बिहार में सत्ता के संरक्षण में अपराध का खेल चल रहा है. राज्य में अपराधी बेखौफ हो चुके हैं. गोपालगंज में जेडीयू के नेता पुलिस प्रसाशन को खुली चुनौती दे रहे हैं.
बिहार में बढ़ते अपराध के खिलाफ बड़ा आंदोलन शुरू होगा और यह आंदोलन सरकार को हटाने तक चलेगा ।
कबीर के इस दोहे में हमारे मजदूर भाईयों की भावना और बिहार सरकार के लिए संदेश छिपा है
“माटी कहे कुम्हार से,तु क्या रोंदे मोय
एक दिन ऐसा आएगा,मैं रौदूंगी तोय”
बिहार के बेटे-बेटियों के साथ जो रवैया ये ज़ालिम सरकार अपना रही है वही रवैया ये करोड़ों दुखियारे इस सरकार के खिलाफ अपनाएंगे
@NitishKumar@SushilModi दुखद घटना , मुकेश के परिवार की मुख्यमंत्री राहत कोश से कुछ सहायता करने की कृपा की जाय. दुख की इस घड़ी में इनकी मदद करना सरकार का कर्तव्य है
Mukesh,a migrant from Bihar sold his phone for 2500 rupees, bought a fan, some food, paid off debt. Then he killed himself. Family says he had no work even earlier, the Lockdown made it way tougher. Police say family said he's not mentally stable. They deny this. Our #Mojo report
उत्तरप्रदेश सरकार का अपने प्रदेश के विद्यार्थीयो को कोटा, राजस्थान से लाने का निर्णय स्वागतयोग्य है. मेरी बिहार सरकार और भारत सरकार से प्रार्थना है कि बिहार के बच्चों को भी राजस्थान, आंध्र प्रदेश, दिल्ली से अविलम्ब वापस लाया जाय @narendramodi@NitishKumar@SushilModi@AmitShah
देश के विभिन्न हिस्सों प्रतियोगी परीक्षाओं की तयारी करने वाले बिहार के विद्यार्थी फंसे हैं। उन्हें रहने एवं खाने पीने की भारी दिक्कतों का सामना करना पर रहा है। अतः राज्य एवं केंद्र सरकार से निवेदन है की उन्हें बिहार भेजने की अविलम्ब व्यवस्था की जाये @NitishKumar@PMOIndia
प्रिय हेमंत! अनंत शुभकामनाएँ। असीम आशीष..
मनोकामना पूर्ण हुई।झारखंड की महान जनता ने सुनिश्चित कर दिया है कि अहंकार व पाखंड की राजनीति का हर जगह अवसान तय है। लगातार साझे संघर्ष के लिए कांग्रेस के साथियों का भी बहुत धन्यवाद।जोहार झारखंड @HemantSorenJMM@RahulGandhi@yadavtejashwi
झारखंड में जिस तरह से महागठबंधन जीत के करीब है, इसके पीछे लालू जी की बड़ी भूमिका है।
एक के बाद एक राज्यों में बीजेपी को जनता नकार रही है। झारखंड चुनाव हम सबसे लिए एक तरह का सबक है। अगले साल बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में भी सभी सहयोगी पार्टियों को एक साथ होकर लड़ना होगा
#BiharBandh
यह आंदोलन केवल राज्यव्यापी नहीं राष्ट्रव्यापी हो गया है. विश्व में बड़े पैमाने पर इस काले कानून की निंदा हो रही है. फजीहत हो रही है, तमाम विश्वविद्यालय के छात्र सड़क पर निकल पड़े हैं. इसलिए कि यह कानून संविधान विरोधी है.
#rjd
यह सच है कि सब जगह महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढ़ी है और इस वजह से लोगों में गुस्सा भी है। लेकिन हैदराबाद घटना पर पुलिस के कदम को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता है जो कई संदेहों को जन्म देता है।’
बूढ़ी गंडक नदी पर मीनापुर के चांदपरना घाट पर पुल निर्माण को लेकर गांधीवादी तरीके से संघर्षपूर्ण आंदोलन चलाया जाएगा। यह पुल यहां के लोगों के लिए लाइफलाइन है। इससे पांच पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क बढ़ेगा। पुल निर्माण की योजना बनाई गई, लेकिन इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया
सरकार की नीतियाें के कारण बेराेजगारी बढ़ रही है। बड़ी संख्या में काम करने वालाें की छंटनी हाे रही,पर सरकार अनुच्छेद 370 हटाकर लाेगाें का ध्यान कश्मीर अाैर पाकिस्तान पर लगाए हुए है।जनता काे असल मुद्दे से भटकाने का काम हाे रहा है।इसके खिलाफ लाेगाें काे जागृत हाेने की अावश्यकता है
जेपी का संपूर्ण जीवन सत्ता के विरुद्ध संघर्ष में बीता। संघर्ष ने ही उन्हें जेपी से लाेकनायक बनाया। 1934 में कांग्रेस साेशलिस्ट पार्टी, 1970 में शांति स्थापना के लिए किए गए कार्याें काे भी भुलाया नहीं जा सकता।
एक बार फिर वैसी क्रांति की जरूरत है।
प्रधानमंत्री ने दावा किया था कि नोटबंदी की वजह से देश में जाली नोट पर काबू पाया जा सकेगा लेकिन आरबीआई के अनुसार जाली नोट के मामले में वृद्धि दर्ज की गयी है. बैंको की स्थिति खराब है और 31 हज़ार करोड़ का नुक्सान धोखाधड़ी की वजह से हुआ है।
समान काम समान वेतन समाजवाद का प्रमुख सिद्धांत है। दमनात्मक कार्रवाई कर अांदाेलन दबाना ठीक नहीं है। शिक्षकाें की मांगें जायज है।सरकार काे नियोजित शिक्षकाें की मांगाें पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
मुजफ्फरपुर के तत्कालीन SSP विवेक कुमार के सरकारी आवास में कार्बाइन मिला ,कुछ नहीं हुआ, पूर्व मेयर समीर कुमार की हत्या एके-47 से की गई आजतक नहीं मिला।अनंत सिंह के घर पर एके-47 झट से मिल गया?
यह साजिश है. आज जो भी लोग सरकार के खिलाफ हो जाते हैं, उन्हें फंसाकर परेशान किया जाता है.
एसकेएमसीएच में हर दिन 3000 से 4000 मरीज अाते हैं। लेकिन, संसाधनों की इतनी कमी है कि सैकड़ों मरीजों का इलाज फर्श पर हाेता है। यह सरकार की संवेदनहीनता है।
एसकेएमसीएच काे शीघ्र एम्स का दर्जा मिलना चाहिए। सरकार ने कई बार इसकी घोषणा की, लेकिन वादा पूरा नहीं हुअा।
#राजद