राजस्थान के साथ ���गी पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय सीमा के जिलों में आजादी के बाद से ही माहौल हमेशा सौहार्दपूर्ण रहा है। देशभर में चाहे कैसा भी सांप्रदायिक माहौल रहा हो पर संभवतः यहां कभी आपसी तनाव भी पैदा नहीं हुआ।
यहां हिन्दू और मुस्लिम धर्मस्थल एक ही श्रेणी में हैं और दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे के धार्मिक स्थलों का पूरा सम्मान करते हैं। चाहे 1965 हो या 1971 का युद्ध हो, यहां के सभी धर्मों के लोगों ने पाकिस्तान को धूल चटाने में सेना और सरकार का पूरा सहयोग दिया।
ऐसी जगह पर केन्द्र सरकार के इशारे पर केवल तनाव पैदा करने व ध्रुवीकरण करने के लिए मस्जिदों, मदरसों पर चुन-चुनकर कार्रवाई करना उचित नहीं है। इनमें से कई धार्मिक स्थल आजादी से भी पहले के बने हुए हैं। स्थानीय ह��न्दू समुदाय भी इस कार्रवाई के खिलाफ है और कई जगहों पर इस कार्रवाई का विरोध भी किया है। एक धर्म को लक्षित कर की जा रहीं ऐसी कार्रवाई निंदनीय है। केन्द्र व राज्य सरकार को अनावश्यक तौर पर विवाद नहीं पैदा करना चाहिए।
राजस्थान के वो ज़िले जिनकी सीमा पड़ोस के देशों से मिलती है (जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर) में पिछले कुछ दिनों से केंद्र सरकार के इशारे पर चुन चुन कर मस्जिद मदरसों और दरगाहों को तोड़ने की कार्यवाही पूरी तरह से संविधान विरोधी और अपने ही देश के नागरिकों के मौलिक अधिकारों को छीनने वाली है।
इन इलाक़ों में हिंदू मुसलमान न सिर्फ भाईचारे से रहते हैं बल्कि 1965 हो या 1971 का युद्ध हो, यहां के सभी धर्मों के लोगों ने पाकिस्तान को धूल चटाने में भारतीय सेना का बढ़ चढ़ कर साथ दिया है।
ये वो शांत इलाक़े हैं जहॉं अब सरकार की नफ़रत वाली नज़र पडी है, कुछ दिनों पहले गृह मंत्री अमित शाह जी का दौरा और अब उसके बाद सुबह नोटिस और कुछ घंटों में मस्जिदों को ज़मीदोज़ करने की कार्यवाही साफ़ बताती है मुसलमानों के प्रति सरकार की मंशा क्या ह�� ?
आज़ादी के पहले से भी बने कई धर्मस्थलों को तोड़ने का स्थानीय हिन्दू समुदाय भी विरोध कर रहे हैं।
सरकारों को अपने नागरिकों के मौलिक अधिकारों को छीनने का कोई हक़ नहीं है।
प्रधानमंत्री @narendramodi जी और गृह मंत्री @AmitShah जी से अनुरोध है कि राजस्थान के जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर जैसे ज़िलों में हो रही इस एकतरफ़ा और मुसलमानों को प्रताड़ित करने वाली कार्यवाही पर रोक लगवायें।
फतेहपुर पुलिस क्या ये अराजक तत्व भारत के संविधान को नहीं मानते ?
क्या इन पर कोई क़ानून लागू नहीं होता ??
क्या पुलिस का कोई डर इन लोगों को नहीं है ??
क्या इस तरह के वायरल वीडियो आप तक नहीं पँहुचते हैं ??
क्या कहीं भी सार्वजनिक स्थल पर इस तरह का अपराध एक सामान्य घटना है ??
@fatehpurpolice@Uppolice https://t.co/G2xPdEBgqG
जलगांव जिले के मारुल गांव के हाफिज कासिम साहब के साथ हुई कथित बदसलूकी और जबरन नारे लगवाने की घटना बेहद निंदनीय और चिंताजनक है। इस मामले में पारोला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हो चुकी है, जो इस बात का प्रमाण है कि मामला बेहद गंभीर है और जांच के दायरे में है।
किसी भी नागरिक को डराने, धमकाने या उसकी इच्छा के विरुद्ध कोई नारा लगाने के लिए मजबूर करने की अनुमति नहीं है!
हमारी सरकार और पुलि��� से मांग है कि इस मामले की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच कर इन गुंडों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए सख्त सज़ा दी जाए और पीड़ित को न्याय दिलाया जाए।
@CMOMaharashtra @MahaPolice @Dev_Fadnavis
कह दिया था - चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी।
आज कमर्शियल गैस सिलेंडर ₹993 महंगा। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है।
फरवरी से अब तक: ₹1,380 की बढ़ोतरी - सिर्फ़ 3 महीनों में 81% का इज़ाफ़ा।
चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई - हर किसी की ��सोई पर बोझ बढ़ा। और इसका असर आपकी था��ी पर भी पड़ेगा।
पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीज़ल पर।
ट्रेन ���ी एक सीट पर मूर्तियां रखकर उसे मंदिर बना दिया गया। उस मंदिर के सामने आरती हो रही है। इससे किसी सहयात्री को समस्या नही है। रेलवे को समस्या नहीं है। लेकिन यहीं कोई ‘दूसरे’ सम���दाय का व्यक्ति दो रकअत नमाज़ अदा कर ले तो भावना आहत हो जाएगी? यह दोगलापन है!
विमान की सीटों पर बच्चों की फोटो और बैग-जूते रखकर पाकिस्तान पहुंचा ईरानी डेलिगेशन
◆ स्पीकर कालि��ाफ विमान के अंदर बच्चों की तस्वीरें देखकर हुए भावुक
◆ अमेरिका के सितम का सबूत लेकर इस्लामाबाद पहुंचा ईरान
#Iran | #SchoolKids | #IranUSTalk | #Pakistan
“हिंदू राष्ट्र बनाने के लिये मोदी और चुनाव आयोग SIR लाये हैं”
बंगाली मुसलमानों का दर्द सुनिये।कोलकाता के गली-कूचों में पहुँचा हमारा कैमरा बंगाल के मुसलमानों की तकलीफ़ को बयां करता है
SIR यानि लोकतांत्रिक प्रक्रिया के नाम पर मुसलमानों को सताने की नई राष्ट्रीय योजना।
असम में चुनावी माहौल के बीच पत्रकार राणा अयूब ने ये वीडियो पोस्ट किया है जिसमें उन मुस्लिम परिवारों को दिखाया गया है जिनको बेघर कर दिया गया। ये लोग बता रहे हैं कि इनके पास पुराने डॉक्यूमेंट भी हैं। अब सवाल ये है कि ऐसी तस्वीरें मीडिया में क्यों नहीं आती🤔
Israel's Parliament has passed a law to execute Palestinian prisoners.
Death by hanging. Mandatory sentencing. No pardon. 90 days to execute.
10,000 Palestinian prisoners could be executed.
You have to be a monster to raise a toast to killing people.
What’s happening to little children in Gaza is heartbreaking.
It should put humanity to shame. Children are being made to bear the burden of violence and hate that insane adults have unleashed upon them.
Meanwhile, the world has turned a blind eye.