Red Wall of Terror: From Pashupati in Nepal to Tirupati in Andhra Pradesh, Left-Wing Extremists once tried to establish a corridor of insurgency, with influence reported across 182 districts during the UPA era. Under the BJP-led government, decisive action has dismantled these networks, restoring security and paving the way for development.
#CongressNaxalNexus
जब सत्ता दोषियों के साथ खड़ी हो जाए और एक दलित IAS विधवा महिला को दबा दिया जाए, तो समझ लीजिए न्याय नहीं, राजनीति हावी हो चुकी है।
Late IPS Y पूरण कुमार की पत्नी IAS अमनीत प्रेस कांफ्रेंस करना चाहती थी परंतु पुलिस ने मकान को घेर रखा है। दमन की राजनीति।
हम चुप रहे, तो कल हमारी बारी होगी। आवाज़ उठाइए — ये लड़ाई सिर्फ अमनीत की नहीं, हर उस आम नागरिक की है जो सिस्टम से न्याय चाहता है।
#JusticeForAmneet
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई. पुरन कुमार जी के असामयिक निधन की खबर अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। वे एक ऐसे अधिकारी थे जिन्होंने हमेशा प्रशासन में पारदर्शिता, वरिष्ठता के अधिकार और अनुसूचित जातियों के प्रतिनिधित्व के मुद्दों पर साहसपूर्वक आवाज उठाई।
कुमार साहब ने कई बार भेदभाव और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ अपनी बात रखी। विशेष रूप से उन्होंने नए पद सृजित कर उन्हें अपमानित करना और भेदभावपूर्ण तरीके से तैनाती करना—जैसे कि IGP (होम गार्ड्स) पद पर नियुक्ति—को सार्वजनिक रूप से उजागर किया। उनके द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल व्यक्तिगत अधिकारों तक सीमित नहीं थे, बल्कि पूरे सिस्टम में न्यायसंगत और पारदर्शी कार्यप्रणाली के लिए महत्वपूर्ण थे।
यह दुखद है कि ऐसे संवेदनशील और साहसी अधिकारी का जीवन इस प्रकार समाप्त हुआ। हम @cmohry से मांग करते हैं कि इस मामले की त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी सीबीआई जांच सुनिश्चित की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त दंड मिले।
हम अपनी संवेदनाएँ परिवार और सहयोगियों के लिए व्यक्त करते है।
@NayabSainiBJP
हरियाणा के ADGP रैंक के सीनियर होनहार IPS अधिकारी पूरन कुमार जी की आत्महत्या की घटना देश के लिए एक बहुत ही गंभीर मामला है। सुसाइड नोट के आधार पर उनकी पत्नी, जो एस स्वयं एक IAS अधिकारी हैं, ने वरिष्ठतम पुलिस अधिकारियों को आरोपी बताया है ।ये पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान हैं।
सिस्टम पर विश्वास स्थापित करने के लिए न केवल न्याय होना चाहिए बल्कि न्याय होते हुए भी देश को दिखना चाहिए। न्याय तभी होगा जब निष्पक्ष जांच हो और कोई जाँच को प्रभावित न कर पाए। जांच में जो भी दोषी हों उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिले, ये सुनिश्चित करना सरकार का संवैधानिक दायित्व है।
दुख की इस घड़ी में हम सब परिवार के साथ हैं और जब तक न्याय नहीं मिल जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा।
आप सभी से अपील आज श्याम 8 बजे #JusticeForPuranKumarIPS के साथ ज्यादा से ज्यादा post share करे ताकि आवाज मजबूती से पहुंच सके।
आईपीएस पुरन कुमार के साथ हुआ अन्याय सिर्फ एक अफसर के साथ नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में फैले जातिवाद के खिलाफ लड़ाई है।
आइए, उनकी न्याय की आवाज बनें और #JusticeForPuranKumarIPS अभियान को बुलंद करें।
सिस्टम के अन्याय के खिलाफ खामोशी भी एक अपराध है।
#JusticeForPuranKumarIPS
पहली तस्वीर आईपीएस वाई पूरण कुमार की है. और दूसरी तस्वीर हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर की है.
साल 2022 में वाई पूरण कुमार मंदिर चले गए. उसी दिन से उनके बुरे दिनों की शुरुआत हुई. उनके ही विभाग के अधिकारी उन्हें प्रताड़ित करने लगे.
पिता की मृत्यु पर उन्हें छुट्टी नही दी गयी. सोचिए इतने बड़े आईपीएस अधिकारी को दलित होने की सज़ा दी जा रही थी. आईपीएस वाई पूरण कुमार ने आत्महत्या कर ली.
आत्महत्या में हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर का नाम सामने आया है. जिनका कार्यकाल 15 अगस्त को खत्म हो गया था. लेकिन हरियाणा की बीजेपी सरकार ने एक्सटेंशन दिया.
इस मामले में चीफ सेक्रेटरी समेत कुल 15 बड़े अधिकारियों का नाम सामने आया है. आईपीएस वाई पूरण कुमार ने सुसाइड नोट में लिखा है उन्हें जातिसूचक गालियां दी जाती थी.
आईपीएस अधिकारी संघ (हरियाणा कैडर) ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री वाई. पूरन कुमार के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संघ ने शोकाकुल परिवार के प्रति हार्दिक संवेदना प्रकट करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।
श्री वाई पूरन कुमार जी ने जो गंभीर नोट छोड़ा है — वह एक दिन की बात नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे अन्याय और उत्पीड़न का परिणाम है।
उन्होंने कई बार अपनी बात रखी, बार-बार अपनी पीड़ा जताई, पर सरकार और सिस्टम ने ध्यान देने के बजाय उन्हीं पर कार्रवाई की।
आप सोचिए — एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, जिनकी पत्नी स्वयं एक सीनियर आईएएस अफसर हैं, उन्हें इस हद तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया कि उन्होंने अपने जीवन का अंत करने जैसा कदम उठाया।
परिवार आज भी असुरक्षा महसूस कर रहा है, एफआईआर दर्ज कराने के बावजूद न्याय की उम्मीद अधूरी है। क्या यह इस बात का प्रमाण नहीं कि भाजपा सरकार में आम व्यक्ति और वरिष्ठ अधिकारी — दोनों ही न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं?
यह भाजपा सरकार की जवाबदेही पर गंभीर प्रश्नचिह्न है। सरकार को जवाब देना होगा — क्यों एक अधिकारी की बार-बार की गुहार के बावजूद किसी ने ध्यान नहीं दिया?
"गोदी मीडिया आपको यह नहीं दिखाएगा कृपया ध्यान से देखे"
IPS पूरन कुमार का फ़ाइनल नोट यह बताता है कि भाजपा राज में कैसे एक IPS अधिकारी को दलित होने की सज़ा मिली। मामला मंदिर में प्रवेश से शुरू होकर, जाति सूचक गालियों और फ़र्जी FIR तक पहुँचा। जब प्रताड़ना और अपमान सहन करने की सारी सीमा पार हो गई तब पूरन कुमार ने मौत को गले लगा लिया। यह भाजपा का नया भारत जहां मुख्य न्यायाधीश से लेकर IPS अधिकारी तक दलित होने की सज़ा पा रहे हैं ।
#i_support_purankumar
हरियाणा के दलित IPS अफ़सर पूरण कुमार जी को अपनी जाति को लेकर इतना उत्पीड़न झेलना पड़ा कि उन्होंने आत्महत्या कर ली। दोषी लोगों को जल्द से जल्द सख़्त से सख़्त सज़ा मिलनी चाहिए।
देश के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका गया तो इनके ट्रोल सोशल मीडिया पर दलितों को बेइज्जत कर रहे हैं, बाबा साहब अंबेडकर तक को गाली दे रहे हैं ।
आज भारत को ये लोग कहाँ ले आए हैं ?
सरकार ने दोषियों को कैद करने की बजाए एक दलित IAS विधवा औरत को कैद कर लिया है।दोषियों को बचाने के प्रयास
हो रहे हैं।
Late. IPS Y पूरण कुमार की पत्नी IAS अमनीत प्रेस कॉन्फ़्रेंस करना चाहती पंरतु पुलिस ने मकान को पूरी तरह से घेर रखा है । #दमन की राजनीति
तानाशाही का रवैया नायब सैनी जी आपको शर्म आनी चाहिए आपको क्या डर है ?
सोशल मीडिया से बड़ी आज के वक्त कोई ताकत नहीं है कृपया करके ias अमनीत की आवाज को बुलंद करें !!
अमनीत जी आप घर बैठकर ही सोशल मीडिया के माध्यम से अपना सन्देश डालते रहें उसको बढ़ाने का कार्य हमारे जैसी आम जनता करेगी!!
#बेटियां #बेटी_बचाओ_बेटी_पढ़ाओ
#हरियाणा
नोट - आम जनता को कहाँ से न्याय मिलेगा जब बड़े बड़े अधिकारी ही राजनीति की भेंट चढ़ जाते है और उनकी भी आवाज दबा दी जाती है!!!
✍🏻हर्ष छिकारा ✍🏻