गुरुवर को शत शत नमन🙏
आज महर्षि दयानंद सरस्वती जी के बलिदान दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि,30 अक्टूबर 1883 को उनका अजमेर में बलिदान हुआ था।
वेदों के प्रकांड पंडित महर्षि दयानंद सरस्वती आर्य समाज आंदोलन के संस्थापक, महान चिंतक, वेद मन्त्रों के दृष्टा, धार्मिक सुधारक, समाज सुधारक,
✅सांप काट(snake bite) ले तो तुरंत करें इलाज , इन गलतियों से बचें,
✅कैसे पहचान�� कि सांप जहरीला है या नहीं ???
✅इसे सेव कर ले और रीट्वीट करें, ताकि बारिश के मौसम में सांप काटने से जाने वाली हज़ारो जान बचाई जा सके🙏
सांप काटने पर सबसे महत्वपूर्ण है कि उसके लक्षणों की पहचान और तुरंत उपचार !!
सांप काट ले तो क्या करेंऔर क्या ना करें। 👇👇 👇
✅सांप के काटने पर क्या करें :
1.तुरंत एंबुलेंस को कॉल करें (राष्ट्रीय सर्पदंश हेल्पलाइन नंबर 15400)
2.पीड़ित को सांप से दूर और सुरक्षित जगह पर ले जाएं।
3.अगर ज़ख्म दिल से नीचे है, तो पीड़ित को लिटा दें।
4.व्यक्ति को शांत रखें और ज़्यादा हिलने न दें – ज़हर शरीर में ��म फैलेगा।
5.जख्म को ढीली और साफ पट्टी से लपेट दे
6. प्रभावित अंग से चूड़ी, घड़ी, टाइट कपड़े हटा दें।
7.यदि सांप ने पैर पर काटा है तो जूतों को निकाल दें।
9.सांप के काटने के समय को नोट कर ले
🚫साप काटने पर क्या न करें-
1. बिना डॉ परामर्श के मरीज को कोई दवा न दें।
2.यदि सांप के काटने का जख्म व्यक्ति के दिल से ऊपर क�� ओर है
घाव को न काटें
3.जहर को बाहर चूसने (फिल्मी हीरो न बने )का प्रयास न करें
4. जख्म पर ठंडे बर्फ ना लगाए
5.व्यक्ति को शराब या कैफीन पेय न दें
6.पीड़ित को चलने न दें, उन्हें गाड़ी से ले कर जाएं।
7. सांप को पकड़ने का प्रयास न करें, सांप की फोटो लें (अगर सुरक्षित हो) – इलाज में मदद मिलेगी।
8.किसी भी पंप सक्शन मशीन का उपयोग न करें।
✅सांप के काटने के लक्षण क्या हैं?
1उल्टी ,
2अकड़न या कंपकंपी
3पलकों का गिरना ,
4घाव के चारों ओर सूजन, जलन और रेड होना
5त्वचा के रंग में चेंज ,दस्त बुखार पेट दर्द ,सिरदर्द ,उल्टी
6 पैरालिसिस मारना ,पल्स तेज होना ,थकान मसल्स की कमजोरी ,प्यास लगना, लो ब्लड प्रेशर
✅कैसे पहचाने कि सांप जहरीला है या नहीं ?
सांपों की 250 प्रकार भारत में मिलते है , जिनमें से 4 सबसे अधिक घातक हैं
1कॉमन कोबरा /नाग
2सॉ-स्केल्ड वाइपर
3कॉमन क्रेट
4और रसेल वाइपर।
1.जहरीले सांप का सर बहुत विशाल(त्रिकोण)होता है जबकि गैर जहरीले सांप का शीर्ष सामान्य होता हैI (जैसा नीचे फोटो में दिखाया गया है )
2. साप काटने के निशान को ध्यान से देखे आमतौर पर 2 दांत के निशान जहरीले सांप के होते हैं और छोटे-छोटे बहुत से निशान है तो सांप जहरीला नहीं है (जैसा नीचे फोटो में दिखाया गया है )
स्वास्थ संबंधित साइंटिफिक जानकारी के लिए फॉलो कर��ं
@drvikas1111
पोस्ट को रिट्वीट करें ताकि सही जानकारी से हज़ारो जान बचाई जा सके I
✅सांप काटने पर प्रारंभिक उपचार -
1जख्म को साबुन और साफ़ पानी से धोना चाहिए
2साथ ही उस पर साफ कपड़े से ड्रेसिंग कर सकते हैं I
3.जरूरत हो तो जख्म को ऊपर से पट्टी बांधें, लेकिन बहुत कसकर नहीं – वरना खून रुक सकता हैऔर पैर/हाथ काटने की नौबत आ जाती है I
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नव जागरण के पुरोधा
(महर्षि दयानन्द सरस्वती की विस्तृत क्रमबद्ध जीवनी)
लेखक – ड़ॉ. भवानीलाल भारतीय
960 पृष्ठ सजिल्द (2 खण्ड)
मूल्य ₹650 (डाक खर्च सहित)
मंगवाने के लिए 9485599275 पर वट्सएप द्वारा सम्पर्क करें।
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��ेद पथ
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वीर शिरोमणि, स्वाभिमान के अनुपम प्रतीक, महान् देशभक्त महाराणा प्रताप की जयन्ती (ज्येष्ठ शुक्ला-तृतीया) के अवसर पर सभी देशवासियों एवं विश्वभर के सात्त्विक स्वाभिमानी भाई व बहिनों को भूरिश: शुभकामना एवं उस महान् आत्मा को सश्रद्ध नमन।
हे महान् आत्मन्! आपने इस मानव को राष्ट्रीय एवं आत्म स्वाभिमान का ऐसा पाठ पढ़ाया, जो सम्पूर्ण पृथिवी पर एक उदाहरण बन गया और आप अमर हो गए। आप न झुके, न रुके, न टूटे और न कभी हताश हुए, बल्कि मानवता व देश के शत्रुओं के साथ संघर्ष करते रहे।
हे वीरवर! आपसे प्रेरणा लेकर इस देश व संसार में अनेक स्वाभिमानी वीरों ने अपना सर्वस्व बलिदान देना सीखा, किन्तु दुर्भाग्य से आज आपका देश बड़ा कृतघ्न हो गया। आज जनता को मूर्ख बनाकर छल-कपट व मिथ्याचार से बने राजनेता आपके एवं आपके महान् पूर्वजों को कुवाच्य बोल रहे हैं। वे देश के सभी महान् वीर पुरुषों, वीरांगनाओं व सतियों का अपमान कर रहे हैं। मुहम्मद गौरी को सोलह बार हराने वाले महान् योद्धा सम्राट् पृथ्वीराज चौहान, शत्रुओं को ईरान तक खदेड़ने वाले महान् योद्धा बप्पा रावल, अस्सी घावों के रहते हुए शत्रुओं को धरा���ायी करने वाले महाराणा सांगा, महाराणा हमीर, मुगल बादशाह के दरबार में अकेले ही खूनी ताण्डव मचाने वाले महान् लड़ाके अमर सिंह राठौड़, औरंगजेब के जंगली बबर शेर को बाल्यकाल में ही चीर देने वाले मारवाड़ के राजकुमार पृथ्वी सिंह, जालोर के प्रतापी शासक राजा वीरमदेव, सिरोही के राव सुरतण, सिन्धनरेश राजा दाहर, एक अबला नारी केे स्वाभिमान के ��िए दिल्ली के लालकिले पर आक्रमण करने वाले भरतपुर के वीर योद्धा सूरजमल, बलिदानी वीर गोकुलसिंह जाट, अपना सर्वस्व होमने वाले महान् शूरवीर गुरु गोविन्दसिंह, बलिदानी के पर्याय बन्दा वैरागी, शत्रुओं में आतंक के पर्याय बने हरिसिंह नलवा, एक राजकुमारी की लज्जा बचाने के लिए क्रूर औरंगजेब को खदेड़ने वाले महाराणा राजसिंह, दक्षिण के महान् योद्धा हिन्दवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज एवं शम्भाजी राजे भौंसले, महारानी दुर्गावती एवं राणा पूँजा के नेतृत्व में हजारों भील योद्धाओं (वन्य-क्षत्रियों) आदि अनेक वीर-वीरांगनाओं का यह देश ऋणी है। जिसने देश केे लिए अपने पुत्र को बलिदान कर दिया, ऐसी त्यागमूर्ति माँ पन्ना धाय, जिन्होंने धर्म की रक्षा के लिए हजारों देवियों के साथ स्वयं को जीवित चिताओं में झोंक दिया, वे महारानी पद्मिनी, महारानी कर्णावती, जालोर, जैसलमेर एवं सिन्ध की हज़ारो�� देवियाँ इस देश में नारी चरि��्र का ज्वलन्त प्रमाण हैं।
इनके जौहर के साथ साके में सिर पर केसरिया बांधे हजारों बलिदानी रणबांकुरों को स्मरण करके ही देश व धर्म पर बलिदान होने के भाव उदित होते हैं। इन सब वीर-वीरांगनाओं को कथित जाति विशेष में बांधकर रखना नितान्त पागलपन व उनके बलिदान का अपमान करना है। जो योद्धा शत्रुओं से लड़े, वे कथित जाति के नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए लड़े। वास्तव में जो भी देश के लिए लड़ता है, वह सच्चा राष्���्र भक्त क्षत्रिय ही है और यही वैदिक वर्ण व्यवस्था है। जो इनके विचारों की पूजा करते हैं, न कि मात्र नारे लगाते हैं। वे ही इनके अनुयायी कहलाने का अधिकारी हैं। इन सबके त्याग बलिदान व पराक्रम के कारण ही यह भारत ईरान, अफगानिस्तान एवं अन्य 56 वर्तमान इस्लामी देशों की भाँति इस्लामी देश बनने से बचा है। इन वीर-वीरांगनाओं ने अपने रक्त की खाद इस धरा को दी है, तभी भारतीयता व सनातन धर्म का कुछ अंकुर जीवित है, अन्यथा ये भ्रष्ट एवं बड़बोले देश-विरोधी ल���ग, जो सुरक्षा के घेरे में रहते हुए महापुरुषों को गालियाँ देते रहते हैं, आज सिर पर टोपी लगाये कलमा पढ़ रहे होते। ये लोग जरा अपने चरित्र को झाँककर देखें कि उन्होंने देश को क्या दिया है?
इस धरा पर कोई मन्दिर नहीं बचता, सर्वत्र मस्जिदें ही होतीं। आज ऐसा प्रतीत हो रहा है कि कुछ राजनेता हिन्दुओं के आदर्शों को कुवाच्य बोलकर, जातीयता का विष घोलकर और हिन्दुओं को परस्पर लड़ाकर इस राष्ट्र से हिन्दू को पूरी तरह मिटाकर भविष्य में इस्लामी राष्ट्र बनाने का व्रत ले चुके हैं। कुछ विदेशी व विधर्मी शक्तियाँ इन्हें प्रेरित भी कर रही हैं और कुछ धनादि भी दे रही होंगी, अन्यथा ये पापी लोग ऐसा पाप कभी नहीं करते।
हे वीर प्रताप! कदाचित् आप जैसे स्वाभिमानी देशभक्तों ने इसीलिए ही इस देश में जन्म लेना बन्द कर दिया है और अधिकांश लोभी, लालची, भ्रष्ट, विलासी व गद्दार ही यहाँ जन्म ले रहे हैं। कोई आप जैसे महात्म���ओं को गाली दे रहे हैं, तो कुुछ चुपचाप सुन रहे हैं। सत्ता पक्ष, विपक्ष एवं संविधान मौन हैं, तब इस धरा पर सज्जन व सच्चे देशभक्त क्यों जन्मेंगे?
—आचार्य अग्निव्रत
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ओ३म्
भारत के प्रसिद्ध खगोलभौतिकी वैज्ञानिक, पद्म विभूषण से सम्मानित प्रो. जयन्त विष्णु नार्लीकर जी के निधन का समाचार अत्यन्त दुःखद है।
अप्रैल 2018, बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय में कॉस्मोलॉजी विषय पर आयोजित राष्ट्रीय सेमिनार में हमारा उनसे मिलना हुआ। वे महान् वैज्ञानिकों की भाँति सज्जन, विनम्र और अहंकार शून्य महान् वैज्ञानिक थे। वे अस्वस्थ होते हुए भी मेरे व्याख्यान में लगभग डेढ़ घण्टे बैठे रहे। यह उनकी वैदिक ज्ञान के प्रति जिज्ञासा और निष्ठा का परिचायक ���ै।
परमपिता परमात्मा उनके आत्मा को शान्ति प्रदान करें।
—आचार्य अग्निव्रत
द्वंद्व कहां तक पाला जाए,
युद्ध कहां तक टाला जाए।
तू भी है राणा का वंशज,
फेंक जहां तक भाला जाए।l
साहस, स्वाभिमान और स्व��ंत्रता के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप जी का अदम्य साहस, शौर्य, पराक्रम और आत्मबल आज हमारी सेना में भी दिखाई दे रहा है!
जय भवानी!
#maharanapratapjayanti
आइए सब मिल के हमारी जांबाज सेना के लिए प्रार्थना करें, वो हैं तभी हम सुरक्षित हैं।
बहुत ही सुंदर गीत शेयर कर रही हूँ आप सभी इस गीत को जरूर सुने और इस गीत को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें….
#IndiaPakistanWar
जय हिंद, जय भारत🇮��