"EVM पर मुझे न कल भरोसा था, न आज है। मैं 80 की 80 सीटें जीत जाऊँ, तब भी भरोसा नहीं है।”
सपा प्रमुख @yadavakhilesh जी ने यह बात तब लोकसभा में कही थी, जब समाजवादी पार्टी उत्तर प्रदेश में बड़ी चुनावी सफलता हासिल करके आई थी। यानी सवाल हार-जीत का नहीं, चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता का था।
आज जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं, तब यह बात और अहम हो जाती है।
लोकतंत्र सिर्फ़ वोट डालने से नहीं चलता, जनता के इस भरोसे से चलता है कि उसका वोट सुरक्षित है और उसके जनादेश से कोई खेल नहीं होगा।
क्योंकि जिस दिन चुनावी प्रक्रिया से जनता का भरोसा उठ गया, उस दिन लोकतंत्र बचेगा काग़ज़ पर, जनता के मन में नहीं।
उत्तर प्रदेश में ठाकुरों का आतंक चरम पर है और यह ठाकुरवादी आतंक ठाकुरवादी मुख्यमंत्री बिष्ट ठाकुर आदित्यनाथ के जातिवादी गुंडाराज को संरक्षण देने के परिणाम स्वरुप उत्पन्न हुआ है, जो कि साढ़े 9 साल से बदस्तूर जारी है
मथुरा के वृंदावन में यमुना घाट पर निषाद समाज के नाविकों पर ठाकुर समाज के मनबढ़ गुंडे दबंग युवाओं ने धारदार हथियार से हमला कर दिया और मार मार कर गंभीर घायल कर दिया, जिनमें से दो लोगों की हालत बेहद गंभीर है
पिछड़े और दलित समाज के ऊपर यह ठाकुरवादी गुंडाराज और अत्याचार भाजपा सरकार के द्वारा स्थापित जातिवादी दबंग आपराधिक साम्राज्य का साक्षात प्रमाण है
बाढ़ में डूबा घर-बार,
भूखा, प्यासा लाचार खड़ा है बिहार!
आया है फिर से झूठे तिरस्कारी अहंकारी PM का जन्मदिन!
अपनी दुर्दशा भूल घी के दीए जलाओ अबकी बार!!
@yadavtejashwi#RJD#Bihar
"हम जातीय जनगणना की भी मांग करते हैं, आबादी के हिसाब से हक और सम्मान मिले। आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा।"
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी
ऐतिहासिक मस्जिद को गैर-संवैधानिक तरीके से ढहाए जाने का मामला अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गूंजने लगा है इस ज़ुल्म और नाइंसाफी से मुस्लिम समाज में भारी रोष है अब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इस मामले में कड़ा रुख करते हुए भाजपा सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है
समाजवादी पार्टी कार्यालय में शाक्य, सैनी, मौर्या, कुशवाहा समाज के 50 हज़ार लोगों की मौजूदगी में @yadavakhilesh का बड़ा एलान,
सरकार बनने पर चक्रवर्ती सम्राट असोक महान के जन्मदिन पर सरकारी छुट्टी की जाएगी,
साथ ही गोमती रिवर फ्रंट पर भारत लेनिन अमर शहीद बाबू जगदेव कुशवाहा जी का भव्य स्मारक बनाया जाएगा,
सहारनपुर में मस्जिद गिराने की घटना अब पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है, इसीलिए इस घटना ने राज्य के स्तर से बहुत ऊपर उठकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे देश की पंथ निरपेक्ष छवि को धूमिल किया है।
उप्र की साम्प्रदायिक भाजपा सरकार और कुछ साम्प्रदायिक अधिकारी भी इस कुकृत्य में संलिप्त हैं। हमारी मांग है कि उन सब दोषियों की जानकारी निकाली जाए और अगर सरकार को इन अपराधियों की जानकारी न हो तो हम उनके नामों का खुलासा करने में मदद करेंगे।
उप्र की भाजपा सरकार जिस प्रकार जुल्म और नाइंसाफ़ी पर उतारू है, उसकी वजह से देश की एकता और अखंडता को ठेस न पहुँचे इसीलिए हम महामहिम राष्ट्रपति महोदय को एक पत्र लिखकर ये दुर्भावनापूर्ण आपराधिक कुकृत्य उनके संज्ञान में लाएंगे और उनसे कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की अपील करेंगे। जिस तरह भाजपा राज में सांविधानिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है उससे ‘कान्सटीट्युशनल ब्रेकडाउन’ का दौर आ गया है। जिसकी रक्षा की अपील हम महामहिम राष्ट्रपति जी से करेंगे।
कोई भी दोषी अगर आज बच भी गया तो कल नहीं बचेगा।
@BhimArmyChief@myogiadityanath हम सब गरीबों और असहायों की आवाज कोई व्यक्ति उठा सकता है तो ओ भाई चन्द्रशेखर आज़ाद ही हैं
भाई चन्द्रशेखर आज़ाद जिंदाबाद जिंदाबाद जिंदाबाद
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, यह नगीना लोकसभा वाला जिला बिजनौर है। यहाँ आते ही उन्हें भी परम पूज्य बाबा साहेब न केवल याद आ जाते हैं बल्कि पूजनीय भी लगने लगते हैं, जिनके वैचारिक पूर्वजों ने उनके जीते-जी उनकी शव यात्रा निकाली थी।
योगी आदित्यनाथ जी, आप उसी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं जहाँ दलितों पर अत्याचार के सबसे ज़्यादा मामले दर्ज होते हैं और यह मैं नहीं, NCRB का डेटा कहता है। एक उपलब्धि आपकी जरूर है कि अब पीड़ितों से मिलने जाने और उनका दुख बाँटने पर भी आपने रोक लगा दी है।
आपके ही राज में हाथरस की बेटी को उसकी मृत्यु के बाद आधी रात को आपकी पुलिस द्वारा टायरों के बीच जला दिया गया और आज तक भी उसके परिवार को न्याय नहीं मिला। जो वादे आपने किए थे, वे तो उच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी आज तक पूरे नहीं हुए।
आपने उन चार मेडिकल कॉलेजों (जालौन, सहारनपुर, उन्नाव और अंबेडकरनगर) में दलितों के कल्याण के लिए स्पेशल कंपोनेंट के तहत आरक्षित 70% सीटों को SC/ST समाज के विद्यार्थियों के लिए आज तक पुनः शुरू नहीं किया। परिणामस्वरूप, इस वर्ष भी SC/ST समाज के अनेक बच्चे इस व्यवस्था से वंचित रह गए।
69,000 शिक्षक भर्ती में हुए पिछड़ा वर्ग आरक्षण घोटाले के पीड़ित, जिनसे आपने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले स्वयं न्याय का वादा किया था, आज 2027 आने को है, फिर भी न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
SC/ST और पिछड़ा वर्ग के बैकलॉग पदों पर भर्ती सालों से अटकी पड़ी है, लेकिन आपकी सरकार को इसकी कोई चिंता नहीं है।
परम पूज्य बाबा साहेब ने शिक्षा को शेरनी का दूध बताया था, लेकिन विडंबना यह है कि आपके शासनकाल में उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सरकारी विद्यालय बंद किए गए। क्या यही परम पूज्य बाबा साहेब के शिक्षा संबंधी विचारों का सम्मान है?
आए दिन प्रदेश के किसी न किसी हिस्से में सफाईकर्मियों को मात्र 8,500 रुपये मानदेय भी कई-कई महीनों तक नहीं मिलने के कारण आंदोलन करने पर मजबूर होना पड़ता है।
सीवर और सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान सफाईकर्मियों की मौतों के मामलों में भी उत्तर प्रदेश देश के सबसे प्रभावित राज्यों में शामिल रहा है, फिर भी आज तक उन्हें सुरक्षित कार्य परिस्थितियाँ और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित नहीं किया जा सका।
जनवरी में जारी होने वाली आवास योजना की दूसरी किस्त आज तक जारी नहीं की गई। बारिश का मौसम आ चुका है, लेकिन दलित, वंचित और गरीब परिवार आज भी अधूरे मकानों में रहने और बारिश से बचने के लिए एक सुरक्षित छत की तलाश करने को मजबूर हैं।
आपकी सरकार में दलितों को पूर्ववर्ती सरकारों में मिले जमीन के पट्टों पर भी भू-माफियाओं ने सरकारी तंत्र की मिलीभगत से कब्जा कर लिया है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद भी आपने SC/ST कर्मचारियों को प्रमोशन में आरक्षण का लाभ आज तक नहीं दिया।
देश और प्रदेश की जनता सब देख रही है कि आपकी सरकार परम पूज्य बाबा साहेब के विचारों का सम्मान करती है या केवल उनके नाम का राजनीतिक उपयोग।
और हाँ... जय भीम! जय-जय जय-जय जय भीम!!
@priyanshu__63@BhimArmyChief चन्द्रशेखर भाई ओ आंधी हैं जो अच्छे अच्छों को घुटनों पर ला देते हैं धर्मेंद्र प्रधान क्या चीज है
चन्द्रशेखर भाई जिंदाबाद जिंदाबाद जिंदाबाद
दिल्ली से बड़ी खबर 🚨
- देर राथ CJP फाउंडर Abhijeet Dipke ने नगीना सांसद @BhimArmyChief चन्द्रशेखर आजाद जी के आवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की
- कल जंतर-मंतर पर पहुंचेंगे चन्द्रशेखर आजाद।।
जब दौर अँधेरों का हो, तब नाम उम्मीद का होता है।
सियासत में जब कामयाबी की पहली शर्त क्रूरता, निर्ममता, अवसरवाद और नैतिक समझौते बन जाएँ; तब भी कोई अपनी सहृदयता, सौम्यता, वैचारिक प्रतिबद्धता और मानवीय संवेदनाओं से राजनीति के नए प्रतिमान गढ़ दे, तो वही असल जननायक होता है। जिस दौर में अधिकांश सियासतदाँ या तो बिक रहे हों, या झुक रहे हों, या डर रहे हों; उस दौर में जो संविधान, सामाजिक न्याय और समाजवाद के पक्ष में तनकर खड़ा रहे, वही समय की सबसे बड़ी उम्मीद बनता है।
हर दौर एक उम्मीद चुनता है।
निजी तौर पर मुझे बीते कुछ वर्षों में अखिलेश यादव जी को थोड़ा क़रीब से देखने और समझने का अवसर मिला। आज जब उनके नेतृत्व की चर्चा हर ओर है, तब यह याद रखना चाहिए कि एक समय ऐसा भी था जब उनके राजनीतिक भविष्य पर संदेह किया जाता था और उनकी वैचारिक दिशा पर भ्रम फैलाया जाता था। मगर भीतर ही भीतर एक नये अखिलेश तैयार हो रहे थे। वे किताबें पढ़ रहे थे, समाज के दुःख-दर्द को आत्मसात कर रहे थे, विपक्ष में रहते हुए हर दिन कुछ नया सीख रहे थे और सामाजिक न्याय की विचारधारा को अपने राजनीतिक व्यक्तित्व का स्थायी आधार बना रहे थे। ऐसे निहायत विपरीत हालात में हर दिन जननायक अखिलेश बन रहे थे।
जो संघर्ष से निकला हो, वही भरोसा बनता है।
हमने देखा कि भारतीय राजनीति के सबसे कठिन और विषम दौर में भी उन्होंने न अपना धैर्य खोया और न अपना विचार। अपमान का उत्तर कटुता से नहीं, बल्कि अपने काम और दृष्टि से दिया। गालियों का जवाब मुस्कुराहट, ह्यूमर और शालीनता से दिया। साथ छोड़ देने वालों के बीच भी उन्होंने संयम नहीं छोड़ा। निहायत विपरीत हालातों की तपिश में तपकर जो व्यक्तित्व आकार लेता है, वही लंबे समय तक समाज का विश्वास अर्जित करता है। आज जो अखिलेश हमारे सामने हैं, उन्होंने ऐसे ही ख़ुद को नया गढ़ा है।
सत्ता बदलने से बड़ा है, राजनीति का चरित्र बदलना।
इसीलिए PDA को केवल चुनावी समीकरणों से उपजा राजनीतिक नारा मानना उसकी वैचारिक शक्ति को कम करके आँकना होगा। PDA कोई समीकरण नहीं, समाज का स्वाभाविक विस्तार है। यह उन करोड़ों वंचित, पिछड़े, दलित, आदिवासी, अल्पसंख्यक और मेहनतकश लोगों की आकांक्षाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है, जो प्रतिनिधित्व, सम्मान, साझेदारी और संवैधानिक अधिकारों के साथ अपना भविष्य देखना चाहते हैं। यह केवल चुनाव जीतने की रणनीति नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की राजनीति को नए समय की भाषा देने का प्रयास है।
जो पीछे छूट गए थे, अब वही इतिहास लिखेंगे।
आज जब भारतीय राजनीति अनेक स्याह रास्तों से गुजर रही है, तब यदि कहीं लोकतंत्र, संविधान, सामाजिक न्याय और भाईचारे की नई रोशनी दिखाई देती है, तो वह अखिलेश यादव के नेतृत्व में दिखाई देती है। बाबा साहब डॉ. आंबेडकर से लेकर डॉ. राममनोहर लोहिया, महात्मा फुले, छत्रपति शाहूजी महाराज, कर्पूरी ठाकुर, जगदेव प्रसाद, गाडगे बाबा, मान्यवर कांशीराम, मंडल आंदोलन, अवंतीबाई लोदी, ऊदा देवी पासी और फूलन देवी जैसी परिवर्तनकारी परंपराओं से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने वाला यह नेतृत्व नई पीढ़ी के लिए केवल एक राजनीतिक विकल्प नहीं, बल्कि एक वैचारिक विश्वास बन चुका है।
आगामी 2027 का चुनाव केवल सरकार बनाने का चुनाव नहीं होगा। यह संविधान, लोकतंत्र और भारत की राजनीतिक दिशा तय करने वाला एक ऐतिहासिक मोड़ भी होगा। ऐसे समय में यदि करोड़ों लोगों की उम्मीद किसी नेतृत्व पर जाकर ठहरती दिखाई देती है, तो इसलिए कि इतिहास अंततः उन्हीं का साथ देता है, जो कठिन समय में भी अपने विचार से समझौता नहीं करते।
जन के तमग़े से सुसज्जित 'जननायक' @yadavakhilesh जी को जन्मदिन की क्रांतिकारी शुभकामनाएँ। आपका संघर्ष, आपका धैर्य और आपकी वैचारिक प्रतिबद्धता सामाजिक न्याय, संविधान और लोकतंत्र की इस यात्रा को और अधिक मज़बूती दे - इसी मंगलकामना के साथ।
आज दिनांक 09.06.2026 को कलेक्ट्रेट जनता दर्शन में आये हुये समस्त शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना गया तथा गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हेतु संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये गये।
@InfoDeptUP@CommissionerPrg
जनपद में वर्तमान में भीषण गर्मी (रेड अलर्ट) लू से बचाव के लिए सतर्क रहें,पर्याप्त पानी पिएं और खुद को हाइड्रेट रखें,तेज धूप में बाहर निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें,बच्चों बुजुर्गों व बीमार लोगों का विशेष ध्यान दें,सुरक्षित व स्वस्थ रहें।
@InfoDeptUP@CommissionerPrg@rahat_up
ब्रेकिंग न्यूज़ 🚨
अब समय आ गया है कि देश में मीडिया के गिरते स्तर को सुधारा जाए, और मीडिया राजनीतिक दलों के बजाय जनहित के मुद्दों को ज़्यादा महत्व दे!
@CockroachNewsX इसी दिशा में एक प्रयास है। इससे ज़्यादा से ज़्यादा जुड़ें।
दिनांक 20 मई 2026 प्रतापगढ़। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में पूरेकेशवराय स्थित ईवीएम वेयर हाउस का निरीक्षण किया। ईवीएम के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।