#WATCH | Uttar Pradesh: Moment when Mafia-turned-politician Atiq Ahmed and his brother Ashraf Ahmed were shot dead while interacting with media.
(Warning: Disturbing Visuals)
उप्र में अपराध की पराकाष्ठा हो गयी है और अपराधियों के हौसले बुलंद है। जब पुलिस के सुरक्षा घेरे के बीच सरेआम गोलीबारी करके किसीकी हत्या की जा सकती है तो आम जनता की सुरक्षा का क्या। इससे जनता के बीच भय का वातावरण बन रहा है, ऐ���ा लगता है कुछ लोग जानबूझकर ऐसा वातावरण बना रहे हैं।
आंकड़े खाली मनोरंजन के लिए हैं। 125 करोड़ को बेस मानिए और @singh_divakar के इस सरलीकरण पर ध्यान दीजिए।
60% लोगों का मुख्य रोजगार कृषि है। जिसमें से मोदी जी के अनुसार 85% के पास जमीन है। यानी कि 72 करोड़ किसानों में से लगभग 11 करोड़ भूमिहीन हैं, जो र��िस्टर कर सकता है।
विश्वनाथ मंदिर पे आज गुजरात की गैंगरेप पीड़िता बिलकिस बानो को न्याय मिलने की मुहिम के समर्थन में @jacbhu व @dakhal2021 द्वारा हस्ताक्षर अभियान चलाया गया व सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के नाम पोस्टकार्ड लिखे गए। छात्रों ��े सभी 11 अपराधियों की समयपूर्व रिहाई की कड़ी भर्त्सना की
बिलक़िस बानो को न्याय की माँग हेतु बनारस के नागरिक समाज ने सारनाथ, बनारस में विरोध मार्च किया
मार्च में सैकड़ों नागरिक शामिल रहे।
#JusticeForBilkisBano
भारतीय रेल को 753 यात्राएँ रद्द करनी पड़ी हैं!
कोयले की कमी रातों रात तो नहीं हुई है। सरकार में कोई योजना बनाने वाला भी है, या बस सारे प्रचार मंत्री हैं?
अस्सी घाट के सामने, माँ #गंगा के जल की दुर्गति। रात के अंधेरे में, सीवेज, छिपा के रोज़ छोड़ा जाता है और माँ का जल, सीवेज की जल की तरह बदबू करता है। ये हर रोज़ का क़िस्सा है! @cleanganganmcg
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बाबा वि���्वनाथ की नगरी काशी का विकास हो, पर मोदी जी ने 7 साल में सांसद के तौर पर क्या किया-:
10. काशी के सबसे बड़े श्��ी हनुमान प्रसाद अंध विद्यालय के दृष्टिबाधित बच्चों की कक्षा 9 से 12 तक अनुदान राशी बंद कर उन्हें शिक्षा के अधिकार से क्यों वंचित कर दिया?
बॉम्बे HC न��� मोदी सरकार को फटकार लगाते हुए कहा - सरकार को लोगों की जान की बजाय खराब वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी की ज्यादा चिंता है.
वेंटिलेटर बनाने वाली कंपनी का ��ाम ज्योति CNC है. ये कम्पनी सूरत के उस व्यापारी की है जिसने PM मोदी को सूट गिफ्ट किया था.
इस सूट की कीमत पता कीजिए
जब भी मीडिया यह सवाल पूछे कि कोविड के पहले दौर में क्या चूक हुई,क्यों नहीं दूसरे वेव से लड़ने की तैयारी की गयी तो उस मीडिया को यह तस्वीर दिखा दीजिए क़ि जब यह सवाल पूछना था,चिंता करनी थी,तो वे यह क�� रहे थे। दूसरे लहर और हुई दुर्दशा के लिए हम मीडिया भी ज़िम्मेदार हैं।