद्धतियों के पुनरुद्धार, दशकों की जनसेवा और आधुनिक भारत में आयुर्वेद के भविष्य पर उनके विचारों को उजागर करता है।
#PadmaShri #Ayurveda #DrKewalKrishanThakral #IndianHeritage @moayush
Watch Full Episode: https://t.co/KhC7KwRMmF
भारत में गर्मियाँ अब महज़ मौसमी असुविधा नहीं रह गई हैं, बल्कि ये सार्वजनिक स्वास्थ्य और शहरी जीवन के लिए एक गंभीर संकट बनती जा रही हैं।
दिल्ली जैसे शहरों में तापमान अक्सर 45-46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच जाता है, जबकि अस्पतालों में गंभीर निर्जलीकरण, ऊष्मा थकावट और अंगों पर बढ़ते दबाव के मामले सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञ अब चेतावनी दे रहे हैं कि असली खतरा केवल दिन की गर्मी नहीं, बल्कि बढ़ती "गर्म रातों" का है, जहाँ सूर्यास्त के बाद भी तापमान खतरनाक रूप से उच्च बना रहता है, जिससे शरीर को ठीक होने का समय नहीं मिल पाता।
आईएमडी विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण न्यूनतम तापमान तेजी से बढ़ रहा है, जिससे हृदय और गुर्दे पर लगातार ऊष्मा का दबाव पड़ रहा है। एम्स के डॉक्टर बताते हैं कि जब शरीर पसीना बहाने की क्षमता खो देता है, तो शीतलन प्रणाली ध्वस्त हो जाती है - जिससे जानलेवा हीट स्ट्रोक और कई अंगों के विफल होने का खतरा पैदा हो जाता है।
शहरी क्षेत्र भी "ऊष्मा जाल" बनते जा रहे हैं। कंक्रीट, डामर, यातायात घनत्व और यहाँ तक कि एयर कंडीशनर से निकलने वाला धुआँ भी शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव को बढ़ा रहा है, जिससे शहर आसपास के क्षेत्रों की तुलना में कई डिग्री अधिक गर्म हो रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञ अत्यधिक एयर कंडीशनिंग वाले स्थानों से अचानक अत्यधिक गर्म बाहरी वातावरण में जाने के प्रति आगाह करते हैं। गर्मी के चरम मौसम में जीवित रहने के लिए उचित अनुकूलन और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखना, चाहे वह ऑक्सीजन रिसोर्स (ORS) या नमकीन तरल पदार्थों के माध्यम से हो, अत्यंत आवश्यक हो गया है।
अब चुनौती केवल मौसम पूर्वानुमान तक ही सीमित नहीं है। विशेषज्ञ ताप-कार्य योजनाओं, बुनियादी ढांचे की मजबूती, कार्य समय में समायोजन, संवेदनशील आबादी की सुरक्षा और नागरिकों के बीच "तापमान साक्षरता" बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हैं।
#HeatStroke #दिल्ली_गर्मी #HotNights #HeatWave #ClimateCrisis #भीषण_गर्मी #HeatActionPlan
Bharat’s Tiranga soared high in Vietnam through our wrestlers’ grit, glory and gold. 🇮🇳🤼
Congratulations to our young wrestlers for a stellar campaign at the 2026 U23 Asian Championships!
The Women’s team delivered a sensational 10-medal haul including 6 Golds, the Men’s Freestyle team scripted India’s highest-ever tally with 9 medals including 4 Golds, while the Greco-Roman contingent too created history with its best-ever 8 medals.
Indian wrestling’s next generation has truly arrived.
#U23AsianChampionships #AsianChampionships #Wrestling #TeamIndia #Bharat #WrestlingNews @IndiaSports
India extends support to Africa in its fight against the emerging Ebola public health emergency by dispatching the first tranche of urgent medical supplies and protective kits to Africa Centres for Disease Control and Prevention.
Committed to global health solidarity and humanitarian cooperation.
@MEAIndia@_AfricanUnion
#India #AfricaCDC #EbolaResponse #GlobalHealth #HumanitarianAid #IndiaAfrica #HealthcareSupport #MedicalAid
📰 NEET परीक्षा में ‘मार्कशीट मांगने’ का विवाद: छात्रों और अभिभावकों में रोष, सेंटर के बाहर बना चर्चा का विषय
तहलका टुडे टीम
लखनऊ/बाराबंकी। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 के दौरान एक नई बहस ने जन्म ले लिया है। कई परीक्षा केंद्रों के बाहर यह आरोप सामने आया कि कुछ स्थानों पर छात्रों से एडमिट कार्ड के साथ अतिरिक्त रूप से मार्कशीट या अन्य दस्तावेज़ दिखाने की मांग की गई, जिससे अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों में असमंजस और तनाव की स्थिति बन गई।
📍 सेंटर के बाहर दिखा तनाव और असमंजस
सुबह से ही परीक्षा केंद्रों के बाहर बड़ी संख्या में छात्र और अभिभावक मौजूद रहे। इसी बीच कुछ छात्रों ने बताया कि एंट्री के दौरान उनसे अपेक्षित दस्तावेज़ों के अलावा भी कागज़ मांगे गए, जिससे कई बच्चे घबरा गए।
कुछ अभिभावकों ने इसे “अनावश्यक दबाव” बताया और कहा कि परीक्षा से ठीक पहले इस तरह की मांग बच्चों के आत्मविश्वास को प्रभावित करती है।
🗣️ अभिभावकों की प्रतिक्रिया
एक अभिभावक ने कहा:
“हम दूर-दूर से आए हैं, बच्चों ने सालों मेहनत की है… अगर अंतिम समय में नए दस्तावेज़ मांगे जाएंगे तो बच्चे परेशान होंगे ही।”
दूसरे अभिभावक का कहना था कि
“नियम स्पष्ट होने चाहिए, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो।”
🎓 छात्रों की आवाज़
कई छात्रों ने बताया कि वे पूरी तैयारी और आत्मविश्वास के साथ आए थे, लेकिन
अचानक अतिरिक्त डॉक्यूमेंट की मांग ने कुछ समय के लिए उन्हें विचलित कर दिया।
हालांकि बाद में अधिकतर छात्रों को परीक्षा में प्रवेश मिल गया, लेकिन इस स्थिति ने चर्चा जरूर छेड़ दी।
🏫 अधिकारियों का पक्ष
कुछ केंद्रों पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि
सिर्फ निर्धारित दस्तावेज़—एडमिट कार्ड, फोटो और वैध पहचान पत्र—ही जरूरी हैं,
और यदि कहीं अतिरिक्त मांग हुई है तो वह स्थानीय स्तर की गलतफहमी हो सकती है।
⚖️ नियम क्या कहते हैं?
NEET के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा में शामिल होने के लिए मुख्य रूप से:
एडमिट कार्ड
पासपोर्ट साइज फोटो
वैध आईडी प्रूफ
ही आवश्यक होते हैं।
ऐसे में मार्कशीट की अनिवार्यता का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है।
🔥 सोशल मीडिया पर भी उठा मुद्दा
यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि
क्या परीक्षा के नियम सभी केंद्रों पर एक समान लागू हो रहे हैं?
📢 बड़ा सवाल
यह घटना एक अहम सवाल खड़ा करती है—
👉 क्या देश की इतनी बड़ी परीक्षा में हर केंद्र पर एक जैसे नियम और पारदर्शिता सुनिश्चित हो पा रही है?
NEET जैसी परीक्षा सिर्फ एक टेस्ट नहीं, बल्कि लाखों छात्रों के सपनों का आधार है।
ऐसे में किसी भी तरह की अस्पष्टता या अतिरिक्त दबाव न केवल छात्रों के मनोबल को प्रभावित करता है, बल्कि पूरे सिस्टम पर सवाल भी खड़े करता है।
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#ईरान के संबंध में सरकार के रवैये और आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत का शोक मनाने वालों पर पुलिस कार्रवाई के ख़िलाफ़ भारत की सुप्रीम रिलीजियस अथारिटी आफताबे शरीयत मौलाना डॉ कल्बे जवाद नक़वी ने प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और रक्षामंत्री को भेजा पत्र https://t.co/boQYJMNMvO via @TahalkaToday
#भारत को #अमेरिका और #इज़राइल के साथ रक्षा समझौतों पर गंभीरता से विचार कर,इस समझौते को खत्म करे, इज़राइल ,अमेरिका की कठपुतली न बनाया जाय भारत को
लखनऊ,मजलिसे उलमा-ए-हिंद के महासचिव और इमाम-ए-जुमा #लखनऊ,भारत की सुप्रीम रिलीजियस अथारिटी आफताबे शरीयत मौलाना डॉ सैय्यद कल्बे जवाद नक़वी ने Pm नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को एक विस्तृत पत्र भेजकर ईरान के प्रति भारत सरकार के रवैये और देश के विभिन्न हिस्सों में शहीद आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई के शोक मनाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर कड़ी चिंता और नाराज़गी का इज़हार किया।
मौलाना जवाद ने भारत सरकार द्वारा आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत के बाद शोक संदेश जारी न करने की भी निंदा की और इसे अमेरिकी दबाव में उठाया गया कदम बताया। अपने पत्र में उन्होंने कहा कि 28 मार्च 2026 को अमेरिका और इज़राइल ने उस समय ईरान पर हमला किया जब ओमान में वार्ता जारी थी, और इस हमले में आयतुल्लाह सैय्यद अली ख़ामेनई अपने परिवार के कुछ सदस्यों के साथ शहीद हो गए, जिनमें उनकी एक छोटी नातिन भी शामिल थी।
उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि इस गंभीर घटना पर भारत सरकार की ओर से न तो कोई निंदा की गई और न ही कोई शोक संदेश जारी किया गया, जबकि ईरान को भारत का एक पुराना और विश्वसनीय मित्र माना जाता है और दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हमेशा मजबूत रहे हैं।
मौलाना ने अपने पत्र में यह सवाल भी उठाया कि एक ओर ईरान पर हुई गंभीर आक्रामकता, जिसमें शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों और रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया, उस पर सरकार खामोश रही, जबकि दूसरी ओर क़तर और दुबई पर ईरान के हमलों की तुरंत निंदा की गई, जबकि इन हमलों में आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाया गया था बल्कि सैन्य ठिकानों और उन कंपनियों को लक्ष्य किया गया था जिनका संबंध अमेरिका और इज़राइल से था। पत्र में ईरान के शहर मीनाब के एक स्कूल पर हमले में 160 से अधिक मासूम छात्राओं की शहादत और तेहरान के महात्मा गांधी अस्पताल पर बमबारी का उल्लेख करते हुए कहा गया कि ऐसे अमानवीय घटनाओं पर भी सरकार की चुप्पी बेहद दुखद और निंदनीय है।
मौलाना ने कहा कि इस रवैये से न केवल भारत की विदेश नीति पर सवाल उठे हैं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि भी प्रभावित हुई है।
मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने आगे कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों, खासकर उत्तर प्रदेश और कश्मीर में आयतुल्लाह ख़ामेनई की तस्वीरें लगाने और उनकी शहादत पर शोक मनाने वाले युवाओं के खिलाफ पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल युवाओं को गिरफ़्तार किया गया, बल्कि उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए और कुछ स्थानों पर उनकी तस्वीरों का अपमान किया गया, जो अत्यंत आपत्तिजनक है।
मौलाना ने कहा कि हिंदुस्तान के कुछ स्थानों पर आयतुल्लाह ख़ामेनई की शहादत पर कार्यक्रमों की अनुमति नहीं दी गई, जिससे लोगों में भारी नाराज़गी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय मुसलमान आयतुल्लाह ख़ामेनई को एक धार्मिक नेता के रूप में देखते हैं, न कि किसी राजनीतिक नेता के रूप में, इसलिए उनकी तस्वीरों पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी शहादत से पहले भी पुलिस ने उनकी तस्वीरों के संबंध में गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया था, जिसकी वे निंदा करते हैं, और ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
पत्र में यह भी कहा गया कि भारत सरकार के नकारात्मक रवैये के बावजूद ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय जहाज़ों को अनुमति दी, जिसे उन्होंने भारतीय जनता की ईरान के प्रति सहानुभूति का परिणाम बताया।
मौलाना ने मांग की कि उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिन्होंने युवाओं को परेशान किया, गिरफ्तार किया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए, साथ ही जिन्होंने आयतुल्लाह ख़ामेनई की तस्वीरों का अपमान किया।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो यह संदेश जाएगा कि भारत सरकार ईरान के साथ दोस्ताना संबंध बनाए रखने में गंभीर नहीं है।
पत्र में यह भी कहा गया कि भारत को अमेरिका और इज़राइल के साथ रक्षा समझौतों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, क्योंकि यदि ये देश स्वयं अपनी रक्षा में पूरी तरह सफल नहीं हो पाए हैं तो उनके रक्षा तंत्र पर आंख बंद करके भरोसा करना समझदारी नहीं होगी।
🚨 Shoes, Bullets and Democracy Under the Table…
Is this the real face of the world’s so-called “superpower”?
There was a time when a shoe was thrown in Baghdad—
and the world saw that even power can bend…
Today, the times have changed—
gunshots echoed in Washington—
and that same power was seen hiding under a table.
👉 The question is not just about an incident…
👉 The real question is about that “power” which intimidates others…
but cannot free itself from fear.
This is not just news—it’s a mirror.
Reflecting the true face of the world’s most powerful nation.
💥 What do you think?
Is this really a “superpower” or just an illusion?
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