झारखंड का एक पुलिस ऑफिसर आदिवासी को गाली देते हुवे।
ढेर आदिवासी नेता बन गया है भोस#### माररेंगे तो गाड़े फाड़ देंगे ।
क्या करवाई हुवा इस ऑफिसर के ऊपर?
क्या नौकरी से निकाला?
क्या फांसी हुआ?
@JharkhandPolice
जब पुलिस आम जनता को ऐसे ही गाली देता है तब आप सभी कहां रहते है। अपने पर आया तो गलत है और जनता का क्या । उसका कोई भी है नहीं है । इसी लिए गाली दे देते है।
जब एक पुलिस वाला किसी भी पब्लिक को ऐसी ही भाषा का इस्तेमाल करते हुए बहुत बार देखे है। उसका क्या विधायक का तो कोई भी क्वालिफिकेशन नहीं होता है लेकिन पुलिस का तो क्वालिफिकेशन है फिर भी इस तरीके से अपने भाषा का इस्तेमाल करता है। इसका कोई जवाब है किसी के पास।
खाकी के पीछे कौन है?
एक पिता, एक बेटा, एक भाई, एक पति।
इस जाहिल-गंवार MLA @JairamTiger की हिम्मत कि वह ड्यूटी पर तैनात अफ़सर के लिए इतनी गंदी भाषा का इस्तेमाल करे?
पुलिस की आलोचना मैं भी करती हूँ, लेकिन किसी एक पुलिस वाले को निशाना बनाकर नहीं। पुलिस पर मेरी टिप्पणियाँ सरकार और सिस्टम के ख़िलाफ़ होती हैं। यह चुनिंदा शब्दों के ज़रिए दबाव बनाने की कोशिश है। MLA जयराम ने जो किया है, वह एक अपराध है। उन पर केस दर्ज होना चाहिए और जेल भेजा जाना चाहिए।
@HemantSorenJMM@ranchipolice@dhanbadpolice@JharkhandPolice
अभय तिवारी का नया खुलासा.. सीडीपीओ सामान्य वर्ग की लगभग सभी सीटें दूसरे राज्य के अभ्यर्थियों को बेची गयीं. उसने सीआईडी को बताया है की टीडीपीएल ने कम से कम 10 लाख रुपये प्रति अभ्यर्थी रेट लगाये थे. जेपीएससी अध्यक्ष एल ख्यांगते और सदस्य अजीता भट्टाचार्य की इसमें मुख्य भूमिका रही. रजक नाम के अभ्यर्थी को तत्कालीन चेयरमैन एल ख्यांगते का बोर्ड मिला. इसमें रामवीर सिंह से बातचीत के जरिए 15 लाख रुपये लिये गये. काजल भारती का बोर्ड अजीता भट्टाचार्य का था. उनके पीए (PA) को 10 लाख रुपये दिये गये. प्रमोद कुमार पाठक की सेटिंग आईटीआई प्रोजेक्ट मैनेजर कृष्णा के जरिये करायी गयी. कुमारी डॉली जायसवाल की सेटिंग भी कृष्णा द्वारा करायी गयी, जिसमें अजीता भट्टाचार्य माध्यम बनीं. ख्यांगते अभी जेल में हैं. अजीत भट्टाचार्य से सीआईडी पूछताछ कर चुकी है.
क्या आपको लगता है कि इतना बड़ा भ्रष्टाचार का खेल मुख्यमंत्री की नाक के नीचे चल रहा था और CMO को इसकी जानकारी नहीं थी 🧐
@ExamsFighters@PMOIndia@JmmJharkhand@amarbauri@yourBabulal@aajtak@ndtvindia
🚨 फडणवीस का बड़ा संदेश!
ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी का “एक्सपर्ट” नहीं बनना, सिर्फ काम चलाने लायक मराठी जानना जरूरी है।
भाषा सीखो, दबाव नहीं—बातचीत जरूरी, जबरन fluency नहीं!
हर थाना में बालू के लिए पैसा जमा करो पत्थर, गिट्टी के लिए पैसा जमा करो कोई गरीब दारू हंडिया बेच रहा है तो पैसा जमा करो ये है पुलिस ये Duty है ये लोग का लोगो से पूछो हर आदमी डरता है किसी को भी धमका देते हैं गाली दे देंगे सब जनता को पता है पुलिस का असलियत पैसा से चलते है बस
अजीत जी के साथ समस्त भारत के सनातनी हे और मेरा सुझाव हे कि उनके द्वारा कोई अपराध नहीं किया हे और न ही उनका व्यक्तव्य किसी भी अपराध की श्रेणी में आता हे इसलिए हम सब को मिलकर पुलिस से ही खात्मा लगवाए कृपिया सभी साथ दीजिए 🙏
चिकना सौरव हाथ में जापानी तेल लिए मेरे नाम की आहें भर रहा है! देख बी तिलचट्टे, मैं वामपंथियों की %^ तो मरता हूँ, पर वैसे नहीं, जैसे तू सोच रहा है कि मद्धिम रोशनी हो, और मैं मोमबत्ती जल कर टपकाते हुए तुम्हें...
ऐसे मेरे शौक नहीं!
वैसे तेरा बाप कौन है, पता चला?