@dingdong543211 बाबा के नाम पर ही आप भी फेमस हो रही है, संपत्ति का झगड़ा आज आया है, आप की बात नास्तिक है। हिन्दू ही ज्यादा बहस करते है। कैची धाम जाने का उद्देश्य क्या था।
🔥 BHU में जातिवाद का खुलासा!
प्रोफेसर शोभना नार्लीकर (BHU) ने खुलकर बता दिया -
BHU में जाति पूछकर नंबर दिए जाते हैं... जाति देखकर PhD में एडमिशन दिए जाते हैं... नौकरी भी जाति के आधार पर दी जाती है!
ये कोई आम आरोप नहीं, BHU जैसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर का बयान है।
शोभना जी के अनुसार -
ये है असली चेहरा "हिंदू विश्वविद्यालय" का!
जहाँ मेरिट नहीं, मनुवादी जातिवाद चलता है।
ब्राह्मण संस्कृति में पिछड़े, दलित, ओबीसी को कुचलने की साजिश रची जाती है। PhD, जॉब, नंबर - सब जाति के चश्मे से देखा जाता है।
कितने और सबूत चाहिए बहुजन समाज को?
जब संस्थान खुद जहर उगल रहे हैं तो संविधान बचाओ, मनुवाद हटाओ का नारा और तेज करना होगा।
धन्यवाद प्रोफेसर शोभना नार्लीकर जी सच्चाई बोलने के लिए।
#BanarasHinduUniversity #BHU #ShobhnaNarlikar #Jatiwad #Manuvad #Bahujan #Ambedkarite #CasteCensus #BrahminismExposed
@dromsudhaa ये फैसला अपने विवेक से दिया गया है या किसी और की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ,माननीय सुप्रीम कोर्ट को ऐसे फैसले के लिए इनको पुरस्कार देना चाहिए जिससे न्यायालय के गरिमा बनी रहे।
मैं इन पोंगा पंडितों से पूछना चाहता हूं अगर हम सब हिंदू हैं तो शंकराचार्य केवल ब्राह्मण ही क्यों बन सकता है...
शंकराचार्य बनने के लिए ब्राह्मण कुल में जन्म लेना अनिवार्य क्यों है ??
शंकराचार्य क्या एक जाति के लोग ही बनेंगे ??
अगर हम पिछड़े दलित हिंदू हैं तो हम पिछड़े दलित शंकराचार्य क्यों नहीं बन सकते ??
क्षत्रिय वैश्य और शूद्र शंकराचार्य क्यों नहीं बन सकते केवल ब्राह्मण ही क्यों बन सकते हैं ??
जो लोग जाति को कर्म और इंसानियत से बड़ा मानते हैं उनको मैं पोंगा पंडित कहता हूं...
संघ लोक सेवा आयोग अर्थात UPSC के परिणाम हाल ही में घोषित हुए हैं। एक अखबार ने नमूने के तौर पर अनुसूचित जनजाति (ST) और सामान्य वर्ग (General) के कुछ प्रतियोगियों को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में मिले अंकों की सूची छापी है।
इन दोनों सूचियों को गौर से देखिए। एसटी के प्रतियोगियों को लिखित परीक्षा में औसतन 726 अंक मिले हैं। इंटरव्यू में इन्हें औसतन 142 अंक दिए गए हैं। दूसरी ओर जनरल केटेगरी के प्रतियोगियों को लिखित परीक्षा में औसतन 705 अंक मिले हैं और इंटरव्यू में इन्हें औसतन 204 अंक दिए गए हैं।
और ठीक से समझने के लिए शुरु के दो प्रतियोगियों के अंकों का विश्लेषण कीजिए। एसटी वर्ग के विजय कुमार मीणा को लिखित परीक्षा में 766 और इंटरव्यू में 112 अंक मिले हैं। इनका टोटल हुआ 878 । जनरल केटेगरी के नाजुक कुमार शर्मा को लिखित में 732 और इंटरव्यू में 209 अंक मिले हैं। इनका टोटल हुआ 941 । यदि इंटरव्यू लेने वालों ने विजय कुमार मीणा के साथ बेइमानी न की होती और उनकी प्रतिभा के अनुसार अंक दिए होते तो उन्हें इंटरव्यू में कम से कम 220 अंक मिलते। यदि ज्यादा नहीं नाजुक कुमार शर्मा के बराबर 209 अंक भी दे दिए होते तो विजय कुमार मीणा का टोटल 975 हो जाता और ये मेरिट में नाजुक कुमार शर्मा से ऊपर पहुंच जाते।
ये बेइमानी आखि़र कौन करता है? यह तो मुझे नही मालूम। लेकिन इतना मालूम है कि SC, ST, OBC के साथ हर सरकारी भर्ती में यह बेइमानी की जाती है।
और हां, यह बेइमानी धर्म देखकर नहीं जाति देखकर की जाती है।