@MapmyIndia the app is not taking up exact locations on the map. Driving on service lane but still showing car on main road. Please work to improve this. 👍
@SelflessCricket What about the refunery they plan to build themselves. It will take a few years. In that time period a different india needs to be on world stage.
🚨Gujarat govt announces ₹1,000 Cr subsidy for rooftop solar installations.
To install a solar system in Gujarat:
>SC/ST: Pay 5% of the cost.
>General category: 10% of the cost.
Three Jhatka Mutton shops side by side!
And all are crowded since morning.
Bengali Hindu community is in total celebration mode.
Subho Bijoya to all.
The 'Meat won't be allowed if BJP comes to power' gang can now cry even more and louder.
Ours Jhatka Shops got awesome response from Hs in this puja. In each shop there were 60-70 persons in queue and each ours khatik bros earned minm 40k+ a day.
Happy Vijay Dashmi to all Hindus.
जय मां दुर्गे
Oh God!! This is truly a #shocker! 🚨
Maharashtra CM Devendra Fadnavis’s wife was openly promoting and normalising Muslim entry into Garba pandals.
So many right wing handles rightly called her out for it.
And now her CM husband has got FIRs filed against people simply for criticising his wife.
What the actual hell?
So BJP wives can make public statements pushing open entry of Muslims into a Hindu festival but Hindus are not even allowed to push back in BJP rule?
✅ Conclusion : for BJP entry of Muslim men in Durga Puja pandals is more important than life of Hindu daughters
Let that sink in..
I had deleted my tweet on @iamyusufpathan land sale by @BJP4Gujarat Vadodara waiting for solid evidence. Here it is directly from Horse's mouth. 500sqmt land free. 478 sqmt at 45% discount on current market rate. Why? What's the logic of this melting of heart? What will he offer? Many Gujarati Muslims have healthy respect for BJP. He brings nothing to table except ridicule & self hurt Request @NitinNabin to look into this matter.
यह वीडियो भयंकर वायरल होना चाहिए। इसे डाउनलोड करके सबको भेजना चाहिए...
इस वीडियो में भारत-बांग्लादेश के पुराने जटिल बॉर्डर और 2015 के लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट की सरल व्याख्या की गई है।
https://t.co/LwQU1UhkNP
वीडियो में तेलंगाना के BJP सांसद कोंडा विशेश्वर रेड्डी मैप दिखाकर समझा रहे हैं कि 2015 से पहले भारत और बांग्लादेश की सीमा दुनिया की सबसे जटिल सीमाओं में से एक थी।
मुख्य बातें सरल भाषा में।
एक देश के छोटे-छोटे टुकड़े (जमीन के टुकड़े) दूसरे देश के अंदर फंसे हुए थे। भारत के अंदर बांग्लादेश के टुकड़े थे और बांग्लादेश के अंदर भारत के टुकड़े थे।
https://t.co/JUmtAQuzg0
और भी जटिल स्थिति।
सिर्फ साधारण enclaves नहीं थे। कुछ जगहों पर 2nd order enclaves थे (जैसे बांग्लादेश के अंदर भारत का टुकड़ा, और उसके अंदर फिर बांग्लादेश का छोटा टुकड़ा)।
और दुनिया का इकलौता 3rd order enclave भी था। एक के अंदर दूसरे का, उसके अंदर तीसरे का (रूसी डॉल जैसी स्थिति)। वीडियो में मैप पर ये टुकड़े दिखाए गए हैं।
https://t.co/nbMrAnJjvI
समस्या क्यों थी?
इन टुकड़ों में रहने वाले लोगों को नागरिकता, पहचान पत्र, स्कूल, अस्पताल और प्रशासनिक सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं। वे दशकों तक असमंजस में रहे। 2010 की जनगणना के अनुसार इन enclaves में करीब 50,000 से ज्यादा लोग रहते थे।
कैसे हल हुआ?
1974 में ही भारत और बांग्लादेश के बीच लैंड बाउंड्री एग्रीमेंट (LBA) हुआ था, लेकिन भारत में इसे लागू करने के लिए संविधान संशोधन की जरूरत थी।
2015 में मोदी सरकार के समय भारतीय संसद ने 100वें संविधान संशोधन (28 मई 2015) को पास किया। इससे समझौता लागू हुआ।
https://t.co/Thxz1nvY4e
क्या हुआ एक्सचेंज में?
भारत ने 111 अपने enclaves बांग्लादेश को दिए।
बांग्लादेश ने 51 अपने enclaves भारत को दिए।
कुल 162 enclaves का आदान-प्रदान हुआ।
वहां रहने वाले लोगों को चुनने का अधिकार मिला कि वे किस देश की नागरिकता लें और कहां रहना चाहते हैं।
31 जुलाई 2015 की आधी रात को ये एक्सचेंज हुआ और सीमा साफ हो गई।
https://t.co/JUmtAQuzg0
वीडियो के आखिरी हिस्से में स्पीकर इसे वर्तमान राजनीति से जोड़ते हैं। स्क्रीन पर “Regime change”, “India not yielding”, “I want to remove Modi”, “Without winning Elections – Bangladesh Style” जैसे शब्द दिखते हैं। वे पुराने enclaves की समस्या को अवैध घुसपैठ और मौजूदा चुनावी रोल (SIR) से जुड़े मुद्दों से जोड़कर कोई राजनीतिक तर्क दे रहे हैं।
संक्षेप में:-
वीडियो मुख्य रूप से बताता है कि भारत-बांग्लादेश सीमा कितनी उलझी हुई थी और 2015 के 100वें संशोधन से उसे कैसे साफ और सुलझाया गया और अभी जो बांग्लादेश की तर्ज पर रिजीम चेंज की बात चल रही है उसके पीछे कौन से कारण व शक्तियाँ हैं।
कुछ मित्रों ने हमें टैग किया, और कइयों ने हमें प्रश्न किया के आप क्यों नहीं हैं? कइयों ने कहा के ये अजीत के साथ दिखना नहीं चाहते इसलिए अलग हो गए , कई बोले भटके हुए युवा से भारद्वाज बंधू ही भटक गए |
तो मेरा उनको यही उत्तर है के भटके हुए युवा बंद हमारे कारण हुआ था (कारण के बारे में आगे बात करते हैं ) और अब हमारे बिना शुरू होना एक सराहनीय कदम है |
कुछ लोगों ने स्वयं से आंकलन लगाया के हम अजीत भाई के साथ दिखना नहीं चाहते इसलिए भटके हुए युवा बंद कर दिया , परन्तु यह आंकलन बिलकुल गलत है| यदि रिजर्वेशन के मुद्दे की ही बात करो तो इस विषय पर तीन भटके हुए युवा हम पहले ही कर चुके थे और यदि आप हमारे ग्रुप को देखोगे तो इस मुद्दे को मैंने (गर्वित) ने ही तीन में से दो बार सुझाया था|
फिर यदि उन पोडकास्टस की बात करो जिनमे हमने रिजर्वेशन की बात करि थी तो उनमे हमारे पॉइंट्स ऐसे थे जिनकी क्लिप्स अजीत भाई ने खुद अपने हैंडल पर डाली हैं क्यूंकि वो बातें पूरे आंदोलन को बल प्रदान करती थी |
रिजर्वेशन के मुद्दे पर अनेक ट्वीट्स भी किये गए हैं हमारे द्वारा जिसने इस पूरे मुद्दे को बल ही प्रदान किया है | अपने दुसरे चैनल्स पर भी इस मुद्दे पर वीडियोस बनाई हैं जिनसे भी इस मुद्दे को बल ही मिला होगा |
और यदि हमें भटके हुए युवा पर रिजर्वेशन के ऊपर बात ना करनी होती तो हम दोनों मित्रों को बोल सकते थे के हमें इस विषय पर बात नहीं करनी तीन पॉडकास्ट हो चुके हैं अब दुसरे विषयों पर ही बात करेंगे , वैसे भी भटके हुए युवा पर विषय हर एपिसोड में बदलते रहते थे , ugc के समय भी यही हुआ था और रिजर्वेशन के मुद्दे पर भी यह हो सकता था| तो उसे बंद करने की कोई आवश्यकता नहीं थी| और जब रिजर्वेशन के मुद्दे पर फिरसे भटके हुए युवा करना होता तो फिरसे किया जा सकता था जैसे ugc के समय हुआ |
परन्तु स्वयं से ये आंकलन लगा लेना के हम अजीत के साथ दिखना नहीं चाहते तो वो बिलकुल गलत है | अब इस विषय के ऊपर कुछ बिंदुएं रखना चाहता हूँ |
1.
यदि आप हमारे पॉडकास्ट चैनल को देखें तो वहां पर भटके हुए युवा और बिंदास बकैती दो अलग अलग शो आया करते थे | बिंदास बकैती करण वर्मा के साथ किया जाता था और भटके हुए युवा अजीत एवं अंकुर के साथ | चलो आपकी बात बड़ी रखते हुए हम मान लेते हैं के हम अजीत के साथ दिखना नहीं चाहते थे , तो करण के साथ दिखने में क्या समस्या थी? बिंदास बकैती क्यों नहीं आ रहा? पूरे पॉडकास्ट चैनल पर आपको लास्ट पॉडकास्ट शहज़ाद पूनावाला के साथ दिखेगा वो भी रात 12 बजे शूट किया गया था और आज से एक महीने पहले शूट किया था | और उस पॉडकास्ट से एक महीने पहले और एक महीने बाद कुछ नहीं दिखेगा आपको |
2.
हम इस समय एक डाक्यूमेंट्री पर काम कर रहे हैं , और पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से रिसर्च और लेखन का कार्य चल रहा है| जब स्वस्तिक बनाई थी तब तीन चार महीने रिसर्च और लेखन में लगे थे | इस बार स्वस्तिक से बड़ा टॉपिक है उस से लम्बी डाक्यूमेंट्री है कदाचित दो एपिसोड में उसे रिलीज़ किया जाए | तो इस कार्य को करने में समय चाहिए था | और यह बात हमने अपने ग्रुप (जिसमे अजीत और अंकुर दोनों हैं) उसमे भी बताई थी | और उस ग्रुप में यह भी लिखा गया है के डाक्यूमेंट्री बना रहे हैं पूरी होने पर आपकी मदद चाहिए होगी| तो हम एक ओर अजीत के साथ दिखना नहीं चाह रहे और दूसरी ओर से अजीत और अंकुर दोनों को कह रहे हैं के डाक्यूमेंट्री में आपकी मदद लगेगी | ये कैसे संभव है?
4 वर्ष पहले हमने अपने दर्शकों को कुछ डाक्यूमेंट्री बनाने के लिए वादा किया था और समय के आभाव में हम वो कर नहीं पा रहे थे | इसलिए समय निकाल के उसे पूरा किया जा रहा है | न अजीत से कुछ समस्या है , ना भटके हुए युवा से, और ना ही यूरेशियाई अंकुर से , और ना ही करण वर्मा से |
साथ ही अजीत और अंकुर को एक नए चैनल के बारे में भी बताया गया था, जिसके ऊपर भी काम चल रहा है, उसके लिए प्लानिंग में कई सारी मीटिंग्स हो चुकी हैं और वो कदाचित कुछ बड़ा करने की मंशा है | और ऐसा नहीं है के उस चैनल पर अचानक से ही योजना बनने लगी, यदि आप अजीत और अंकुर से ही पूछें तो यह योजना हम इन दोनों को कई बार पहले भी बता चुके थे | अब मौका सही था क्यूंकि अगले वर्ष का प्रारम्भ कई बड़े राज्यों के चुनावों से होगा तो हमने इस वर्ष का अंत कुछ प्लानिंग और ब्रेनस्टॉर्मिंग से करना चुना |
पहले हमने अजीत और अंकुर को बताया था के नवम्बर के अंत तक हम कदाचित अपना कार्य पूरा कर लें और उसके उपरान्त हम भटके हुए युवा प्रारम्भ कर सकते हैं | फिर अजीत भाई ने पूछा के क्या हम निश्चित ही नवम्बर के बाद भटके हुए युवा को प्रारम्भ कर पाएंगे या नहीं? उन्होंने कहा के मुझे कुछ काम शुरू करना है यदि आपका काम नवंबर तक हो जाएगा तो मैं अपना काम नहीं उठाता नहीं तो मैं भी अपने काम की प्लानिंग करता हूँ |
उन्होंने हमसे surety मांगी, और हम जिस कार्य में थे तो हम surety देने की स्थिति में नहीं थे तो हमने आपस में मंतव्य करके ग्रुप में लिखा के UP इलेक्शन के बाद प्रारम्भ करते हैं तब तक आप जो करना चाहें कर लें | उन्होंने ठीक है लिखा |
बस इतनी सी ही है कहानी, जिसके अनेक अर्थ निकाले जा चुके हैं | उन सभी अर्थों (अनर्थों ) से दूर इस सच्चाई पर विश्वास करें और मैं अपने दोनों मित्रों (अजीत और अंकुर ) से इसकी पुष्टि करने का निवेदन करूँगा | बाकी जिसे को सोचना है वो स्वतंत्र है अपनी राय बनाने के लिए | धन्यवाद
@AchAnkurArya@ajeetbharti
Can anyone educate me on the delivery timelines of @Ferns_N_Petals coz I have had a day with these people requesting to deliver the cake… apparently there is nothing that they can do.. not even letting me cancel the order.. so I am stuck with the timeline of 9pm!!