@neha_laldas सरकार से कोई सवाल नहीं कर सकता
प्रोटेस्ट नहीं कर सकता
अपनी बात नहीं रख सकता
कोर्ट भी सरकार का अंधा समर्थक हो गई है
ऐसे में नागरिकों में अराजकता का संदेश जाता है।
जब नागरिक अपनी बात के लिए सड़कों पर निकलते हैं तभी ये सत्ताधारी थूका हुआ चाट जाते हैं।
यही है इनका चरित्र।
@narendramodi तुमसे विश्वास उठ चुका है।
UGC ACT, ST SC ACT और रिजर्वेशन तीनों सबसे घटिया निर्णय रहे।
आपके रहते राम मंदिर चंदा भी लूटा गया, आप 2 शब्द भी नहीं बोल पाए।
बातें ही बड़ी बड़ी करते हो आप।
@NCIBHQ@narendramodi@PMOIndia हां तो आप ही बताइए कि NEET पेपर लीक का जिम्मेदार कौन है?
हर कार्य का श्रेय PM लेते हैं तो उसी असफलता का श्रेय कौन लेगा, बताइए?
22 स्टूडेंट्स ने आत्महत्या की उसका जिम्मेदार कौन है?
आप क्या कोई भी डिफेंड नहीं कर पाएगा इसको।
@RShivshankar जो अपने मंत्री और विधायकों को नहीं समझा पा रहा है वो आम जनता को चुना चटा रहा है।
नौटंकी वाले दिन लद चुके हैं।
सवर्णों का जीना मुश्किल कर दिया है इसने।
@INCIndia@kharge ठीक है st sc act का सम्मान करो और जेल जाओ।
साथ में किसी गैर कांग्रेसी CM पर अपने राज्य में ST SC ACT वाला केस करो और उसे जेल भेजो बिना किसी सुनवाई के।
तभी तो सबको पता चले कि ये काला कानून क्या क्या कर सकता है।
@NijiSachiv बीजेपी कांग्रेस ने भारत के सिस्टम का बेड़ा गर्क कर दिया है।
MP में तो बीजेपी लंबे समय से है तो MP के बेड़ा गर्क का श्रेय बीजेपी को जाता है।
नाम मात्र की कार्रवाई दिखाई जाती है, असल में वो कुछ कार्रवाई नहीं करते बस दिखावा करते हैं।
जब टपकती छत और घुटने भर पानी के बीच एक असहाय वृद्ध महिला अपनी बुनियादी छत के लिए तरस रही हो, तब उसकी जाति देखना इस सड़ चुके तंत्र की पराकाष्ठा है।
अगर उपनाम 'पांडेय' है, तो क्या उसे गरीबी, भूख और बारिश से सुरक्षा पाने का अधिकार नहीं है? @narendramodi
'सामाजिक न्याय' और योजनाओं का ऐसा घिनौना वर्गीकरण बना दिया गया है जहाँ सामान्य वर्ग का दरिद्र होना ही उसकी सबसे बड़ी खता बन जाता है।
योजनाएँ कागज़ों पर चमकती रहती हैं, लेकिन ज़मीन पर ज़ात देखकर पात्रता तय करने वाली सरकार ऐसे ही गरीब नागरिकों को उनके बुनियादी अधिकार से वंचित रखती है।
#PMAwasYojana #SystemicBias #MauganjMP #MeritAndEquality
@epanchjanya दुनियां में जाकर चाहे कैसा भी ज्ञान दे रहे हैं परंतु भारत में हिंदुओं को जातिवाद में धकेलकर आपस में लड़वा रहे हैं।
दूसरी बात ये है कि हिंदुओं में सवर्णों के अलावा इनको कोई मानता नहीं और तीसरी ये की ये सवर्णों के जीवन को बर्बाद करने में लगे हुए हैं।
भाजपा दीर्घकाल से एक मेरिट विरोधी पार्टी रही है! हर स्तर पर आरक्षण का समर्थन करती रही है। प्राइवेट में आरक्षण के लिए लम्बे समय से दलील दे रही है। मुसलमानों को ओबीसी में हर जगह घुसा रखा है। न्यूनतम मार्क्स का क्राइटेरिया इन्होंने ही हटाया।
और यह जान लीजिए कि राहुल गाँधी विपक्ष में रहते हुए, भाजपा से प्राइवेट में आरक्षण 2028 में ही करवा लेगा। कास्ट सेंसस पर इनकी सहमति केवल और केवल उसी बकलोली के लिए है।
कास्ट सेंसस में कोई री-चेक नहीं है। हमने पढ़ा है कि किसी जगह जैन समाज के लोगों की जातियों के कॉलम में ‘ओबीसी’ लिखा जा रहा है। ऐसे घटिया आँकड़ों के साथ भाजपा सामान्य वर्ग की पीठ में पुनः तलवार मारेगी ही।
इनमें आज तक यह साहस नहीं हुआ है कि ये UGC पर दो शब्द ढंग से बोल सकें। ये पतितों की तरह, ‘स्टे तो लग गया न’ बोल कर काम चला रहे हैं। अबे पापियों, तुम्हारा स्टैंड क्या है इस पर, वो तो बताओ। कोर्ट में तो हम गए तब स्टे मिला, तुमने घंटा दिया?
अतः, जो भी आपको यह चूरन बाँट रहा है कि सोचो, फलाना आ जाएगा, तो उसको बोलिए कि फलाना जो सोच रहा है, वो भाजपा पहले ही कर चुकी है।