'Jeevan Asha Hospital and Rehabilitation Center' established under the name Saurabh Sagar Seva Sansthan, is a non-profit institute that is able to stand up
नाम भीमसैन शर्मा है उम्र 39 वर्ष निवासी बागपत उत्तर प्रदेश इनके दोनों हाथ नहीं है लेकिन इन्होंने जीवन में हार नहीं मानी यह किसी के मोहताज नहीं रहना चाहते थे इन्हे इनकी इच्छा शक्ति ने इन्हे जीवन आशा हॉस्पिटल ले आयी जहा पर इनको हाथ का कृतिम अंग दिया गया.........
सौरभ सागर सेवा संस्थान के द्वारा वर्तमान में कोरोना महामारी संकट से जूझ रहे गरीब बेरोजगार असहाय असमर्थ परिवारों को संस्थान द्वारा विगत 25 मार्च से निरंतर सुबह शाम 3000 खाने के पैकेट वितरित किए जा रहे हैं कोरोना संक्रमण के चलते सामाजिक दूरी एवं साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहाहै
मान सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी छत्तीसगढ़ के रहने वाले है इनका दाया पैर नहीं है रोड एक्सीडेंट में इनका पैर खराब हो गया कुछ समय बाद इनको जीवन आशा अस्पताल के बारे में पता चला कि हाथ और पैर का कृत्रिम अंग लगाए जाते हैं यह जीवन आशा अस्पताल पहुंचे जहां पर पैर का कृत्रिम अंग लगाया गया
इनका नाम सचिन कुमार उम्र 21 वर्ष निवासी मेरठ उत्तर प्रदेश इनका दाया पैर नहीं है इनका पैर एक रोड एक्सीडेंट में खराब हो गया डॉक्टरों ने इनका पैर काट दिया ये कहीं भी आने जाने में असमर्थ थे जीवन आशा अस्पताल पहुंचे जहां पर पैर का कृत्रिम अंग दिया गया
सुन्दर सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी बुलन्दशहर उतर प्रदेश के रहने वाले है ll नौकरी पर जाते समय ट्रेन से निचे गिरने से इनके दोनों पैर कट गये थे ll जीवन आशा ने इन्हे एक नई उम्मीद दी अपने पैरो पर खड़े होकर चलने की जीवन आशा अस्पताल दिव्यांगजन सशक्तीकरण की दिशा में कार्यरत है
||वैष्णवी पनिहार 23 वर्षीय जबलपुर की रहने वाली|| बाया पैर खो दिया लेकिन वैषणवी ने हार न मान कर उस परिस्थिति का सामना किया और सौरभ सागर सेवा संस्थान के मंशापूर्ण महावीर क्षेत्र के अंतरगत स्थित जीवन आशा हॉस्पिटल मुरादनगर जिला गाजियाबाद पहुंची जहा उसे अत्यआधुनिक कृतिम अंग मिला