Michael Jordan breaks down the absolute true mindset of a champion.
"First of all you got to believe in yourself. You got to have a passion. You got to put forth the work."
"Discipline means you have to really decide on that you want to be a winner. And when someone tries to take you to go do things that's not focused on being a winner you have to be disciplined to say you know what, I got to stay to what I have to do."
"For people who skip those steps and think they just show up on Sunday, I don't want nothing to do with them."
#Discipline #Determination #Grit 💪🏻
Anil Shastri, son of late-Lal Bahadur Shastri Ji-
"In my admission form at Saint Stephens College, I wrote address as 10 Janpath & father's occupation as Govt Employee. Administrator asked what does ur father do at 10 JP? Is he some security guard? I said he is PM of India. He was shocked"
This was the simplicity of Shastri Family. Now compare it with Lavish Lifestyle of Dynast Nehru Family at taxpayers money. But who is glorified?— Nehru-Ghandy Family. Who is forgotten?— Lal Bahadur Shastri Ji.
Irony- Today Queen Sonia Ghandy stays at same 10 JP.
10 JP property must be feeling so embarrassed! It once hosted humble, honest Lal Bahadur Shastri Ji who won 1965 War...after just 3 yrs of humiliating defeat in 1962 War thanks to Nehru. Today it has to a Dynast Queen with no single achievement in life for Bharat.
छोटी गालियों और छोटे कमरों में मानकों को ताक पर रखकर लाइब्रेरी चल रहीं
जब पत्रकार कवर करने पहुँचा तो उसे भगा दिया अभी कोई घटना घट जाएगी तो छाती पीटेंगे
@DeepikaBhardwaj We used to have moral education at home too..aajkal bas bade school me daal do,sare shauk pure kar do,parents ki responsibility https://t.co/eqCRR6aXto time for moral teaching,sense of responsibility,emotional skills.Bacche phir alag hi Parallel Digi world me hote hai.
ये वो ज़माना है जहाँ युवा Reels से रिश्ते सीख रहे हैं और रिश्तों को अपना सोशल अकाउंट समझते हैं एक पल में activate.. एक में deactivate. सिया-चेतन-केन का मामला यही तो बताता है। -#NewsKiPathshala
"India's civilization has been able to withstand every challenge because its capacity for sacrifice is limitless. Whether it takes 5 years, 50 years, or 500 years, India will always possess the patience, determination, and strength to achieve victory."
: NSA Ajit Doval
It takes just few seconds to say NO
So well articulated @sonalkalra 👏
Thanks for being the voice of balance & speaking for victims irrespective of Gender 🙏
उन्होंने हलफनामे में दिखाया था- ये जवाब पर्याप्त नहीं है।
सवाल संपत्ति छिपाने का है ही नहीं, बल्कि उस संपत्ति के बढ़ने में सरकारी पद और निर्णयों की भूमिका रही है- इसका है।
जमीन खरीदना अपराध नहीं है।
लेकिन सत्ता में रहते हुए ऐसे क्षेत्रों में जमीन खरीदना, जहाँ सरकारी नीतियाँ और परियोजनाएँ भविष्य में मूल्य बढ़ाने वाली हों, यह भ्रष्टाचार है।
भ्रष्टाचार हमेशा रिश्वत लेकर फाइल पास करने से ही नहीं होता।भ्रष्टाचार तब भी है जब सत्ता, जानकारी और प्रभाव कुछ लोगों को ऐसा लाभ दिला दें |
Indian Express की रिपोर्ट का Main point ये नहीं है कि "जमीन खरीदी गई" - जिन इलाकों में सरकार ने बाद में Infrastructure, सड़कें आदि विकसित कीं, उन्हीं क्षेत्रों में मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई। ये Conflict of Interest है।
यदि कोई मुख्यमंत्री, मंत्री, IAS, IPS या किसी प्राधिकरण का अध्यक्ष हो और उसके परिवार द्वारा उन्हीं क्षेत्रों में जमीन खरीदी जाए जहाँ बाद में सरकारी फैसलों से जमीनों का मूल्य कई गुना बढ़ने वाला हो, तो क्या ये जनता और देश, दोनों के साथ विश्वासघात नहीं है?
भारत इसलिए पीछे है क्योंकि यहाँ भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, सत्ता और व्यवस्था की मिलीभगत के खिलाफ लड़ने वाले बहुत कम हैं।
हम कब ऐसा भारत बना पाएँगे जहाँ मेहनत, ईमानदारी और योग्यता का मूल्य सत्ता, संपर्क और प्रभाव से अधिक हो?
गलत को गलत कहने की कीमत चाहे जो हो, चुप मत रहिए।
जब सबकी आवाज़ उठेगी तो वह दूर तलक जाएगी और फिर व्यवस्था से लेकर सत्ता तक, सबको कठघरे में खड़ा होना पड़ेगा।
अभिजीत दीपके: इंस्टा युग की क्रांति के तीव्र-स्तंभन और समानुपातिक शीघ्रपतन का वैयक्तिकरण
दीपके ने आह्वान किया कि 20 जून तक प्रधान को हटा दें वरना... कुछ नहीं हुआ। ऐसे चूतियों के कहने पर कुछ होना भी नहीं चाहिए। फिर स्टेज से बोला कि किसान और मज़दूर जंतर मंतर पर पहुँचे। एक मक्खी नहीं पहुँची, गांडुओं का मेला लग गया सो अलग। (गांडू का प्रयोग समलैंगिकों के लिए नहीं कर रहा, इसे 'चूतिया' के समानार्थक के रूप में लिया जाए।)
फिर स्टेज से घोषणा हुई कि 'मेरा लिंग, मेरी मर्ज़ी'! किसने किसके पैंट में हाथ डाल कर वहाँ पेट्रोल सूँघा और कहा कि 'तुम्हारा लिंग, मेरी मर्ज़ी'? बिल्कुल तुम्हारी मर्ज़ी है कि तुम उस से मूतो, सेक्स करो, हस्तमैथुन करो, गुदा-मैथुन करो, कोई नहीं रोकता। और NEET या विद्यार्थियों की आत्महत्या से इस बात का क्या संबंध है?
इनके प्रोटेस्ट से आज़ादी के नारे वाले SFI के भी लोग आए हुए थे, AISA वाले भी थे और AAP वाले भी पानी और केला बाँट रहे थे। इनमें से किसी को भी NEET से मतलब नहीं था, ये केवल अपनी विजिबिलिटी के लिए आए थे।
एक झँटुआ QR कोड ले कर घूम रहा था कि दहिया और दास से DM में बात करने का ₹50 और वीडियो कॉल का ₹500/15 मिनट! साला अलग OnlyFans चल रहा है इधर। ये लोग विद्यार्थियों के लिए तो नहीं आए हैं। वैसे, दिल्ली के श्रमिकों का मिनिमम वेज भी इस से अधिक है।
फिर दीपके फ़र्ज़ी का चिल्लाने लगा कि उसे अरेस्ट किया जा सकता है, पानी बंद कर दिया, लड़कियों के साथ कुछ घटना घट सकती है, टॉयलेट में पानी नहीं है! जब अनुमति ही 5 बजे तक की थी तो अपना पानी, जनरेटर ले कर आते।
कुछ नहीं चला तो हाथ जोड़ कर पुलिस से बोल रहा है कि लोगों को आने दो! अरे नरगधे, लोग हैं कहाँ बे जो आएँगे? केवल अपनी ब्रांडिंग चल रही है कि यार जेल में डाल दो जल्दी से तो मैं भी अगला कन्हैया कुमार बन जाऊँ! कन्हैया बकलोल था, लेकिन उसको बकलोली में भी १ घंटा बोलना आता था, तुम साले पाँच मिनट में बह जाते हो और कहने लगते हो कि खाना बंद कर दिया, हग नहीं पा रहे, लाइट ऑफ हो गई है!
इसकी पूरी इच्छा है कि केवल 20 दिन में ये नेता बन जाए। केजरीवाल को 10 वर्ष घिसाई में लगे, तीन आंदोलन में। कन्हैया जेल गया, JNU में घिसता रहा और BJP ने उसे हीरो बना दिया। फिर बाद के दो आंदोलन देख लीजिए, आपको समझ में आ जाएगा कि CAA वाले जेल में हैं UAPA के साथ और किसान वाले प्रयास पूरा कर रहे हैं लेकिन उन्हें कोई पूछ नहीं रहा।
दीपके इतना इन्सिग्निफिकेंट है कि सरकार इसे आउट ऑफ़ द वे जा कर अनुमति दे रही है कि दिखाओ कितने लोग ला सकते हो। जंतर मंतर पर 500 से अब 1000 पर पहुँचा है, और वो भी रात होते-होते 50 बच कर रहे गए।
ये क्रांति का T20 खेलना चाह रहा है, पर समस्या यह है कि इसे ना बैटिंग आती है, ना बॉलिंग और इसके साथ के खिलाड़ी अपने कन्विनियेंस के हिसाब से आते हैं। यदि आपके प्रवक्ता और कोर ग्रुप केवल दिल्ली में आएँ, लखनऊ-जयपुर-पुणे-अमृतसर-बंगलौर में वो नहीं दिखें, तो समझ जाओ कि दीपके कितने डीप-शिट में है।
अब ये डिजिटल शहादत खोज रहा है कि किसी तरह से कुछ इसके साथ ऐसा हो जाए कि ये स्वयं को महान बता सके। पुलिस इसको ट्रिविअल से ऊपर का होने नहीं दे रही है। ये बेचारा एयरपोर्ट से ही अरेस्ट हो कर हीरो बनना चाह रहा था, और अमित शाह हैं कि बोल रहे हैं इसे भटकने दो, देखते हैं कितना आदमी जुटा लेता है।
अभिजीत दीपके वर्तमान क्रांति के तीव्र-स्तंभन और समानुपातिक शीघ्रपतन का वैयक्तिकरण है। अनुभवहीनता और नल्लेपन के बीच अपनी राह खोजता दीपके राजनीति को एक मार्ग मान कर चल रहा है, पर जब तुम्हारे वैचारिक पिता मिररलेस DSLR के बोके से अब एंड्रॉयड फ़ोन के फ्रंट कैमरा तक गिर चुके हैं, तो तुम तो कहाँ पहुँचोगे, वह लिखा हुआ है।
चूतियों के चक्कर में ना पड़ें।
Most serious discussions on Indian Twitter are excessively fixated on Indian history. We also need to discuss India's present and future with the same level of seriousness and enthusiasm.
We need more substantive conversations on education, technology and cities.
Most discussions on these issues remain fixated on identifying problems.
Very little discussion is devoted to reimagining/original thinking on education, cities, civic life, decoloniality, civilization and other aspects of India's future.
@Bihar_se_hai + Job prospects UP me far better hai.For eg. wha Deputy Collector ki seats limited hoti hai(40-45),so wha most of the people will become SDM.Bihar me aap 200 BAS lete hai but SDM milne me almost 5-6yrs lag jate hai logo ko(seats hi nhi hai utna).
@Bihar_se_hai UP and HR PCS ka level Bihar se 2-3 times jyada hai, syllabus almost UPSC ki tarah hai (though level kam hai).UP me to UP specific paper aate hai Mains me...Bihar PCS easy option lgta hai bakil logo ke liye.
@Sleepyhopper@Bihar_se_hai Aise post ke liye yhi jawab theek hai...Bihar Prem theek hai(mai bhi Bihar se hu) but uske liye other states ko villain banana narrow mindset hai bas.
Stand up and applaud , this boy from Bihar again gave his haters run for their lives
What a knock in finals , a knock to remember for ages. Well played , Vaibhav.
FSSAI ने 14–15 बड़ी फूड कंपनियों को show-cause नोटिस जारी किया है।
ये सब Healthy’, ‘Organic’, ‘Zero Maida’ या ‘True Vitamin’ जैसे बड़े-बड़े दावे तो करते हैं, लेकिन इन दावों को साबित करने के लिए उनके पास पर्याप्त वैज्ञानिक आधार या नियमानुसार मंजूरी का स्पष्ट प्रमाण नहीं है।
जो पैकेट के आगे वाले हिस्से में लिखा होता है क्या वो सच है.. हमने किया लाईव डेमो