@komal323232 शारिरिक परिवर्तन होता तब शरीर मे किसी भी रूप में कहीं कुछ हो सकता अपने पीछले 3दिन र्से 20 से ३ ० दिनों तक शरीर की प्रवृत्तियां पर ध्यान करें व समझे व निदान करे
@PrarthaSingh83 चलती ट्रेन मे चढ़ना नहीं चाहिए । ट्रेन में चाहे परिजन हो चाहे सामाने हो । छुट रहा हो ट्रेन को भागकर पकड़ने की कोशिश करके जवानी के जोश वाली करतबें ना करें युवा साथी🙏 मोबाइल सबके पास होता है https://t.co/n0HgXlrL8Q C
@Lata_5M प्राणी जीव जंतुओं के इस रहस्य को रहस्य रहने दो । अच्छा बुरा कुछ नहीं होता सिर्फ सामाजिक प्राणी की इस रहस्य के बारे मे गंदी सोच के कारण सेक्स संबंधी उन्माद के रहस्य सबको भदे .व गंदे की नजर से आंकते है ये रहस्य ही संसार का सार है। यदि सेक्स जैसे शब्द को गलत आंकते ये कदापि ना हो
@meVarsha_ ऐसे देखने के लिए करोड़ो लोग लाइक करेंगे ये है पुरुषकी मानसिकता इसके साथ स्त्री भी लाइक करेगी यानि ऐसे के followers ज्यादा होगे दान करुणा दया मदद के फोटो व रील व ज्ञान की बातों को लाइक करने वाले इके दुके मिलेंगे
@Chananigodara जवानी की आग ज्वाला में तब्दील हो तो ऐसे कपल को किसी प्रकार की शर्म व किये का पछतावा भी नहीं रहता ये तो शराब की बोतल पीने के बाद होश नही बेहोस हो जाता जब नशा उतरेगा तब ही ग्लानि जरूर महसूस कर सकते है हमने जाहिर में ये क्या कर दिया
@shivaniqueen07 भगवान कहो या प्रकृति कहो हमको सबने नंगा ही पैदा किया है बस फर्क इतना है एक सामाजिक मर्यादा होती है उसका उल्लंघन कर रही हो अपनी जवानी पर इतरा रही हो । यदि इतना ही ओर ज्यादा शोक चढ़ा है शरीर प्रदर्शन का अंग्रेजों के रूप ब्रा व पेन्टी ही काफी है तुम्हारे ऐसे भद्दे प्रदर्शन को देखकर
🚨 जनहित | रेल यात्रा में पहचान पत्र नियम पर स्पष्टता जरूरी
@AshwiniVaishnaw@RailMinIndia@RailMadad@IRCTCofficial
रेलवे द्वारा यह कहा जा रहा है कि
ट्रेन यात्रा के दौरान **“वैध पहचान पत्र”** अनिवार्य होगा,
लेकिन अभी तक यह **स्पष्ट नहीं किया गया** है कि
यह “वैध” पहचान आखिर किन दस्तावेज़ों को माना जाएगा।
❓ सबसे बड़ा सवाल —
• क्या अब **DigiLocker** में उपलब्ध आधार, पैन आदि मान्य नहीं होंगे?
• क्या **mAadhaar** जैसे भारत सरकार द्वारा सत्यापित ऐप्स को
रेलवे मान्यता नहीं देगा?
अगर —
✔ DigiLocker
✔ mAadhaar
जैसे सरकारी, वेरिफाइड डिजिटल प्लेटफॉर्म मान्य नहीं हैं,
और केवल **मूल (फिजिकल) कार्ड** ही जरूरी होगा,
तो फिर इन डिजिटल सरकारी ऐप्स का उद्देश्य ही क्या रह जाएगा?
📌 जमीनी हकीकत —
• कई यात्री आज डिजिटल पहचान पर निर्भर हैं
• बुजुर्ग, छात्र, कामकाजी लोग हर समय मूल कार्ड साथ नहीं रखते
• नेटवर्क, स्टेशन की भीड़ और जल्दबाजी में
मूल दस्तावेज़ भूल जाना आम बात है
👉 इसलिए जनहित में मांग है —
रेलवे **स्पष्ट रूप से जारी करे** कि —
• “वैध पहचान पत्र” की परिभाषा क्या है
• DigiLocker और mAadhaar मान्य हैं या नहीं
• यात्रियों को किस आधार पर बिना टिकट मानने की कार्रवाई होगी
स्पष्ट नियम नहीं होंगे,
तो यात्रियों में भ्रम, डर और अनावश्यक दंड बढ़ेगा।
रेलवे से अपेक्षा है कि
डिजिटल इंडिया की भावना के अनुरूप
**डिजिटल पहचान को भी पूर्ण मान्यता** दी जाए।
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@Ramesh_Jarawata
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