नासिर-जुनैद को ज़िंदा जलाकर मारने वाले आरोपी के साथ ख़ुशगवार माहौल में फोटो खिंचवाने वाले फरीदाबाद पुलिस के ज्वाइंट कमिश्नर राजेश दुग्गल साहब से पूछना है कि आप इस तरह से पुलिस का इक़बाल बुलंद कर रहे हैं ?
मुख्यमंत्री @NayabSainiBJP जी क्या एैसे चलेगी प्रदेश की क़ानून व्यवस्था ?
@FBDPolice@police_haryana
Phunsukh Wangdu ने धारा 370 खत्म होने पर डिस्को डांस किया. मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए.
Phunsukh Wangdu ने CAA और NRC के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में एक शब्द नही बोला.
Phunsukh Wangdu ने दलित आदिवासी समाज पर होने वाले अत्याचार पर कभी मुंह नही खोला.
Phunsukh Wangdu ने भीमा कोरेगांव मामले में जेल में बंद सामाजिक कार्यकर्ताओं के बारे एक शब्द नही बोला.
Phunsukh Wangdu ने हमेशा प्रधानमंत्री मोदी जी का गुणगान किया. ये आदमी अचानक 2025 में लद्दाख आंदोलन के बाद बदल जाता है.
Phunsukh Wangdu तीसरा गांधी बनना चाहता है. 2011 में महाराष्ट्र से आया एक बुड्डा गांधी बनकर हमलोग को बनाकर कर चला गया. अब ये हम लोगों को बनाने के लिए तीसरा गांधी बन रहा है.
@AnupamPKher घटिया आदमी बेज्जती से नहीं डरता
नफ़रती चिंटू ईश्वर से नहीं डरता
दो कौड़ी का आदमी बिकने से नहीं डरता
बिका हुआ आदमी, नंगे होने से नहीं डरता
दलाल चाटुकार बेशर्मी से नहीं डरता
@mishra_keshri@parvezahmadj हिस्ट्री उठा कर देख लीजिए, स्लीपर सेल होते हुए भी पुराने सपाई हैं लेकिन मजबूरी भी कोई चीज़ होती है। कल को हालात बदलेंगे तो घर वापसी कर लेंगे।
बेशर्म-ढीठ आदमी... बेइज्जती से नहीं डरता! आपकी कायरता दुनिया देख चुकी है..जब 2014 से पहले सभी मुद्दों पर आप बोलते थे और अब अव्वल दर्जे के छुट भैय्या propagandist बन चुके हैं आप. यही आपकी विरासत है अनुपम जी....
“अनुपम खेर आजकल बहुत बोल रहे हैं
उन्हें ज़्यादा गंभीरता से लेने की ज़रूरत नहीं है,
वो तो जोकर हैं !
उनके NSD और FTII के समकालीन लोग उनकी चापलूस प्रवृति के बारे में बता देंगे !
चापलूसी उनके खून में है !”
नसीरुद्दीन शाह जी ने पोल खोल दी 🔥🤣🥴😂
@meevkt पुलिस सरकार का दर्पण होती है। जैसी सरकार वैसी पुलिस। सरकार दमनकारी तो पुलिस दमन करेगी। सरकार "ठोको" नीति पर तो पुलिस ठोकेगी। सरकार सांप्रदायिक तो पुलिस धर्म देखेगी। सरकार जातिवादी तो पुलिस जातिवादी। सरकार भ्रष्ट तो पुलिस भ्रष्ट। सरकार मानवाधिकार समर्थक तो पुलिस मानवाधिकार रक्षक।
@parvezahmadj क्यों ? क्या आपके घर के पास सिर्फ झोलाछाप ही बैठते हैं ! ऐसा है तो मकान बदलिए और अगर मकान का मोह नहीं छूट रहा तो डॉ तो बदला ही जा सकता है।
वैसे विपक्ष वाले जितने चूतड़ पटक लें, ये मंदीर लूट से बीजेपी के वोटर पे घण्टा फर्क नही पड़ना not even 0.1%
इतने साल मे ये तो समझ ही जाना चाहिए की बीजेपी का वोट किसी धर्म, विकास, मंदीर, अर्थव्यवस्था आदि पे कभी था ही नही..
इनका वोटर एक सामाजिक नफरत का परिणाम है बस... 1/2
@meevkt क्राइम रिपोर्टर होकर भी GD और FIR के अंतर को आप समझते नहीं हैं या फिर समझना नहीं चाहते ! FIR की जगह GD में मामला दर्ज करने का सीधा मतलब है कि लीपापोती शुरू हो गई है। मगरमच्छ तो वैसे भी बच गए हैं, अब जो छोटी मछलियों को पकड़ने का दिखावा किया जा रहा था उसकी भी हवा निकाल गई है।
गाय पर चलती बहस और योगी के बयान पर हमारे छात्र जीवन में प्रचलित एक चुटकुला याद आया।
एक टीचर ने कॉपी जाँच करने के लिए खोली तो छात्र ने लिखा था-
गाय हमारी माता है, हमको कुछ नहीं आता है।
शिक्षक ने जीरो दिया और लिखा
बैल तुम्हारा बाप है, नम्बर देना पाप है 🙂