सौ साल लगे गाय पर राजनीति का सही जवाब आने में:
आरएसएस सौ साल से गाय की राजनीति करता आया है. उद्देश्य गाय को बचाना नहीं था बल्कि इसके सहारे मनुवाद को स्थापित करना था और टार्गेट मुसलमान को बनाया गया.
गाय की राजनीति ने सबको डिफेंसिव कर दिया था, गांधी तक को. गाय भारत के संविधान तक में आ गई आर्टिकल 48 में.
इस पूरी शताब्दी में एक बात स्थापित कर दी गई कि मुसलमान गाय काटता है लेकिन एक दूसरा सच छुपाया गया कि गाय कटवाता कौन है, काटने के लिए बेचता कौन है और पैसा कौन कमाता है.
बंगाल के मुसलमानों ने इस छुपे हुए सच से पर्दा हटा दिया.
बकरीद पर बंगाल के मुसलमानों ने तय कर लिया कि वो गाय की कुर्बानी नहीं करेंगे. हाहाकार मचा हुआ है क्योंकि गाय बेचने का काम हिंदू करते हैं जिनमें घोष समाज का बड़ा कब्जा है. बकरीद पर कुर्बानी के लिए मुंह मांगी कीमत मिलती है जो साल भर का खर्चा निकलती है व्यापारियों का. करोड़ों का कर्ज़ा लिया जानवार खरीदने और उसके रख रखाव में कि बकरीद में माल काटेंगे. मुसलमानों के फैसले ने सब किए धरे पर पानी फेर दिया. अब वहां मुसलमान हिंदू व्यापारियों से कह रहा कि अपनी मां को मत बेचो, ले जाओ और सेवा करो.
अब इस आंदोलन को बंगाल के बाहर भी निकलना चाहिये.
पहली बार गाय की राजनीति पर सही जवाब मिला है.
लोकतंत्र में कौन क्या खाता है ये उसका चुनाव है लेकिन अगर इस पर बीजेपी राजनीति करती है और बेकसूर लोग मारे जाते हैं तो रणनीतिक फैसले समय की मांग है.
बिहार के युवाओं की जवानी बर्बाद नहीं होने देंगे। NDA को 20 साल दिए मैं आपसे सिर्फ़ 20 महीने मांग रहा हूँ।
हम सब मिलकर बिहार की तकदीर और तस्वीर बदल देंगे। #TejashwiYadav#india#Bihar
बंट गयी बेटियां..
दिल्ली में निर्भया हत्याकांड पूरे देश को रोष से भर देता है।
किंतु बंगाल में एक डॉक्टर के ऐसे ही जघन्य बलात्कार पर राजनीति चुप्पी की चादर चढ़ा देती है।
मामले को भटकाने, लोगों को धमकाने के संगठित प्रयास बताते हैं कि मानवीय संवेदनशीलता और इसकी कसौटियां भी बुरी तरह बंट गई हैं।
बंगाल की पटरी से उतरी कानून व्यवस्था और सड़े-गले तंत्र में गुंडों के बोलबाले की अंतर्कथा सामने रखती विशेष रिपोर्ट।
पुल बनाकर नदी का इंतज़ार करता सुशासन !
जनता के Tax के रूपयो से किया ये भ्रष्ट्राचार मोदी जी को क्या दिख नही रहा है ? बिहार सरकार और NDA के सहयोगी दलों को ये घोटाला नही दिख रहा ❓
आजतक ये वीडियो डिलीट कर सकता है ! RT करते जाओ
भाला फेंक में भारत ने Gold और Silver दोनो पदक जीता।
बिल्कुल सही बात है ...
साला रात भर करोड़ो लोग दुख से सो नहीं पाए उसमे हम भी थे की हमारा नीरज एक पाकिस्तानी से हार गया।
पर खुशी दुगनी हो गई जब पता चला की अरे..वो तो नीरज का जुड़वा भाई ही था। मतलब Gold और Silvar दोनो भारत ने ही जीता है।
यकीन नही हो रहा था की आईसा कैसे हो गया..
फिर कम से कम पांच बार माताजी का इंटरव्यू देखा,दिल में गुदगुदी होने लगी की "खा म खा" टेंशन में रात भर सो नहीं पाए।
फिर दौड़ के पिताजी के पास पहुंचे जो की एक अवकाश प्राप्त सैनिक है और बोले की भारत ने भाला फेंक में सोना और चांदी दोनो जीत लिया।
लगे सुबह सुबह अपना सैनिक स्वरूप दिखाने ..
फिर जा के मेडल टेली देखा तो भारत के खाते में कही Gold दिख ही नही रहा है,अब तक ५६ स्पोर्ट्स और न्यूज एप देख चुका हु।
हर जगह पाकिस्तान के खाते में ही Gold दिख रहा है।
आप लोगो को दिखे तो बताना।😢🙃
वैसे पहले मेडल भारत के लिए होता था अब मेडल खिलाड़ी और उसके परिवार का होता है।
#Nirajchopra #OlympicGames
#ArshadNadeem #Gold
ये पेड़ गहलोत के नाम नहीं राजस्थान की जनता के नाम होना चाहिए। जनता को जनता के टैक्स से पैसे से सामाजिक सुरक्षा देना सरकार का कर्तव्य है जिसको पूरा करने का प्रयास मैंने मुख्यमंत्री के रूप में किया।
मैं आशा करता हूं कि पौधारोपण के कार्यक्रम के साथ-साथ वर्तमान भाजपा सरकार अन्नपूर्णा राशन किट जैसी स्कीम लाकर इस महंगाई में गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत देगी।