बिहार में दिखा जल का बवंडर 🌪️
यह खासकर अमरीका और कनाडा में देखा जाता है और यहाँ 70-80 के दशक में ये ज्यादा होता था, इसीलिए इसे हथिया नक्षत्र कहा जाता है। हाथी की सूड की तरह दिखता है। यह बिहार के समस्तीपुर जिला अंतर्गत मोहड्डीनगर प्रखंड का वीडियो बताया जा रहा है।
समस्तीपुर जिले के मोरवा प्रखंड अंतर्गत चक सिकंदर पंचायत के वार्ड संख्या एक में गरीब महिला स्त्री पुरुषों ने ऐतिहासिक कदम उठाया। जो काम पुलिस नहीं कर सकी,वह काम गरीब आम जनों ने कर दिखाया। दारू और गांजा की दुकान को गरीब महिलाओं, स्त्री पुरुषों ने जुट कर, तोड़ ताड़ कर नष्ट किया।एक सौ लीटर देशी विदेशी शराब को तोड़ फोड़ कर नष्ट कर दिया। जब आम जनता शराब बंदी का फायदा और नुकसान समझेगी, तभी जाकर शराब बंदी पूरी तरह सफल हो सकेगा। आम जनों की ऐसी ही जागरूकता और ऐसे ही दृश्य के लिए राष्ट्रकवि दिनकर ने लिखा था,
अब जनता के रथ का घर-घर नाद सुनो !
सिंहासन खाली करो कि जनता आती है!
ED चीफ़ को बचाने पहुँची केंद्र सरकार ,,
सुप्रीम कोर्ट, नवंबर तक का समय मांगा
I.N.D.I.A' को तोड़ने की प्लानिंग तैयार ,
10 बड़े नेताओं को जेल भेजने की हो रही है,
साजिश , पूरा वीडियो , पुण्य प्रसून वाजपेई
जी के यूट्यूब चैनल पर देखें ।
@Jduonline@RJDforIndia
Manipur हिंसा से देश शर्मसार
मौन व्रत कब खोलेगी Modi सरकार।
मणिपुर में महिलाओं के साथ हैवानियत और हत्याओं के ख़िलाफ़ AAP का राष्ट्रव्यापी प्रचंड प्रदर्शन🔥
#AAPStandsWithManipur
@BJP4Bihar और एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण पुलवामा भी….सेना पर सीधे हमलों का ये सिलसिला आज थम नहीं रहा है….
INDIA अब ऐसे छद्म राष्ट्रवादियों को नहीं चुनेगा, क्योंकि राष्ट्रीय संस्थानों पर अधिकांश बड़े हमले केवल इनकी सत्ता रहते ही हुए हैं.
@BJP4Bihar एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण कारगिल हुआ, एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण संसद पर हमला, एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण पठानकोट एयरबेस पर हमला, एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण उरी अटैक, एक इंटेलिजेंस फ़ेलियर के कारण श्रीनगर एयर बेस पर ड्रोन अटैक
सुना है पुलवामा अटैक से छ: माह पहले RSS के राम माधव कश्मीर में, फिर 2019 लोकसभा / मणिपुर विधान सभा चुनाव से पहले भी छ: महीने मणिपुर में और इस हादसे से पहले भी छ: महीने के लगभग मणिपुर में डेरा डाले हुए थे.
संयोग ही है क्या?
BJP के इन महासचिव का सरकार में दख़ल कितना और क्यों?
वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने राज्य सभा में इसकी जानकारी दी। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब सरकारी कर्मियों के वेतन बढ़ोत्तरी के लिए गठित होनी वाली वेतन आयोग से सरकार ने पल्ला झाड़ दिया। *#पेंशन पहले ले ली, अब वेतन का नंबर भी लग गया। अगर संगठित नहीं हुए तो अगला नंबर नौकरी का ह
केंद्र सरकार ने देश के सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों को बहुत बड़ा झटका दिया है। समाजवादी पार्टी के सांसद जावेद अली खान के प्रश्न के लिखित जवाब में राज्य सभा सदन के भीतर केंद्र सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा कि आठवां वेतन आयोग गठित करने का कोई विचार नहीं है।