ट्रेन में दाढ़ी-टोपी पहने मुस्लिम यात्री ने आरोप लगाया कि पत्नी के ऑपरेशन और अपनी कमर की तकलीफ़ बताने के बावजूद उसकी मजबूरी का मज़ाक उड़ाया गया और उससे बदसलूकी की गई। सवाल यह है कि क्या अब बीमार और लाचार यात्री के साथ भी इंसानियत नहीं बची?
मुसलमानों के साथ ये बात आम हो चुकी है, पहले बड़े-बड़े आरोप लगाकर गिरफ्तार करते हैं, मीडिया उन्हें तभी दोषी बता चूका होता है, फिर सालों तक जेल में सड़ाते हैं, फिर एक दिन न्यायलय उन्हें बरी कर देता है, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलते, फिर मीडिया इस ख़बर को दबा देता है, जैसे कुछ हुआ ही नहीं.
मध्यप्रदेश के खरगोन में 2022 के रामनौमी जुलूस के दौरान हुई हिंसा में एकतरफ़ा नुकसान भी मुसलमानों के हुए, बुलडोज़र भी एकतरफा चले, गिरफ्तारी भी मुसलमानों कि हुई, और अब वे गिरफ्तार आरोपी सबूत ना मिलने पर बरी कर दिए गए हैं।
अब बताइए कौन लौटाएगा इनके वो दिन? कौन इनकी इज़्ज़त के दाग़ मिटाएगा?
दो ही ऑप्शन हो सकते हैं 👇
1. गृह मंत्री ने छात्रों को मारने का ऑर्डर दिया
2. गृह मंत्री को मालूम नहीं था कि छात्रों पर फायरिंग होगी
पहले केस में गृह मंत्री 'दोषी' हैं, दूसरे केस में वो 'अयोग्य' हैं।
अगर गृह मंत्री ने कुछ नहीं किया, तो वे संसद में क्यों नहीं आ रहे हैं?
: नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi
THANK YOU JUNAID ❤️
Dipke didn't. Sourav didn't. Ranka didn't. Wangchuk didn't. Gitanjali didn't.
No one thanked Junaid.
The same Junaid who was feeding thousands at Jantar Mantar every single day selflessly.
Nobody condemned his family being harassed in UP.
He wasn't even invited on the stage.
Why? Because he is a MUSLIM!
Thank you Junaid bhai, the youth of this country salutes you 🙏🫡
📍 दिल्ली
एक आज़ादी ऐसी भी है…
जहाँ संविधान की हिफ़ाज़त की क़सम खाने वाली पुलिस, मुसलमानों से राष्ट्रगान और ‘वंदे मातरम’ लाठी और बंदूक के दम पर बुलवाती है।
ये वीडियो 2020 के मुस्लिम विरोधी दिल्ली दंगों का है।
लखनऊ में जौहर यूनिवर्सिटी और सोनम वांगचुक के लिए प्रदर्शन कर रहे सपा यूथ ब्रिगेड के कार्यकर्ताओं को पुलिस टांग कर ले जा रही है, ये ब्रिटिश शासन नहीं भाजपा शासन है!
गडकरी जी, आपने देश को पैदल कर दिया. न गाड़ियाँ चलने लायक छोड़ी हैं न सड़कें. गाड़ियाँ कभी भी ख़राब हो जा रही हैं तो सड़कें कहीं भी टूट रही हैं.
@nitin_gadkari
वाराणसी : यह तर्क शायद किसी भी समझदार इंसान के गले नहीं उतरेगा कि भारतीय रेलवे, जिसका अपना इतिहास 200 साल से भी कम (लगभग 170 साल) पुराना है, उसकी जमीन पर 800 साल पुरानी एक ऐतिहासिक मस्जिद ने 'कब्जा' कर लिया! यह सीधा-सीधा इतिहास और क्रोनोलॉजी (कालक्रम) का मजाक है।
“आप मुझे पाकिस्तानी कैसे कह सकते हैं? मेरे दादाजी इंडियन आर्मी में सूबेदार थे”
हैदराबाद की एक सोसाइटी में मुसलमान लड़के को जब पाकिस्तान कहा गया तो वह लड़का डरा नहीं बल्कि डट करके जवाब दिया।
📍 बैरागीवाला, देहरादून | उत्तराखंड
हिंदू रक्षा दल का प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा वायरल वीडियो में मुस्लिम महिलाओं के गर्भ चीरकर अजन्मे बच्चों को मारने जैसी खौफनाक धमकी देता और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करता सुनाई दे रहा है।
क्या @NCWIndia, उत्तराखंड सरकार और @uttarakhandcops इस खुलेआम नफरत फैलाने वाले बयान पर कार्रवाई करेंगे, या फिर कानून सिर्फ उर्दू नाम वाले लोगों के लिए ही है?