यूपी की राजधानी लखनऊ के एक कोचिंग सेन्टर में आज दोपहर बाद हुई अग्निकाण्ड में अनेक लोगों की मौत तथा और भी कई लोगों के घायल हो जाने की घटना अति-दुखद। इस प्रकार की जानलेवा घटनायें दिल को दहलाने वाली होती हैं तथा कितने ही परिवार की उम्मीदों को बिखेर देती हैं। ऐसी दुखद घटनाओं की रोकथाम के लिये सबको मिलकर सही से काम करने की ज़रूरत है। सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप से काम नहीं चलेगा।
बहुजन समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा आमचुनाव की तैयारियों के मद्देनज़र जब से अपरकास्ट समाज और उसमें से ख़ासकर ब्राह्मण समाज को, उनके बी.एस.पी. में जुड़ने को ध्यान में रखकर, पार्टी का उम्मीदवार बनाना शुरू कर दिया है, तब से सभी विरोधी पार्टियों में व ख़ासकर समाजवादी पार्टी में उनकी नींद उड़ा देने वाली बेचैनी देखने को मिल रही है, जो कि सन् 2007 की तरह ब्राह्मण समाज के योगदान से बी.एस.पी को पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने जैसा ही इस बार के आगामी चुनाव परिणाम के रिपीट होने की संभावना के तहत् स्वाभाविक ही प्रतीत होता है।
वैसे भी यह सर्वविदित है कि यूपी जैसे विशाल आबादी वाले प्रदेश में अपरकास्ट में से ख़ासकर ’ब्राह्मण समाज का हित बी.एस.पी. में ही सुरक्षित है’, जिस अपनी इस ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ के सिद्धान्त, नीयत व नीति को बहुजन समाज पार्टी ने पहले पार्टी स्तर पर अमल करके और फिर सरकार बनने पर भी उन्हें भरपूर आदर-सम्मान के साथ-साथ उन्हें हर स्तर पर पूरी-पूरी भागीदारी देकर यह साबित भी कर दिया है, जबकि दूसरी पार्टियों की सरकारों में इस वर्ग के लोग पिछले काफी समय से अपने आपको काफी उपेक्षित, असुरक्षित व ठगा हुआ भी महसूस कर रहे हैं।
इतना ही नहीं बल्कि ’ब्राह्मण समाज द्वारा सामाजिक भाईचारा के आधार पर बी.एस.पी. से जुड़ने की इनकी तैयारियों को ध्यान में रखकर इन्हें पार्टी उम्मीदवार बनाने की प्रक्रिया जारी है तथा इन्हें बी.एस.पी. की आयरन लेडी नेतृत्व पर पूरा यह यक़ीन भी है कि बी.एस.पी. की सरकार बनने पर उन्हें पहले की तरह ही हर स्तर पर भरपूर आदर-सम्मान ज़रूर दिया जायेगा, जो कि इनकी वास्तविक चिन्ता व दूसरी पार्टियों से मुँह मोड़ने का कारण है।
इसके साथ ही, अपरकास्ट में से क्षत्रिय, वैश्य आदि व अन्य समाज के लोगों को भी उनकी बी.एस.पी. से जुड़ने की तैयारी अर्थात् ’जिसकी जितनी तैयारी उसकी उतनी भागीदारी’ के आधार पर चुनाव में उम्मीदवार भी ज़रूर बनाया जायेगा, जिसकी तैयारी हर स्तर पर लगातार जारी है।
बी.एस.पी., दूसरी पार्टियों की तरह कुछ लोगों को ’लॉलीपाप’ थमाने की संकीर्ण व स्वार्थ की राजनीति नहीं करती है बल्कि पूरे समाज के हित व कल्याण की चिन्ता करना अपना संवैधानिक कर्तव्य समझती है और इसीलिये बी.एस.पी. की नीति व कार्यक्रम जनहित व जनकल्याण तथा अपराध नियंत्रण व क़ानून व्यवस्था के मामले में भी देश व जनहित में बेहतरीन होते हैं।
@BHEEM_BAUDH 1 बीजेपी में अमित शाह के बेटे ,नरेंद्र मोदी जी के भाइयों की संपत्ति कांग्रेस में गांधी परिवार और सपा परिवार में टिएमसी में ममता बनर्जी के भतीजे की कितनी सम्पत्ति है इसका आपके पास में कोई जवाब है नहीं , केवल बहिन जी के परिवार के पास सम्पत्ति दिखाई देती है और
@Voiceofpavan@varanasipolice बनारस पुलिस इस अभियुक्त के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर शर्त से शख्त कानून कारवाई कर इसे तत्काल जेल भेजे ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़े
🔥 बसपा ने फिर रचा इतिहास! 🔥
Bahujan Samaj Party ने पंजाब में एक बार फिर अपनी ताकत साबित कर दी।
फिल्लौर के वार्ड 14 और 15 में शानदार जीत हासिल कर बहुजन आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। 💙🐘
यह जीत सिर्फ चुनाव की जीत नहीं,
बल्कि बहुजन समाज के आत्मसम्मान, एकता और संघर्ष की जीत है। ✊
पूरी बसपा पंजाब टीम, मेहनती कार्यकर्ताओं और जागरूक जनता को हार्दिक बधाई एवं जिंदाबाद! 💐
“जिस समाज का राजनीतिक अधिकार मजबूत होता है,
उसी समाज का भविष्य सुरक्षित होता है।”
जय भीम 💙
जय बसपा 🐘
नमो बुद्धाय 🙏
#पंजाबबचाओ #बीएसपीमिशन2027 #BSP #Punjab #जयभीम #BahujanSamajParty
देखिए कैसा है संकिसा बौद्ध स्थल| Dalit Dastak
उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में काली नदी के तट पर संकिसा बौद्ध स्थल है। संकिसा बुद्ध स्वयं आए थे। बाद में सम्राट असोक आए। यहाँ असोक स्तंभ बना। पाँचवी सदी के शुरुआत में चीनी बौद्ध यात्री फ़ाहयान और सातवीं सदी में ह्वेनसांग आए थे। इन दोनों ने इस स्थल का विस्तृत वर्णन किया है। क़रीब 1500 वर्षो तक संकिसा का गौरव बना रहा।
#sankisa #buddhismhistory
जैसाकि सर्वविदित है कि अपने भारत देश की दुनिया भर में अच्छी एवं अनोखी मानवतावादी पहचान ख़ासकर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनूपम संविधान को लेकर ज़्यादा है, जो पूरी तरह से धर्मनिरपेक्षता (सेक्युलरिज़्म) के सिद्धान्त पर आधारित है अर्थात् यहाँ रहने वाले विभिन्न धर्मों के मानने वाले सभी लोगों को एक-समान आदर-सम्मान देना है तथा देश का मिज़ाज भी अधिकतर ऐसे ही उच्च मानवीय गुणों पर आधारित सभी धर्मों के मानने वालों को उनके जान, माल व मज़हब की आज़ादी एवं सुरक्षा आदि सुनिश्चित करता है और इसके निर्धारित व बताये हुये रास्तों पर चलना सभी सरकारों की ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों की भी परम व प्रमुख ज़िम्मेदारी है।
इतना ही नहीं बल्कि यह भी सर्वविदित ही है कि यही वह सुरक्षा कवच है जिसके सहारे विदेशों में भारत-विरोधी प्रोपागण्डा आदि का देश हमेशा बख़ूबी सामना करता है, किन्तु केन्द्र व सभी राज्य सरकारों का यह दायित्व/ज़िम्मेदारी बनती है कि वे ऐसा कुछ भी ना करें और ना ही वैसे कुछ होने दें जिससे देश व ख़ासकर भारत सरकार से इसके बारे अप्रिय सवाल-जवाब हो।
इस क्रम में ख़ासकर पश्चिम बंगाल में चुनाव उपरान्त जारी हिंसा की सर्वत्र हो रही चर्चाओं में भी विशेषकर मा. हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सरकारों को इसके प्रति सतर्क व अराजकता के विरुद्ध सख़्त हो जाना चाहिये, ताकि किसी भी सरकार के ऊपर संकीर्ण राजनीति, धार्मिक भेदभाव, जातीय द्वेष व पक्षपात आदि का दोष लगे, यह अति-चिन्ता की बात ज़रूर होनी चाहिये।
इसके साथ ही, व्यापक जनहित व जनसुरक्षा के मद्देनज़र स्थापित नियम-क़ानूनों के अनुपालन या तत्सम्बंधी नये क़ानून आदि बनता है तो उसका अनुपालन सभी धर्मों के लोगों पर एक समान रूप में होना चाहिये अर्थात् संविधान व क़ाूनन की मान-मर्यादाओं को बरकरार रखने के लिये ज़रूरी है कि क़ानूनों का इस्तेमाल धार्मिक व जातीय भेदभाव/पक्षपात व द्वेष के बिना हो, ताकि सरकारें सर्वसमाज व सर्वधर्म हितैषी हों और लोगों को लगे भी तथा जिससे सरकारों की संवैधानिक गुडविल प्रभावित ना हो तो यह उचित होगा।
वैसे भी देश के ख़ासकर सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक हालात इतने कठिन व ज्वलन्त समस्यायें इतने अधिक दुखद/कष्टदायी हो गये हैं कि सभी सरकारों को उन विशेष मुद्दों पर अपना ध्यान पूरी तरह से केन्द्रित करना चाहिये, ना कि विध्वंसकारी इमेज आदि के माध्यम से लोेगों का ध्यान उस पर से बाँटने का प्रयास करना चाहिये, क्योंकि इससे देश की राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि क्राइसिस के हालात को और बढ़ायेेगा, जो देश व जनहितैषी कतई भी नहीं होगा, यही अपील।
ईद अल अज़हा, अर्थात् आम बोलचाल की ज़ुबान में बक़रीद पर्व की दुनिया भर में रहने वाले सभी भारतीय मुस्लिम भाई-बहनों व उनके परिवार वालों को दिली मुबारकबाद तथा उनके साथ-साथ समस्त देशवासियों के ख़ुश व ख़ुशहाल ज़िन्दगी की शुभकामनायें।
सभी पर्व व त्योहार आदि पूरी शान्ति, आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ गुज़रे तो यह देश व जनहित में हमेशा बेहतर, ताकि देश-प्रदेश के विकास व यहाँ के लोगों की तरक़्क़ी पर पूरी ऊर्जा, शक्ति व संसाधन लग सके, जैसाकि बी.एस.पी. की यहाँ यूपी में रही चारों सरकारों में हमेशा से सभी सरकारों में दुर्लभ रही ’’क़ानून द्वारा क़ानून का राज’’ के तहत् पूरी तरह से सर्वसमाज-हितैषी ’सर्वजन हिताय व सर्वजव सुखाय’ की बेहतरीन सरकार रही।
1. यू.पी. के ग्रेटर नोएडा के जेवर में की गई लगभग 15 वर्ष के गोपाल शर्मा की हत्या अति दुःखद व चिन्ताजनक। सरकार इस घटना की उच्च-स्तरीय जाँच कराये और इसके सभी अभियुक्तों को कड़ी सजा दी जाये।
2. साथ ही कल हमीरपुर में निर्माणाधीन पुल के गिरने से कई मजदूरों की हुई मौत के प्रकरण को भी सरकार गम्भीरता से लेते हुये मृतकों के आश्रितों को उचित आर्थिक मदद दे तथा घायलों का भी विशेष ध्यान रखा जाये, बी.एस.पी. की यह भी मांग।
यू.पी. के जिला गाजियाबाद में खोड़ा के एक नौजवान युवक सूर्या चौहान की हुई हत्या की घटना अति दुखद व चिन्ताजनक। इस प्रकार की आयदिन हो रही घटनाओं की रोकथाम के लिए शासन व प्रशासन को सही कदम उठाने की जरूरत है। साथ ही इस घटना में शामिल अपराधियों की पहचान करके उन्हें कानूनी सजा जरूर दी जाए।
इसके साथ ही चुनाव का समय जैसे-जैसे नज़दीक आता जाएगा ऐसी घटनाओं के व्यापक दुष्परिणाम होंगे। अतः सरकार पूरी तरह सतर्क रहे।
जनपद-हरदोई के महुआखेड़ा अपने निजी जमीन में 3 वर्ष पहले बने बुद्ध विहार में भगवान बुद्ध की मूर्ति स्थापना से न जाने किस कारण मनुवादियों के पेट में दर्द हो गया.!
जिस भारतीय जनता पार्टी को शाक्य सैनी कुशवाहा मौर्य समाज ने अपना कीमती वोट देकर सरकार बनावाया, उसी भाजपा सरकार का हरदोई प्रशासन ने, मौर्यवंशियों के पूर्वज शाक्यमुनी भगवान बुद्ध की मूर्ति को हटाने के लिए कल 27 मई 2026 की रात्रि में निर्दोष मौर्यवंशियों पर लाठीचार्ज किया.!
महान दल इस घटना की कठोर शब्दों में निंदा करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से अनुरोध करता है कि तत्काल इस घटना की उच्चस्तरीय जाॅंच कराकर दोषी सभी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का कष्ट करें.!
अन्यथा महान दल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के सभी मौर्यवंशी, विधानसभा चुनाव-2027 में एकजुट होकर भारतीय जनता पार्टी को हराने का काम करेंगे.!
-केशव देव मौर्य
राष्ट्रीय अध्यक्ष,महान दल
3-यह अवसर भी प्रदान किया जाए मैं तमाम बार देखचुका हूँ कि हमारी पार्टी में अनुशासनहीनता का हवाला देकर लोगों का पार्टी निष्कासन कर दिया जाता है जो की कतई भी पार्टी हित में नहीं है यदि कोई पार्टी में अनुशासनहीनता करता है उसे पहले पदभार मुक्त किया जाए निष्कासन नहीं ! @AnandAkash_BSP
1-BSP की राष्ट्रीय अध्यक्ष हम सब की आदर्श नेता सुश्री बहन @Mayawati जी आपसे बिन्रम अनुरोध है कल मुजफ्फरनगर क्षेत्र के निवासी भीम आर्मी के पूर्व संस्थापक सदस्य भाई उपकार बाबरा जी जिनके कल बसपा से निष्कासन की खबर काफी दुखद है बहुजन समाज के युवाओं की मांग है की भाई उपकार बरा जी को
2-पुनर्विचार कर पार्टी में वापस लिया जाए और उन्हें किसी अच्छे पद पर सुशोभित करके उनसे समाज में काम कराया जाए मैं समझता हूं उन्होंने जब से पार्टी में शामिल हुए बिना किसी भी स्वार्थ के बिना किसी पद के भी पार्टी का काम किया है और वह यदि किसी सीट से चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उन्हें