कलकत्ता के एक कुम्हार ने मूर्ति का पूरा गांव बसा दिया, केवल सांसे देना भूल गया. इतना अच्छा विडियो मैंने पहले कभी नहीं देखा.
विडियो सौजन्य: मनोज कुमार गुप्ता
@jayantjigyasu अपनी बात शालीनता से भी कही जा सकती है और पुरजोर तरीके से कहीं जा सकती है !
@jayantjigyasu जैसे ज़हीन लोगों के वजह से डिबेट मर्यादित लगता है । शुभकामनाएँ 💐
@news24tvchannel@SatkSingh@manakgupta हर्ष वर्धन जी को अब वरिष्ट पत्रकार कहना तो बंद कीजिए । संघ विचारक , भाजपा समर्थक लिखने से चैनल की गरिमा बनी रहेगी
@gharelupath@Ayurvedictips_ नाभि के रूई पर कई रिसर्च हो चुकाई , साहब पढ़ेंगे तब तो ! मनगढ़ंत कहानी बना कर अंधविश्वास फैलाने में इन गुरुओं का कम हाथ नहीं है !
UNO REVERSE !!!
Everything that this man says in the video which sounds so uncomfortable is asked so comfortably by women these days during groom hunting.
Watch till the end .....
@DrRakeshPathak7@TheNewspinch - तू भी बिक गए क्या बे ? अभी तो करियर शुरू किए थे - थोड़ा और वैल्यू बढ़ा लेते । फिर करोड़ों में बोली लगती ।
खैर ।हम आम लोग सबसे उम्मीद क्यों लगा लेते हैं .
देश का हर दूसरा व्यक्ति OBC है लेकिन यहाँ संसद में कितने OBC हैं,
सचिवालय, विश्वविद्यालय में कितने OBC हैं,
सामाजिक न्याय के योद्धा @sanjuydv को नहीं सुना तो क्या सुना,
मेरे बेटे / कविता कादंबरी
मेरे बेटे
कभी इतने ऊँचे मत होना
कि कंधे पर सिर रखकर कोई रोना चाहे तो
उसे लगानी पड़े सीढ़ियाँ
न कभी इतने बुद्धिजीवी
कि मेहनतकशों के रंग से अलग हो जाए तुम्हारा रंग
इतने इज़्ज़तदार भी न होना
कि मुँह के बल गिरो तो आँखें चुराकर उठो
न इतने तमीज़दार ही
कि बड़े लोगों की नाफ़रमानी न कर सको कभी
इतने सभ्य भी मत होना
कि छत पर प्रेम करते कबूतरों का जोड़ा तुम्हें अश्लील लगने लगे
और कंकड़ मारकर उड़ा दो उन्हें बच्चों के सामने से
न इतने सुथरे ही होना
कि मेहनत से कमाए गए कॉलर का मैल छुपाते फिरो महफ़िल में
इतने धार्मिक मत होना
कि ईश्वर को बचाने के लिए इंसान पर उठ जाए तुम्हारा हाथ
न कभी इतने देशभक्त
कि किसी घायल को उठाने को झंडा ज़मीन पर न रख सको
कभी इतने स्थायी मत होना
कि कोई लड़खड़ाए तो अनजाने ही फूट पड़े हँसी
और न कभी इतने भरे-पूरे
कि किसी का प्रेम में बिलखना
और भूख से मर जाना लगने लगे गल्प।
उन्नाव की बहादुर लड़की अपने ऊपर हुई दरिंदगी के खिलाफ भाजपा विधायक रहे बलात्कारी कुलदीप सेंगर को सजा दिलाने के लिए लड़ रही है. सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना लड़की के साथ हैं. पूरे समाज को साथ होना चाहिए! इतने जुल्म के बाद भी न्याय क्यों नहीं?
(चित्र सौजन्य-सोशल मीडिया)