आप सभी को छठ पूजा की शुभकामानाएँ। यमुना की सफाई को लेकर झूठ बोलने वालों और झूठ का प्रचार करने वालों को छठी माता सच देखने और बोलने की शक्ति दें। दस साल में गंगा कितनी साफ हो गई होगी, उसके पानी को लेकर आपने किसी मंत्री मुख्यमंत्री को दावेदारी करते नहीं देखा होगा। गंगा के किनारे भी तो छठ की पूजा होती है। वो कहाँ साफ हो गई थी? यमुना के किनारे बने उस तालाब को राष्ट्रीय स्मारक घोषित कर दिया जाए जिसके पानी को लेकर झूठ बोला गया। सौरभ भारद्वाज ने अकेले दम पर सारे प्रोपेगैंडा का भाँडा फोड़ दिया। वर्ना नहाने का एक विज़ुअल अब तक रील में बदल गया होता। सौरभ भारद्वाज को अबकी बार रामनाथ गोयनका पुरस्कार मिलना चाहिए। दिल्ली के सारे रिपोर्टर जो काम न कर सके वो अकेले एक नेता ने करके दिखा दिया।
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Swara Bhaskar is so "pro-life" that during the Padmawati debate, she criticized women who chose death over enduring rape, humiliation, torture, being sold into slavery, further rape, and mistreatment until death.
Yet, when it comes to choosing between killing an animal and deriving milk from it, she defended the former and overwhelmingly criticized the latter.
Even this "pro-life" and "right to live" stance is selective and shamelessly biased.
अगर मोरबी और बिलक़िस बानो के बाद भी इनको बहुमत हासिल हो जाती है तो यक़ीन मान लीजिए अमूमन गुजरातियों का दिमाग़ घुटने मे है #BilkisBanoCase#MorbiBridgeTragedy
जो बेरोजगारी लाकर युवाओं के हौसले तोड़ रहे हैं
जो महंगाई से आम लोगों की कमर तोड़ रहे हैं
जो विभाजन की बातों से समाज तोड़ रहे हैं
उन्हें जोड़ने के नारे से दिक्कत तो होगी ही
डटे रहिए, बढ़ते रहिए
संघर्ष का इम्तहान अभी बाकी है
अभी तो जमीं पर चंद कदम साथ चले हैं,
आसमान अभी बाकी है