सेवा और समर्पण के बाद भी एक डाकिया की मांग को नहीं सुना जा रहा।
एक डाकिया इतनी सेवा केवल 4 से 5 घंटे की समयावधि में नहीं कर सकता।लेकिन न तो विभाग सुनने को तैयार है और न ही सरकार।
मोदी जी डाकिया भी देश में,सरकार में परिवर्तन ला सकता है।
@TheLallantop@saurabhtop#8hours4GDS
माननीय @AmitShah जी,
आपने हाल ही में अंग्रेजों की गुलामी के प्रतीक सभी पुराने कानूनों और नियमों को बदलने की बात की।
जो कि एक क्रांतिकारी प्रयास है।
आपसे अनुरोध है कि डाक विभाग के #गुलाम_डाक_सेवक भी आज तक भी गुलामी के प्रतीक हैं।
आजाद यह देश हो गया परन्तु #गुलाम_डाक_सेवक आज भी वैसे का वैसा है। इसे दशकों से चले आ रहे अंग्रेजी कानून से स्वतंत्र करवाइए अमित जी।
#MeriMaatiMeraDeshMmd